हांगकांग, रायटर। हांगकांग में चीन की प्रतिनिधि कैरी लैम ने बुधवार को विवादित प्रत्यर्पण विधेयक वापस लेने का औपचारिक एलान कर दिया। यही वह विधेयक है जिसके विरोध में तीन महीने पहले हांगकांग में आंदोलन शुरू हुआ था, जो बाद में लोकतंत्र की मांग वाले आंदोलन में तब्दील हो गया।

इस विधेयक में प्रावधान था कि हांगकांग में दर्ज मुकदमे के लिए आरोपित को चीन ले जाकर वहां की कोर्ट में सुनवाई की जा सकती थी। हांगकांग के बड़े वर्ग ने माना कि यह उनकी लोकतांत्रिक मांगों को दबाने के चीन के षडयंत्र का हिस्सा है। पूर्व में प्रत्यर्पण विधेयक को चीन समर्थित सरकार ने स्थगित करने की घोषणा की थी लेकिन आंदोलन थमता न देख ताजा घोषणा की गई है।

लैम ने कहा, लगातार हो रही हिंसा से हमारी समाजिक बुनियादों को नुकसान हो रहा है, खासतौर पर कानूनी सत्ता को। लैम ने आंदोलनकारियों की पांच प्रमुख मांगों में शामिल इस मांग को मान लिया है लेकिन बाकी की चार मांगों के बारे में कुछ नहीं कहा। इन्हीं मांगों में एक लोकतांत्रिक अधिकार की मांग है। इन्हीं मांगों को लेकर छिड़े आंदोलन ने 70 लाख आबादी वाले हांगकांग को अस्त व्यस्त कर रखा है। आंदोलन में शामिल एक हजार से ज्यादा लोगों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। हांगकांग चीन का अर्ध स्वायत्त क्षेत्र है, जो सन 1997 में उसे ब्रिटेन से प्राप्त हुआ है।

कैथी पैसीफिक के चेयरमैन रिटायर
हांगकांग के आंदोलन में शामिल होने के आरोपों से घिरी कैथी पैसीफिक एयरलाइन के चेयरमैन जॉन स्लॉसर ने बुधवार को समय पूर्व अवकाश ग्रहण कर लिया। एयरलाइन पर हांगकांग के आंदोलन में शामिल अपने कर्मचारियों पर कार्रवाई का चीन सरकार का दबाव है। माना जा रहा है कि एयरलाइन के 27,000 कर्मचारी हांगकांग के आंदोलन में शामिल हैं या उसके प्रति समर्थन का भाव रखते हैं। 

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Posted By: Monika Minal

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