अमेरिका ने ईरान के केश्म द्वीप पर किया हमला, ट्रंप बोले- छोटी कार्रवाई
अमेरिकी मध्यावधि चुनाव के बाद ईरान के केश्म द्वीप पर नए अमेरिकी हमले हुए, जिसे ट्रंप ने 'छोटी कार्रवाई' बताया।

अमेरिका ने ईरान के डिफेंस सिस्टम को बनाया निशाना (फोटो-रॉयटर्स)
HighLights
अमेरिकी मध्यावधि चुनाव के बाद ईरान पर नए हमले।
ट्रंप ने इसे 'छोटी कार्रवाई' बताया, ईरान ने धमाके सुने।
ईरान ने 260 अमेरिकी विमान मार गिराने का दावा किया।
जागरण न्यूज नेटवर्क, नई दिल्ली। अमेरिकी मध्यावधि चुनाव पूरे होने के बाद पश्चिम एशिया में एक बार फिर तनाव के बादल गहराने लगे हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने कहा है कि शुक्रवार को ईरान के डिफेंस सिस्टम को निशाना बनाते हुए नए सीमित हमले किए गए।
उधर, ईरानी मीडिया के अनुसार, केश्म द्वीप के सूजा इलाके में दो धमाके सुने गए। इस क्षेत्र को तेल निर्यात के लिए अहम समुद्री मार्ग माना जाता है।
मिडटर्म इलेक्शन के बाद ईरान पर फिर हुआ हमला
एपी के अनुसार, मध्यावधि चुनाव के बाद ये ईरान पर हुआ पहला हमला है। पत्रकारों से बातचीत में ट्रंप ने इसे छोटी कार्रवाई बताया। उन्होंने कहा कि ईरान ने एक एंटी-एयरक्राफ्ट डिवाइस तैयार कर ली थी, जिसे अधिकतम 15 मिनट में ध्वस्त कर दिया गया। उन्होंने दावा किया कि इस संघर्ष में पिछले पांच महीने में किसी की भी जान नहीं गई है।
बता दें कि इससे पहले सोमवार को भी अमेरिकी सेना ने होर्मुज स्ट्रेट में स्थित केश्म द्वीप और हेंगम व बंदर अब्बास में हमले किए थे। कतर ने ईरान को भेजे नए प्रस्ताव इससे पहले शुक्रवार को पश्चिम एशिया की दो सरकारों के अधिकारियों ने कहा कि मुख्य मध्यस्थ कतर की तरफ से ईरान को भेजे गए प्रस्ताव की समीक्षा की जा रही है।
कतर का प्रयास ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर दोनों देशों के बीच मतभेदों को दूर करने का है। हालांकि, ईरान अपनी शर्तों के पालन के बाद ही अमेरिका से बातचीत पर जोर दे रहा है।
उधर, अमेरिकी सेंट्रल कमांड, सेंटकॉम, ने एक्स पर शुक्रवार को घोषणा की कि ईरान के परमाणु कार्यक्रम, जिसमें परमाणु केंद्र, उपकरण और इससे जुड़े विज्ञानी समुदाय या इससे जुड़ी किसी तरह की गतिविधि की पुख्ता जानकारी देनेवाले को अमेरिका की तरफ से दो करोड़ डॉलर का पुरस्कार दिया जाएगा। इस पोस्ट के साथ विदेश विभाग का एक लिंक भी दिया गया था।
ईरान का दावा- 260 अमेरिकी ड्रोन व विमान मार गिराए
एएनआइ के अनुसार, ईरान ने दावा किया है कि उसने अमेरिका के सैकड़ों एयरक्राफ्ट मार गिराए हैं, जिनमें एफ-35, एफ-16, एफ-5 और एफ-18 लड़ाकू विमानों के साथ-साथ एमक्यू-1, आरक्यू-4, ऑर्बिटर और लुकास ड्रोन शामिल हैं।
मेहर समाचार एजेंसी की रिपोर्ट के मुताबिक, इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कार्प्स (आइआरजीसी) के प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल होसैन मोहेब्बी ने दावा किया कि अमेरिका-ईरान संघर्ष के दौरान देश ने दुश्मन के 260 विमानों को मार गिराया।
उन्होंने कहा कि ये हमारी तकनीकी बढ़त है कि हमने दुश्मन के सात एमक्यूएम-170 टोही ड्रोनों को बगैर कोई नुकसान पहुंचाए अपनी सीमा में सुरक्षित उतारकर जब्त कर लिया।
उन्होंने कहा कि फिर से युद्ध छिड़ा तो हम दुश्मन को अपनी नई क्षमताओं से परिचित कराते हुए चौंकाएंगे। उन्होंने कहा कि हमने हथियारों के निर्यात पर भी ध्यान केंद्रित किया है। अब तक अरमान मिसाइल, 358 ड्रोन और खोरदाद-3 एयर डिफेंस सिस्टम को अंतरराष्ट्रीय बाजारों में पहुंचा दिया है।
समुद्री माइंस से टकराया तेल टैंकर, लगी आग
आइएएनएस के अनुसार, ईरानी नौसेना ने शनिवार को दावा किया कि अवैध रास्ते से होर्मुज स्ट्रेट पार करने का प्रयास कर रहा एक तेल टैंकर समुद्री माइंस की चपेट में आ गया। विस्फोट के बाद टैंकर में आग लग गई।
हालांकि, इस घटना के संबंध में अधिक जानकारी साझा नहीं की गई। इस बीच, आइआरजीसी ने कहा कि उसके एयरोस्पेस डिवीजन ने नई भूमिगत मिसाइल और ड्रोन उत्पादन सुविधाएं स्थापित की हैं और वह लगातार अपनी मिसाइलों की मारक क्षमता बढ़ा रहा है।
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