विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 12, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

पीएम मोदी ने मार्सिले पहुंचते ही वीर सावरकर को क्यों किया याद? वजह है बेहद खास

Published: Wed, 12 Feb 2025 05:02 PM (IST)Updated: Wed, 12 Feb 2025 05:57 PM (IST)

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने फ्रांस के मार्सिले शहर में भारतीय वाणिज्य दूतावास का उद्घाटन किया। पीएम मोदी ने मार्सिले पहुंचने ...और पढ़ें

पीएम मोदी ने मार्सिले पहुंचते ही किया वीर सावरकर को किया याद। (फोटो- रॉयटर्स)
पीएम मोदी ने मार्सिले पहुंचते ही किया वीर सावरकर को किया याद। (फोटो- रॉयटर्स)

HighLights

  1. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज मार्सिले में वीर सावरकर को याद किया।
  2. मार्सिले में पीएम मोदी ने भारतीय वाणिज्य दूतावास का उद्घाटन किया।

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस समय फ्रांस के दौरे पर हैं। यहां से वे अमेरिका के लिए रवाना होंगे। अपने दो दिवसीय दौरे के दूसरे दिन पीएम मोदी फ्रांस के बंदरगाह शहर मार्सिले पहुंचे। यहां पर उन्होंने भारतीय वाणिज्य दूतावास का उद्घाटन किया।

फ्रांस के मार्सिले शहर में पीएम मोदी ने स्वतंत्रता सेनानी वीडी सावरकर की स्मृति में श्रद्धांजलि अर्पित की। मार्सिले में उन्होंने विनायक दामोदर सावरकर को याद किया। पीएम मोदी ने वीर सावरकर की तारीफ भी की। जानकारी दें कि मार्सिले से वीडी सावरकर का एक विशेष अध्याय जुड़ता है।

प्रधानमंत्री ने क्या कहा?

पीएम मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट किया और लिखा, "भारत की स्वतंत्रता की खोज में इस शहर का विशेष महत्व है। यहीं पर महान वीर सावरकर ने साहसपूर्वक भागने का प्रयास किया था। मैं मार्सिले के लोगों और उस समय के फ्रांसीसी कार्यकर्ताओं को भी धन्यवाद देना चाहता हूं जिन्होंने मांग की थी कि उन्हें ब्रिटिश हिरासत में न सौंपा जाए। वीर सावरकर की बहादुरी आज भी पीढ़ियों को प्रेरित करती है!"

मार्सिले शहर और वीर सावरकर

जानकारी के अनुसार ब्रिटिश औपनिवेशिक शासन के दौरान सावरकर ने 8, जुलाई, 1910 को अंग्रेजों की कैद से भागने की कोशिश की थी। कहा जाता है कि जब सावरकर को मुकदमे के लिए ब्रिटिश जहाज मोरिया से भारत लाया जा रहा था, इसी दौरान उन्होंने कूदने की कोशिश की।

माना जाता है कि सावरकर ने जहाज के ‘पोर्टहोल’ (जहाज की एक छोटी सी गोलाकार खिड़की) से फिसलकर बाहर निकलने की कोशिश की। इसके बाद वह तैरकर तट तक पहुंचने में भी कामयाब रहे।

हालांकि, फ्रांसीसी अधिकारियों ने उनको पकड़ लिया और फिर उन्हें ब्रिटिश जहाज अधिकारियों की हिरासत में फिर से भेज दिया। इसके बाद एक बड़ा कूटनीतिक विवाद भी खड़ा हुआ था। बाद में विनायक दामोदर सावरकर को अंडामान-निकोबार द्वीप समूह की सेल्युलर जेल में आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई।

AI Action Summit को पीएम मोदी ने किया संबोधित

उल्लेखनीय है कि मंगलवार को पीएम मोदी ने पेरिस में एआई एक्शन समिट को संबोधित किया। उनके विचारों की अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने भी जमकर प्रशंसा की। प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में बताया कि कैसे AI हमारे दैनिक जीवन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि हमें अपने संसाधनों और प्रतिभाओं को एक साथ लाना चाहिए और ओपन सोर्स सिस्टम विकसित करना चाहिए जो विश्वास और पारदर्शिता को बढ़ाए और दुनिया को लाभ पहुंचाने के लिए पूर्वाग्रहों से मुक्त गुणवत्ता वाले डेटासेट विकसित करें। एआई को लोगों पर केंद्रित अनुप्रयोगों के बारे में होना चाहिए। हमें साइबर सुरक्षा, गलत सूचना और डीप फेक से संबंधित चिंताओं को दूर करना चाहिए।

यह भी पढ़ें: फ्रांस में PM मोदी ने भारतीय वाणिज्य दूतावास का किया उद्धाटन, मार्सिले शहर भारत के लिए क्यों है अहम?

यह भी पढ़ें: PM Modi America Visit: 14 गेस्ट रूम और 34 बाथरूम वाले इस बिल्डिंग में ठहरेंगे पीएम मोदी, देखिए अंदर का नजारा