विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

फ्रांस हिंसा: प्रदर्शनकारी ई-बाइकों को क्यों बना रहे निशाना? अब तक 4 करोड़ से ज्यादा की बाइकें फूंकी

Published: Tue, 20 Oct 2026 04:58 PM (IST)

फ्रांस में बढ़ती महंगाई और सार्वजनिक सेवाओं की कमी के विरोध में पेरिस में हिंसा हुई। प्रदर्शनकारियों ने सैकड़ों इलेक्ट्रिक ...और पढ़ें

पेरिस में सैकड़ों इलेक्ट्रिक बाइकें जलाई गईं

पेरिस में सैकड़ों इलेक्ट्रिक बाइकें जलाई गईं

timer icon

समय कम है?

जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में

संक्षेप में पढ़ें

डिजिटल डेस्क,पेरिस। फ्रांस में बढ़ती महंगाई और सार्वजनिक सेवाओं के लिए अपर्याप्त फंड को लेकर चल रहे विरोध-प्रदर्शनों के बीच राजधानी पेरिस की सड़कों पर हिंसा की घटनाएं देखने को मिली हैं। अफरा-तफरी के माहौल में कई जगह इलेक्ट्रिक बाइकें जलती हुई दिखाई दीं।

इस सप्ताहांत ई-बाइकों के ढेर से काला धुआं और आग की लपटें उठती दिखीं, जबकि एक प्रदर्शनकारी को जलती हुई कार पर इलेक्ट्रिक बाइक फेंकते हुए भी देखा गया। शहर के प्रभावित इलाकों के वीडियो में सड़कों से धुआं, मलबा और जली हुई चीजें बिखरी पड़ी दिखाई दे रही हैं।

AFP_D3RF6GG

फ्रांस में ई-बाइकों को क्यों बना रहे निशाना?

इस हिंसा से साइकिल और स्कूटर सेवा देने वाली कंपनियों को भी भारी नुकसान पहुंचा है। देश भर में हुए विरोध प्रदर्शनों के दौरान सैकड़ों वाहन नष्ट हो गए या क्षतिग्रस्त हो गए हैं।

शेयर मोबिलिटी सेवा देने वाली कंपनी 'डॉट' (Dott) ने सोमवार को रॉयटर्स को बताया कि शनिवार को पेरिस में हुए विरोध प्रदर्शनों के दौरान, उनकी लगभग 300 इलेक्ट्रिक साइकिलें नष्ट हो गईं और 120 अन्य बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गईं।

अब तक 450000 डॉलर की ई-बाइकें फूंकी 

यह कंपनी फ्रांस की राजधानी में लगभग 6000 साइकिलें चलाती है। 'डॉट' ने यह भी बताया कि बोर्डो में साइकिल और स्कूटर समेत 80 वाहन नष्ट हो गए, जबकि ल्योन में 30 से 40 स्कूटर को आग लगा दी गई। कंपनी के अनुसार, कुल नुकसान लगभग 400000 यूरो (450000 डॉलर) का हुआ है।

एक अन्य ऑपरेटर, 'लाइम' (Lime) ने बताया कि पेरिस में हुए हंगामे के दौरान उसकी कुछ शेयर साइकिलें और स्कूटर जल कर नष्ट हो गईं। कंपनी के अनुमान के अनुसार, पेरिस में मौजूद उसके फ्लीट का लगभग 6% हिस्सा उन्हें गंवाना पड़ा।

AFP_D3LB6HX

प्रदर्शनों से पहले, 'लाइम' ने पुलिस के साथ मिलकर विरोध-प्रदर्शन वाले तय रास्तों से अपने वाहनों को हटा दिया था। इसके अलावा, कंपनी ने कई अधिक जोखिम वाले इलाकों में पार्किंग और राइडिंग पर रोक लगा दी थी और जैसे-जैसे हालात बदलते गए, वीकेंड के दौरान इन उपायों में बदलाव भी किए गए।

पेरिस में 'वेलिब मेट्रोपोल' बाइक-शेयरिंग सेवा चलाने वाली कंपनी 'स्मोवेंगो' (Smovengo) ने रॉयटर्स को बताया कि के हंगामे के दौरान, उसके लगभग 20000 वाहनों के बेड़े में से करीब 300 बाइकें जल कर नष्ट हो गईं या चोरी हो गईं। अन्य बाइकों के विपरीत, इनके वाहनों को फुटपाथ पर कहीं भी खड़ा करने के बजाय डॉकिंग स्टेशनों पर रखा जाता है।

हिंसा के दौरान ई-बाइक में आग क्यों लग रही है?

इलेक्ट्रिक बाइक में अक्सर लिथियम-आयन बैटरी का इस्तेमाल होता है, जिनमें आग लग सकती है और इनसे बहुत ज्यादा गर्मी और जहरीला धुंआ निकल सकता है। ऐसी आग तेजी से फैल सकती है, जिससे हिंसक प्रदर्शनों के दौरान जलती हुई ई-बाइक एक बड़ा सुरक्षा खतरा बन सकती हैं।

ऐसा कोई संकेत नहीं है कि जीवन-यापन की लागत और सार्वजनिक सेवाओं को लेकर हुए प्रदर्शनों के दौरान विशेष रूप से 'शेयर्ड-बाइक' (किराये पर मिलने वाली साइकिल) ऑपरेटरों को निशाना बनाया गया था।

हालांकि, पूरे पेरिस में हजारों साइकिलें सड़कों और डॉकिंग स्टेशनों पर मौजूद हैं। इससे प्रदर्शनकारियों के लिए इन्हें हासिल करना आसान हो गया और उन्होंने इनका इस्तेमाल बैरिकेड बनाने या इन्हें आग लगाने के लिए किया। फ्रांस में बड़े पैमाने पर दंगे और लूटपाट हुई।

HHHH

अब तक 3000 से ज्यादा दुकानों में लूटपाट 

सरकार के अनुसार, लिमोगेस शहर में टाउन हॉल को आग लगा दी गई, जबकि 3000 से ज्यादा दुकानों में लूटपाट की गई। कई शहरों में हिंसक समूहों की पुलिस के साथ झड़प भी हुई। अधिकारियों ने लगभग 2,400 लोगों को गिरफ्तार किया।

मैक्रों सरकार अशांति को रोकने के लिए कुछ नगर पालिकाओं में आंशिक कर्फ्यू लगाने पर भी विचार कर रही है। अधिकारियों ने कहा है कि पुलिस बल की संख्या बढ़ाई जाएगी, खासकर अगर अगले वीकेंड फिर से विरोध-प्रदर्शन शुरू होते हैं, हालांकि सरकार ने यह नहीं बताया है कि कितने अतिरिक्त पुलिसकर्मियों को तैनात किया जाएगा।

यह भी पढ़ें- यूरोप में महंगाई को लेकर प्रदर्शन: फ्रांस के कई शहरों में कर्फ्यू, इटली में रहने वाले भारतीयों के लिए भी एडवाइजरी जारी

यह भी पढ़ें- फ्रांस के प्रदर्शनों के बाद दिल्ली में एजेंसियां अलर्ट, JNU-DU समेत दिल्ली के कई शिक्षण संस्थान रडार पर