यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 09, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
भारत ने श्रीलंका को सौंपी 75 बसें, सार्वजनिक यातायात बुनियादी ढांचा होगा मजबूत; पहले भी कर चुका है मदद
भारत ने नकदी संकट में फंसे श्रीलंका को सार्वजनिक यातायात ढांचे को मजबूत करने के लिए 75 यात्री बसें दी ...और पढ़ें

कोलंबो, पीटीआई। भारत ने नकदी संकट में फंसे श्रीलंका को सार्वजनिक यातायात ढांचे को मजबूत करने के लिए 75 यात्री बसें दी हैं। 1948 में ब्रिटेन से स्वतंत्रता मिलने के बाद सबसे खराब आर्थिक और मानवीय संकट से उबरने के लिए भारत ने अपनी 'नेबरहुड फर्स्ट' नीति के तहत श्रीलंका को यह सहायता दी है। श्रीलंका में भारतीय उच्चायोग ने कहा, 'श्रीलंका में आवाजाही और पहुंच को समर्थन देने को ध्यान में रखते हुए उच्चायुक्त ने परिवहन बोर्ड द्वारा उपयोग करने के लिए 75 बसें सौंपी हैं। सार्वजनिक यातायात बुनियादी ढांचा मजबूत करने की दिशा में भारतीय सहायता के माध्यम से श्रीलंका को 500 बसों की आपूर्ति की जा रही है।'
श्रीलंका पुलिस को दिया गया था125 एसयूवी
मालूम हो कि इससे पहले दिसंबर में लाइन आफ क्रेडिट के तहत भारत ने श्रीलंका पुलिस को 125 एसयूवी सौंपे थे। वाहनों के अभाव में पुलिस को आवाजाही में हो रही कठिनाई का समाधान करने के लिए भारत ने यह सहायता उपलब्ध कराई है। भारत ने जनवरी में श्रीलंका को 900 मिलियन अमरीकी डालर का ऋण देने की घोषणा की, ताकि वित्तीय संकट सामने आने के बाद उसके समाप्त हो चुके विदेशी भंडार का निर्माण किया जा सके।
भारत ने की थी क्रेडिट लाइन की पेशकश
भारत ने ईंधन खरीद के लिए श्रीलंका को 500 मिलियन अमेरिकी डॉलर की क्रेडिट लाइन की पेशकश की। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए क्रेडिट लाइन को बाद में बढ़ाकर 700 मिलियन अमेरिकी डॉलर कर दिया गया। मालूम हो कि 2022 की शुरुआत से ही आवश्यक वस्तुओं की भारी कमी के कारण सड़क पर विरोध प्रदर्शन के बाद आवश्यक और ईंधन आयात करने के लिए भारतीय क्रेडिट लाइन का उपयोग किया जा रहा है।