कीव, रायटर : रूसी तेल पर बाध्यकारी मूल्य लागू होने के दिन ही रूसी सेना ने यूक्रेन में मिसाइलों की बौछार कर दी। ताजा हमलों में दो लोग मारे और तीन लोग घायल हुए हैं, कई भवन भी नष्ट हुए हैं। बिजली संयंत्रों पर हमले से यूक्रेन के बड़े इलाके में फिर से अंधेरा छा गया है। इसके कारण दिन-रात संयंत्रों की मरम्मत का हुआ कार्य बेमानी हो गया है। सोमवार को राजधानी कीव और देश के प्रमुख शहरों में हवाई हमले से बचाव के लिए सावधान करने वाले सायरनों की आवाज एक बार फिर गूंजी। कीव में भूमिगत निर्माणों के अतिरिक्त हजारों लोग अंडरग्राउंड मेट्रो टनल में जा छिपे।

जपोरीजिया शहर में मिसाइलों के हमले में कई भवन नष्ट हुए

शून्य से पांच डिग्री सेल्सियस कम तापमान में बच्चे, बुजुर्ग और अन्य नागरिक बिजली-पानी की किल्लत झेलते हुए रहने के लिए मजबूर हैं। जपोरीजिया शहर में मिसाइलों के हमले में कई भवन नष्ट हुए हैं। वहीं पर लोग मारे गए हैं और घायल हुए हैं। ओडेसा में हमले के बाद पंपिंग स्टेशन ने जलापूर्ति भंग हो गई। वहां पर आपूर्ति करने वाली पाइप लाइनों को नुकसान हुआ है। जबकि मीकोलईव और उसके आसपास के इलाके की बिजली चली गई है।

रूसी हमले के चलते यूक्रेन की विद्युत व्यवस्था के साथ ही इंटरनेट व्यवस्था को भी नुकसान हुआ है। हमले के बाद कई शहरों में इंटरनेट कनेक्टिविटी भंग हो गई। राष्ट्रपति भवन और अन्य वरिष्ठ अधिकारी ताजा हमले से हुए नुकसान का जायजा ले रहे हैं। ताजा रूसी हमले से पड़ोसी देश माल्दोवा की विद्युत व्यवस्था भी प्रभावित हुई है। इस छोटे से देश के कुछ क्षेत्रों में यूक्रेन से ही बिजली की आपूर्ति होती है।

रूस के दो वायुसेना अड्डों में धमाके, तीन मरे

रूस में वायुसेना के दो अड्डों में तेज धमाके होने की खबर है। इन धमाकों में तीन लोग मारे गए हैं और कई घायल हुए हैं। जिन वायुसेना अड्डों में धमाके की आवाज सुनी गई उनमें से एक में परमाणु हथियार लेकर हमला करने में सक्षम बमवर्षक विमानों की तैनाती है। सरकारी समाचार एजेंसी आरआइए के अनुसार रियाजान स्थित अड्डे में हुए धमाके में छह लोग घायल हुए हैं। वहां पर एक तेल टैंकर में विस्फोट होने से हादसा हुआ। सारातोव क्षेत्र के गवर्नर रोमन बुसार्गिन ने कहा है कि आपातस्थिति नहीं है।

वायुसेना अड्डे के नजदीक रहने वाली आबादी को चिंता करने की जरूरत नहीं है, वे पूरी तरह से सुरक्षित हैं। किसी नागरिक ठिकाने को भी नुकसान नहीं हुआ है। दूसरा हादसा एंजेल्स वायुसेना अड्डे पर हुआ। यह रूसी वायुसेना के बमवर्षकों की तैनाती वाला प्रमुख अड्डा है। इसके अतिरिक्त अमूर स्थित वायुसेना अड्डे पर ही बमवर्षकों की कमान है। दोनों अड्डों पर 60-70 बमवर्षक हमले के लिए तैयार स्थिति में रहते हैं। ये परमाणु हथियारों और परमाणु हथियार लिए क्रूज मिसाइलों से लैस रहते हैं। दोनों ही वायुसेना अड्डे यूक्रेन से सैकड़ों किलोमीटर दूर हैं, इसलिए इनमें हुए धमाकों में यूक्रेन के शामिल होने के आसार बहुत कम हैं। 

यह भी पढ़ें: रूस और यूक्रेन युद्ध जार्जिया के लिए कैसे बन गया सोने का अंडा देने वाली मुर्गी, जानें- पूरा केस हिस्‍ट्री

Edited By: Piyush Kumar

जागरण फॉलो करें और रहे हर खबर से अपडेट