इस्लामाबाद, आइएएनएस। अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (International Monetary Fund) ने पाकिस्तान (Pakistan) को चीन (China) पर निर्भरता कम करने की नसीहत दी है। पाकिस्तान के दौरे पर आए आइएमएफ (IMF) दल ने कहा है कि इस देश को चीन पर अपनी कारोबारी और वाणिज्य निर्भरता कम करना चाहिए। साथ ही, अन्य देशों के साथ भी मुक्त व्यापार समझौते करने पर विचार करना चाहिए।

आइएमएफ का एक दल गत दो फरवरी से इस्लामाबाद में है। यह दल छह अरब डॉलर (करीब 42 हजार करोड़ रुपये) के बेलआउट समझौते के तहत पाकिस्तान के प्रदर्शन की समीक्षा करने आया है। इस बेलआउट पैकेज के लिए गत जुलाई में समझौता हुआ था। यह आर्थिक मदद पाकिस्तान की बदहाल अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए दी गई है। पाकिस्तान आइएमएफ के अलावा चीन और कई खाड़ी देशों से भी बड़ी आर्थिक मदद ले चुका है।

न्यूज इंटरनेशनल अखबार के अनुसार, आइएमएफ दल और पाकिस्तानी अधिकारियों के बीच राजस्व बढ़ाने के मसले पर चर्चा हुई। वित्त मंत्रालय के सूत्रों ने बताया कि चीन पर पाकिस्तान की ज्यादा निर्भरता में कमी लाने के मसले पर दोनों पक्षों में मतभेद देखने को मिला। वित्त मंत्रालय के अधिकारियों ने हालांकि किसी तरह के मतभेद से इन्कार किया है।

पाकिस्तान की बढ़ रही है चीन पर निर्भरता

उल्लेखनीय है कि चीन पर पाकिस्तान की निर्भरता निरंतर बढ़ती जा रही है। 60 अरब डॉलर (करीब चार लाख 20 हजार करोड़ रुपये) की लागत से चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारे (सीपीईसी) का निर्माण किया जा रहा है। पाकिस्तान इस तरह के तमाम प्रोजेक्ट के लिए चीन से कर्ज ले रहा है। अमेरिका भी आगाह कर चुका है कि पाकिस्तान चीनी कर्ज के जाल में फंस सकता है।

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