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आरोपी पायलट को छोड़ने के लिए कह रहा था क्रू? फ्लाईदुबई कांड में बड़ा खुलासा; यात्री बोले- सिर्फ पुलिस को सौंपेंगे

Published: Sun, 04 Oct 2026 11:29 AM (IST)

तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की फ्लाइट में को-पायलट ने कैप्टन पर कुल्हाड़ी से हमला कर प्लेन क्रैश करने की कोशिश की, जिसे यात्रियों ने नाकाम कर दिया।

यात्रियों ने को-पायलट हम्मामी को ईयरफोन से बांध दिया।

यात्रियों ने को-पायलट हम्मामी को ईयरफोन से बांध दिया।

HighLights

  1. यात्रियों ने हमलावर को-पायलट को काबू कर सैकड़ों जानें बचाईं।

  2. क्रू ने को-पायलट को छोड़ने को कहा, यात्रियों ने इनकार किया।

  3. घायल कैप्टन स्मित मच्छर को यात्रियों ने प्राथमिक उपचार दिया।

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की फ्लाइट FZ 1073 को क्रैश होने से बचा लिया गया। भारतीय कैप्टन स्मित मच्छर पर क्रैश एक्स (कुल्हाड़ी) से हमला हुआ था, लेकिन उन्होंने कॉकपिट का दरवाजा खोलकर क्रू को अलर्ट करके सैकड़ों यात्रियों की जान बचाई।

कुछ ही मिनटों में यात्रियों ने प्लेन का कंट्रोल अपने हाथ में ले लिया और कथित क्रैश की कोशिश को नाकाम कर दिया। यात्रियों ने ओमान के को-पायलट हमाम अल-हम्मामी को बांध दिया और साफ कर दिया कि उसे स्थानीय पुलिस के हवाले किया जाएगा।

घुटनों के बल बैठा दिखा हम्मामी

इजरायल के न्यूज चैनल i24NEWS के शेयर किए गए एक वीडियो में अल-हम्मामी को विमान के अंदर घुटनों के बल बैठे हुए और उनके हाथ पीछे बंधे हुए देखा जा सकता है। उनके कपड़ों पर खून के धब्बे हैं।

45 सेकंड के इस वीडियो में यात्रियों को बार-बार सिर्फ पुलिस और केवल पुलिस कहते हुए सुना जा सकता है। एक यात्री, जिसका चेहरा दिखाई नहीं दे रहा है और जिसकी पहचान नहीं हो पा रही है, उसे यह कहते हुए सुना जा सकता है, "एक घंटा, 40 मिनट। पांच मिनट और।" ऐसा लगता है कि इस यात्री का मतलब है कि यात्रियों ने को-पायलट को इतने समय तक काबू में रखा है और वे पांच मिनट और इंतजार करके उसे स्थानीय पुलिस के हवाले कर सकते हैं।

क्रू पायलट को फ्री करवाना चाहता था

हालांकि, फ्लाईदुबई का क्रू चाहता था कि को-पायलट को आजाद कर दिया जाए। टेरर सस्पेक्ट को काबू करने में मदद करने वाले दो लोगों ने द न्यूयॉर्क पोस्ट को दिए एक्सक्लूसिव इंटरव्यू में यह बात बताई। अल-हम्मामी को काबू करने वाले तीन आम नागरिकों में से एक बैंकिंग एग्जीक्यूटिव ज्विका मानेस ने कहा, "वे हमसे उस आतंकवादी की रस्सी खोलने के लिए कह रहे थे पता नहीं क्यों।"

कॉकपिट के पास दूसरी लाइन में बैठे रियल एस्टेट प्रोफेशनल डैनियल श्लिक्टर ने कहा, "वे आतंकवादी को रिहा करने की बात कह रहे थे। हमें तुरंत उन पर शक हो गया।" इसको लेकर बहस हुई और इजरायली यात्रियों ने साफ कर दिया कि किसी भी हालत में को-पायलट को छोड़ा नहीं जाएगा। मानेस ने याद करते हुए कहा, "उन्होंने कहा, तुम भगवान नहीं हो, तुम उसे मारोगे नहीं। हम उसे मारना नहीं चाहते थे, हम बस इतना चाहते थे कि वह हमें न मारे।"

हम्मामी को दिया ऑक्सीजन मास्क

इजरायली लोगों ने अल-हम्मामी को ऑक्सीजन मास्क दिया क्योंकि वे चाहते थे कि वह जिंदा रहे ताकि उससे पूछताछ की जा सके। श्लिचर ने कहा, "हम चाहते थे कि वह जिंदा रहे ताकि उससे पूछताछ की जा सके।" केबिन क्रू ने जोर दिया कि यात्री अपनी-अपनी सीटों पर लौट जाएं और उन्हें कॉकपिट के सामने वाली जगह पर अकेला छोड़ दें।

इजरायली यात्रियों को डर था कि हमले में क्रू भी शामिल हो सकता है, इसलिए उन्होंने क्रू को प्लेन के बीच में बैठने के लिए कहा। मानेस ने कहा, "हमने उनसे कहा, अब पॉलिसी यह है कि कंट्रोल हमारे हाथ में है और आपको वही करना होगा जो हम कहेंगे।"

ऐसे हुआ पूरा घटनाक्रम

इसकी शुरुआत कैप्टन स्मित मच्छर के कॉकपिट का दरवाजा खोलने से हुई। इत्तेफाक से उसी समय ताली मेनेस टॉयलेट के बाहर अपनी बेटी का इंतजार कर रही थीं। उन्होंने फ्लाइट डेक के अंदर से एक आवाज सुनी जैसे कोई दरवाजा खटखटा रहा हो। मेनेस ने प्लेन में मौजूद एक बैकअप पायलट को यह देखने के लिए राजी किया कि क्या हो रहा है।

दरवाज़ा खुलते ही एक डरावना नजारा दिखा। को-पायलट कथित तौर पर पायलट को चाकू मार रहा था। मेन्स की चीख सुनकर यात्री कॉकपिट की ओर दौड़े। इजरायल के चार नागरिक तेजी से कॉकपिट की ओर बढ़े। उनके साथ ड्यूटी पर न होने वाले दो पायलट भी शामिल हो गए। उन्होंने प्लेन का कंट्रोल अपने हाथ में लिया और उसे देश के एक छोटे से एयरपोर्ट पर उतारा।

चार यात्रियों में यानिव हयुन शामिल थे, जो एक प्लंबर हैं। बताया जाता है कि उन्होंने अल-हम्ममी का गला दबाया और फिर टीवी शो मेडे से सीखी बातों का इस्तेमाल करते हुए प्लेन को स्थिर करने के लिए योक को पीछे खींचा। हयुन के साथ इंश्योरेंस एजेंसी के मालिक असाफ राजुआन भी थे, जिन्होंने अल-हम्ममी को काबू करने में मदद की। इन दोनों के साथ ज्विका मेन्स भी शामिल हुए, उन्होंने अल-हम्ममी को ईयरफोन से बांध दिया।

डेंटिस्ट शोता मुसायेव ने बुरी तरह घायल मच्छर की देखभाल की और उन्हें प्राथमिक उपचार दिया। मुसायेव ने सीएनएन को बताया कि पायलट के शरीर पर कई जगह कटने के निशान थे। उन्होंने बताया, "उनके सिर और हाथों पर गहरे घाव थे, मानो वे लगभग दो हिस्सों में कट गए हों। उनकी हालत गंभीर थी शायद बहुत ज्यादा नाजुक नहीं, लेकिन खून ज्यादा बहने की वजह से गंभीर जरूर थी।"

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