यूरोप में महंगाई को लेकर प्रदर्शन: फ्रांस के कई शहरों में कर्फ्यू, इटली में रहने वाले भारतीयों के लिए भी एडवाइजरी जारी
फ्रांस, इटली समेत यूरोप के कई देशों में हिंसक विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं। फ्रांस के कई शहरों में कर्फ्यू ...और पढ़ें


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डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। यूरोप में बढ़ती महंगाई और जनसुविधाओं की बदहाली के खिलाफ यूरोप के कई देशों में व्यापक विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए हैं। फ्रांस और इटली जैसे देशों में ये प्रदर्शन देखते ही देखते हिंसक झड़पों, आगजनी और तोड़फोड़ में बदल गए, जिसके बाद संबंधित सरकारों को कड़े प्रशासनिक कदम उठाने पड़े हैं।
फ्रांस के कई शहरों में लगा कर्फ्यू
फ्रांस में महंगाई और स्कूलों की खराब स्थिति के विरोध में शुरू हुआ आंदोलन बेहद उग्र हो गया है। उपद्रवियों ने दुकानों, सार्वजनिक संपत्तियों और सरकारी इमारतों को भारी नुकसान पहुंचाया। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रधानमंत्री सेबास्तियां लेकोर्नू ने चुनिंदा शहरों के कुछ हिस्सों में कर्फ्यू लागू करने के निर्देश दिए हैं।
देश के गृह मंत्री लॉरां नुनेज ने स्वीकार किया कि शनिवार को कई बड़े शहरों में हालात पुलिस के नियंत्रण से बाहर हो गए थे। नुनेज ने अपने पद से इस्तीफे की पेशकश भी की, जिसे राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने खारिज कर दिया।
राष्ट्रपति मैक्रों ने इस उपद्रव के लिए अल्ट्रा-लेफ्ट कार्यकर्ताओं को जिम्मेदार ठहराया है। आधिकारिक जानकारी के अनुसार, पुलिस अब तक 2400 से अधिक लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है और लगभग 3000 दुकानों को नुकसान पहुंचा है।
इटली में भारतीय नागरिकों के लिए एडवाइजरी
इटली में भी महंगाई के मुद्दे पर हो रहे प्रदर्शनों ने हिंसक रूप ले लिया है। प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने उपद्रव की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए कहा कि अपनी बात रखने के लिए प्रदर्शन करना नागरिकों का अधिकार है, लेकिन शहरों में आगजनी फैलाना कतई स्वीकार नहीं किया जा सकता।
हिंसा की घटनाओं को देखते हुए भारतीय दूतावास ने वहां रहने वाले भारतीयों के लिए एडवाइजरी जारी किया है। दूतावास ने सभी भारतीय नागरिकों को सतर्क रहने, भीड़भाड़ वाली जगहों और विरोध स्थलों से दूरी बनाए रखने तथा स्थानीय समाचारों पर नजर रखने की सलाह दी है।
अल्बानिया में सातवें दिन भी हिंसा जारी
अल्बानिया में भी हालात सामान्य नहीं हो सके हैं और वहां सातवें दिन भी हिंसक विरोध प्रदर्शन जारी रहा। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने सुरक्षाबलों पर पथराव किया और कई जगहों पर वाहनों व संपत्तियों में आगजनी की घटनाएं सामने आईं।
यूरोप भर में प्रदर्शन तेज होने के आसार
यूरोप में विरोध का यह दौर फिलहाल थमता नहीं दिख रहा है। छात्र और कर्मचारी संगठनों ने आने वाले हफ्तों में कई देशों में बड़े स्तर पर लामबंदी का एलान किया है। तय योजना के अनुसार, फ्रांस में 21 अक्टूबर और 5 नवंबर को बड़े प्रदर्शन होंगे।
इसके अलावा, इटली में 30 अक्टूबर, स्पेन में 11 नवंबर और बेल्जियम में 17 नवंबर को देशव्यापी प्रदर्शन आयोजित किए जाएंगे। वहीं पुर्तगाल में 24 नवंबर को संसद का घेराव करने की तैयारी की गई है।
