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'एपीजे अब्दुल कलाम को भी परोसा गया था शाकाहारी खाना', ब्रिक्स मेन्यू विवाद के बाद आइसलैंड के पूर्व राष्ट्रपति ने किया पोस्ट

Published: Mon, 14 Sep 2026 03:13 PM (IST)

ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में शाकाहारी भोजन परोसने को लेकर हुए विवाद के बीच, आइसलैंड के पूर्व राष्ट्रपति ने बताया कि ...और पढ़ें

ब्रिक्स मेन्यू विवाद के बाद आइसलैंड के पूर्व राष्ट्रपति ने किया पोस्ट(फोटो: राष्ट्रपति भवन डिजिटल लाइब्रेरी)

ब्रिक्स मेन्यू विवाद के बाद आइसलैंड के पूर्व राष्ट्रपति ने किया पोस्ट(फोटो: राष्ट्रपति भवन डिजिटल लाइब्रेरी)

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डिजिटल डेस्क, रेक्जाविक। ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में विदेशी मेहमानों को परोसे गए पूरी तरह से शाकाहारी मेन्यू की विपक्ष द्वारा आलोचना किए जाने के बीच आइसलैंड के पूर्व राष्ट्रपति ओलाफर रगनार ग्रिम्सन ने एक पुरानी घटना याद की है

उन्होंने बताया कि 2005 में जब तत्कालीन भारतीय राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम आइसलैंड की राजकीय यात्रा पर आए थे, तब उन्होंने भी कलाम को पूरी तरह से शाकाहारी भोजन परोसा था।

आइसलैंड के पूर्व राष्ट्रपति ने याद किया कलाम का दौरा

साल 1996 से 2016 तक आइसलैंड के राष्ट्रपति रहे ग्रिम्सन ने कलाम की पहली नॉर्डिक और आइसलैंड यात्रा की मेजबानी की थी।

इस विवाद के बीच उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि जब मैंने किसी नॉर्डिक देश की पहली यात्रा पर आए भारत के राष्ट्रपति की स्टेट डिनर के लिए मेजबानी की थी, तो मैंने भी पूरी तरह से शाकाहारी मेन्यू की पेशकश की थी। 20 साल से भी ज्यादा समय पहले और वो भी आइसलैंड में जहां शाकाहारी होना आसान नहीं है

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को भारत मंडपम में ब्रिक्स नेताओं के लिए डिनर की मेजबानी की थी। इस डिनर का मेन्यू पूरी तरह से भारतीय व्यंजनों पर आधारित था, जिसमें कई पारंपरिक और आधुनिक शाकाहारी डिश शामिल थीं।

मेहमानों को इस दौरान खांडवी, पनीर लबाबदार, गुच्छी मार्मिक, मिलेट पुलाव, मशरूम गलावटी और जलेबी जैसे स्वादिष्ट व्यंजन परोसे गए थे।

दुनिया पर थोप रहे अपनी पसंद: कांग्रेस

ब्रिक्स समिट के गाला डिनर में शाकाहारी भोजन परोसे जाने के एक दिन बाद रविवार को कांग्रेस ने भाजपा पर तीखा हमला बोला। कांग्रेस ने कहा कि बीजेपी अब दुनिया भर के गणमान्य व्यक्तियों पर अपनी बेहद समस्याग्रस्त खान-पान की प्राथमिकताएं थोप रही है। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने कहा कि 80 प्रतिशत भारतीय मांसाहारी हैं।

गांधी ने सोशल मीडिया पर लिखा कि रिकॉर्ड के लिए बता दूं, 80% भारतीय मांसाहारी हैं। भारत का मांसाहारी भोजन बहुत स्वादिष्ट होता है। वैसे ही, जैसे मेरी बहन के छोले भटूरे। इसके साथ ही उन्होंने डाइनिंग टेबल पर रखे छोले भटूरे की एक तस्वीर भी पोस्ट की।

क्या भारत की विविधता से शर्मिंदा है सरकार?

राहुल गांधी ने सीधे तौर पर ब्रिक्स डिनर का जिक्र नहीं किया, लेकिन कांग्रेस के मीडिया और पब्लिसिटी विभाग के प्रमुख पवन खेड़ा ने डिनर मेन्यू का स्क्रीनशॉट शेयर करते हुए बीजेपी पर हमला किया।

खेड़ा ने एक्स पर लिखा कि अपने साथी भारतीयों पर अपनी खान-पान की पसंद थोपने की बीजेपी की आदत पहले से ही बहुत समस्याग्रस्त है। अब, वे इसे एक कदम आगे ले जाते हुए दुनिया भर के गणमान्य लोगों पर अपनी पसंद थोप रहे हैं।

उन्होंने सवाल किया कि मोदी सरकार ने भारत की संस्कृति के मांसाहारी हिस्से को छिपाने का फैसला क्यों किया? क्या सरकार उस विविधता से शर्मिंदा है जो भारत की पहचान है?

खाने पर भी राजनीति कर रही कांग्रेस: बीजेपी

कांग्रेस की इस आलोचना पर प्रतिक्रिया देते हुए बीजेपी नेता और केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने कड़ा पलटवार किया। रिजिजू ने कहा कि मुझे विश्वास नहीं हो रहा है कि कांग्रेस पार्टी ब्रिक्स देशों के नेताओं को परोसे गए खाने के मेन्यू पर भी राजनीति कर रही है।

उन्होंने आगे कहा कि विदेशी मेहमानों ने भारतीय शाकाहारी व्यंजनों का पूरा आनंद लिया, जो विविध क्षेत्रीय परंपराओं के साथ बेहतरीन स्वाद और पोषण से भरपूर हैं।

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