इस्‍लामाबाद, एजेंसी । अमेरिकी एयर स्‍ट्राइक में शीर्ष ईरानी कमांडर कासम सुलेमानी की मौत के बाद पाकिस्‍तान ने बहुत सधी हुई प्रतिक्रिया दी है। पा‍किस्‍तान के चीफ ऑफ आर्मी स्‍टाफ जनरल कमर जावेद बाजवा ने अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पोम्पिओ के साथ बातचीत में कहा कि शीर्ष ईरानी कमांडर कासम सोलेमानी की मौत के बाद अमेरिका को अधिकतम संयम बरतने की जरूरत है। उन्‍होंने कहा कि अब सारे मसले पर सकारात्‍मक जुड़ाव की जरूरत है।

डॉन न्यूज के मुताबिक जावेद बाजवा ने अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पोम्पिओ की ओर से टेलीफोन पर वार्ता किया। उन्‍होंने सुलेमानी की हत्‍या के बाद मध्य पूर्व एशिया में उपजे ताजा हालात पर चर्चा की। उन्‍होंने इसके बाद इसके बाद संभावित प्रभावों पर भी विस्‍तार से वार्ता की। बाजवा ने कहा कि अब अमेरिका को संयम बरतने की खास जरूरत है। उसे अब मध्‍य एश्यिा में सकारात्‍मक पहल करने की जरूरत है।

इस बीच सुलेमानी की मौत के बाद क्षेत्र में बढ़े तनाव के बीच पाकिस्तान में अमेरिकी दूतावास को खास निर्देश जारी किए गए हैं। अमेरिकी दूतावास ने सरकारी अधिकारियों की यात्रा पर प्रतिबंध लगा दिया गया है।पाकिस्तान में अमेरिकी दूतावास को सूचित किया गया, 'इराक में हाल की घटनाओं पर संभावित प्रतिक्रियाओं को देखते हुए अमेरिकी दूतावास ने सरकारी कर्मचारियों की यात्रा को प्रतिबंधित कर दिया है। अमेरिका में संभावित प्रदर्शनों और संदिग्ध गतिविधि के लिए अपने आसपास की निगरानी के लिए पाकिस्तान में वाणिज्य दूतावास पर नजर बनाए हुए है।

इस बीच अमेरिका ने कहा है कि सुलेमानी की मौत के बाद वाशिंगटन हजारों अतिरिक्त सैनिकों को मिडिल ईस्ट क्षेत्र में तैनात करेगा। अमेरिकी रक्षा अधिकारी ने बताया कि ईरानी कमांडर जनरल कासिम सुलेमानी की हत्या करने वाले हवाई हमले के बाद और ईरान के साथ बढ़ते तनाव के बीच अमेरिका मध्य-पूर्व(मिडिल ईस्ट) में हजारों अतिरिक्त सैनिकों को तैनात करेगा। समाचार एजेंसी इएएनस के मुताबिक, अमेरिका मध्य पूर्व में लगभग 3,500 और सैनिकों को तैनात करेगा। पेंटागन ने भी अतिरिक्त सैनिकों की तैनाती की पुष्टि की है।

सीएनएन ने बताया कि अमेरिकी सेना की तत्काल प्रतिक्रिया बल इकाई(यूनिट)से सैनिकों की अतिरिक्त तैनाती की गई है। इससे पहले अमेरिका ने बगदाद में उनके दूतावास पर हिंसक विरोध प्रदर्शन के बाद इसी सैन्य यूनिट से 750 सैनिकों को तैनात किया था। समाचार एजेंसी सिन्हुआ की रिपोर्ट के मुताबिक, 82वें एयरबोर्न डिवीजन से आने वाले  इन अतिरिक्त सैनिकों को इराक, कुवैत और क्षेत्र के अन्य हिस्सों में तैनात किया जाएगा। 

इसके पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने शनिवार को कहा कि अमेरिकी सेना द्वारा ईरानी कमांडर सुलेमानी की हत्या का उद्देश्य 'युद्ध को रोकना था, न कि युद्ध शुरू करना।' आगे कहा गया, 'ब्रिगेड कुवैत को अमेरिकी कर्मियों और सुविधाओं के खिलाफ बढ़ते खतरे के स्तर के जवाब में एक उपयुक्त और एहतियाती कार्रवाई के रूप में तैनात करेगी, और रिजर्व के पुनर्गठन में सहायता करेगी।' गौरतलब है कि ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई और राष्ट्रपति हसन रूहानी ने  जनरल सुलेमानी की मौत पर अमेरिका के खिलाफ जोरदार पलटवार करने की कसम खाई है। 

 यह भी पढ़ें: जानिए आखिर अमेरिका ने ईरान में हमला करने के लिए क्यों चुनी सिर्फ 52 जगहें

 

Posted By: Ramesh Mishra

डाउनलोड करें जागरण एप और न्यूज़ जगत की सभी खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस