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नेपाल में तबाही के बीच यूं ही नहीं खड़ा रहा हरा घर, चमत्कार नहीं इंजीनियरिंग का था कमाल

Published: Mon, 31 Aug 2026 04:09 PM (GMT+05:30)

नेपाल में भीषण बाढ़ और तबाही के बीच एक हरा मकान चमत्कारिक रूप से सुरक्षित खड़ा रहा, जबकि आसपास सब ...और पढ़ें

HighLights

  1. बाढ़ में भी सुरक्षित खड़ा रहा प्रबलित कंक्रीट का मकान

  2. मजबूत इंजीनियरिंग ने पानी और मलबे का दबाव झेला

  3. कंक्रीट और स्टील रॉड का सही संयोजन महत्वपूर्ण है

डिजिटल डेस्क, काठमांडू। नेपाल में आई भीषण बाढ़ और तबाही के बीच बड़े-बड़े पत्थर, घर, ब्रिज तिनके की तरह बह गए, लेकिन इस बीच मलबे से घिरा एक हरा मकान चमत्कारिक रूप जस का तस खड़ा रहा। चारों तरफ मौत की तबाही के बीच इस मकान के भीतर मौजूद लोग सुरक्षित बच गए।

इस मकान का वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है, कुछ लोग इसे महज संयोग बता रहे हैं तो कुछ लोग मकान के इंजीनियर का कमाल बता रहे हैं, जिसके कारण मकान को नुकसान नहीं पहुंचा। ऐसे में चलिए जानते हैं कि आखिर इस मकान में ऐसा क्या था, जिसके चलते इस भीषण तबाही के मकान के बीच मकान सुरक्षित बच गया।

जानकारी के अनुसार, यह घर शायद बाढ़ और सबसे तेज बहाव वाले धारे से थोड़ा दूर था और उसके चारों तरफ कीचड़ और मलबा आ जाने से पानी की दिशा बदल गई। जिसके चलते वह हरा घर सुरक्षित बच गया।

पत्थर कि चिकनाई पर बने होते हैं घर

आर्किटेक्चर प्रेजेंटेशन के एक्स अकाउंट पर मिली जानकारी के अनुसार, नेपाल की हिमालयी घाटियों में अधिकांश घर प्रबलित कंक्रीट फ्रेम के बिना पत्थर की चिनाई से बने होते हैं। लेकिन जब भूस्खलन, मलबे या पानी का पार्श्व दबाव पड़ता है, तो ये अंदर की ओर ढह जाते हैं।

इसमें कहा गया है कि मानक मकानों के डिजाइन ऊर्ध्वाधर भार सहन कर सकते हैं। हालांकि, पार्श्व दबाव के कारण ऐसी संरचनाएं अंदर की ओर ढह जाती हैं। हालांकि, यह घर प्रबलित कंक्रीट के ढांचे पर बनाया गया था।

बीमों और नींव को आपस में बांधने के लिए लगातार स्टील की छड़ों का उपयोग किया गया था, जिससे एक अटूट और मजबूत ढांचा तैयार हुआ। जब मिट्टी और पानी की भारी दीवार घर से टकराई, तो इस प्रबलित ढांचे ने पार्श्व बल को अवशोषित कर लिया और उसे सुरक्षित रूप से नीचे जमीन में स्थानांतरित कर दिया।

घर के सघन आकार के चलते पानी और मलबे का द्रव द्रव्यमान दो हिस्सों में विभाजित होकर घर के दोनों ओर से बह गया। शुरुआत में घर के आस-पास जमा हुई मिट्टी ने जल्दी ही एक प्राकृतिक ढलान बना दिया, जिसने बाद में आने वाले मलबे और पानी की लहरों को संरचना से दूर मोड़ दिया। पानी और मलबे की धारा सीध रास्ते में नहीं था, जिसके चलते घर पूरी तरह सुरक्षित बच गया।

कैसे बनाया जाता है मजूबत ढांचा?

यहां ध्यान देने वाली बात यह है कि सिर्फ कंक्रीट डाल देने से मकान मजबूत नहीं बन जाता। क्योंकि कंक्रीट दबाव सहने में तो मजबूत होता है, लेकिन खिंचाव और मोड़ वाले दबाव में लोहे की सरिया महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। इसलिए दोनों को मिलाकर ही इसका इस्तेमाल करना चाहिए।

इससे अगर बाहर से पानी या मलबे का दबाव आता है, तो मजबूत ढांचा उस ताकत को एक ही दीवार पर पड़ने देने के बजाय चारो तरफ बांट देता है।

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