फ्रांस में प्रदर्शनों के दौरान उपद्रवियों का तांडव, आगजनी से ऐतिहासिक लिमोज टाउन हॉल तबाह
फ्रांस में बढ़ती महंगाई और सरकार विरोधी प्रदर्शनों का चौथा हफ्ता हिंसक हो गया है, जिसमें उपद्रवियों ने भारी तोड़फोड़ ...और पढ़ें

फ्रांस में हिंसक प्रदर्शनों से लिमोज का ऐतिहासिक टाउन हॉल क्षतिग्रस्त (फोटो-सोशल मीडिया)

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
डिजिटल डेस्क, पेरिस। फ्रांस में बढ़ती महंगाई और सरकार विरोधी प्रदर्शनों के चौथे हफ्ते में प्रवेश करते ही हिंसा और अराजकता बढ़ गई है। देश के अलग-अलग हिस्सों में हो रहे उग्र प्रदर्शनों के दौरान उपद्रवियों ने भारी तोड़फोड़ की है।
इसी कड़ी में, पेरिस से लगभग तीन घंटे की दूरी पर स्थित लिमोज शहर की एक ऐतिहासिक इमारत दंगाइयों द्वारा लगाई गई आग के बाद उसे भारी नुकसान हुआ है। इमारत काफी हद तक नष्ट हो गई है।
लिमोज टाउन हॉल को भारी क्षति
हिंसा में जलकर खाक हुई यह ऐतिहासिक इमारत साल 1883 में बनाई गई थी और इसे 1975 में एक ऐतिहासिक स्थल का आधिकारिक दर्जा दिया गया था। स्थानीय प्रशासक मौरिस बाराटे ने बताया कि आग की वजह से छत नीचे की मंजिलों पर गिर गई है और इमारत का दो-तिहाई बाहरी हिस्सा पूरी तरह तबाह हो गया है।
उन्होंने इस घटना को उपद्रवियों द्वारा जानबूझकर किया गया कृत्य और देश की विरासत के लिए एक बड़ी तबाही करार दिया।
पांच लाख से ज्यादा लोग शामिल
गृह मंत्री लॉरेंट नुनेज के अनुसार, शनिवार को देश भर में हुए 100 से ज्यादा प्रदर्शनों में पांच लाख से ज्यादा लोगों ने हिस्सा लिया। स्थिति उस समय बेकाबू हो गई जब कई जगहों पर प्रदर्शन हिंसक झड़पों में बदल गए। उग्र भीड़ को नियंत्रित करने और गिरफ्तारियां करने के लिए सुरक्षा बलों को कड़ी मशक्कत करनी पड़ी।
शनिवार को पूरे देश में लगभग 400 लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
गृह मंत्री ने इस भारी अशांति के लिए बेहद हिंसक और कट्टरपंथी वामपंथी समूहों को जिम्मेदार ठहराया है। इसके अलावा, नकाबपोश समूहों ने लिले और कैलेस में टाउन हॉल तथा ब्रेस्ट में एक पुलिस स्टेशन में जबरन घुसने की कोशिश की।
रेनेस, टूलूज, मोंटपेलियर और ग्रेनोबल जैसे प्रमुख शहरों से भी हिंसक झड़पों की खबरें सामने आई हैं।
पेरिस में भी हिंसक प्रदर्शन
राजधानी पेरिस में स्थिति तनावपूर्ण रही, जहां हिंसक समूहों को तितर-बितर करने के लिए पुलिस को आंसू गैस के गोले और पानी की बौछारों का इस्तेमाल करना पड़ा। प्लेस डे ला रिपब्लिक में हुड और नकाब पहने कुछ लोगों ने पुलिसकर्मियों पर आतिशबाजी और अन्य चीजें फेंकीं।
मैक्रों ने दी कड़ी चेतावनी
देश में बिगड़ते हालातों के बीच राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने सोशल मीडिया पर कड़ा संदेश देते हुए कहा कि हमारे गणतंत्र में हिंसा के लिए कोई जगह नहीं है।
उन्होंने चेतावनी दी कि जिन लोगों ने सरकारी कार्यालयों, व्यवसायों और ऐतिहासिक टाउन हॉल पर हमला किया या लूटपाट की, उन्हें बख्शा नहीं जाएगा, उन पर सख्त मुकदमे चलाए जाएंगे और सजा दी जाएगी। साथ ही, उन्होंने पुलिस और कानून प्रवर्तन एजेंसियों के प्रति अपना समर्थन व्यक्त किया है।
