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भारत में होने वाली BIMSTEC बैठक में शामिल नहीं होंगे बांग्लादेश के गृह मंत्री, अमित शाह से होनी थी मुलाकात

Published: Mon, 12 Oct 2026 03:04 PM (IST)

बांग्लादेश के गृह मंत्री सलाहुद्दीन अहमद ने नई दिल्ली में आयोजित बिम्सटेक गृह मंत्रियों की बैठक में हिस्सा नहीं लिया, जिससे भारत-बांग्लादेश के बीच कूटनीतिक तनाव बढ़ गया है।

बांग्लादेश के गृह मंत्री सलाहुद्दीन अहमद(फाइल फोटो)

बांग्लादेश के गृह मंत्री सलाहुद्दीन अहमद(फाइल फोटो)

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डिजिटल डेस्क, ढाका। भारत और बांग्लादेश के बीच जारी कूटनीतिक तनाव के बीच बांग्लादेश के गृह मंत्री सलाहुद्दीन अहमद ने नई दिल्ली में आयोजित होने वाली बिम्सटेक गृह मंत्रियों की पहली बैठक से दूरी बना ली है। उनकी अनुपस्थिति में अब ढाका का प्रतिनिधित्व एक वरिष्ठ ब्यूरोक्रेट के नेतृत्व वाला प्रतिनिधिमंडल करेगा।

यह दो दिवसीय बैठक सोमवार को सदस्य देशों के गृह और आंतरिक मंत्रालयों के वरिष्ठ अधिकारियों के विचार-विमर्श के साथ शुरू हुई है, जबकि मंगलवार को गृह मंत्रियों की मुख्य बैठक तय है।

बांग्लादेशी मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, गृह मंत्रालय के वरिष्ठ सचिव मंजूर मोर्शेद चौधरी इस दल की अगुवाई कर रहे हैं। उनके साथ विदेश मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव ए.के.एम. शहीदुल करीम और संयुक्त सचिव रेबेका खान भी इस प्रतिनिधिमंडल का हिस्सा हैं।

क्या है बिम्सटेक का उद्देश्य?

बिम्सटेक यानी बे ऑफ बंगाल इनिशिएटिव फॉर मल्टी-सेक्टोरल टेक्निकल एंड इकोनॉमिक कोऑपरेशन बंगाल की खाड़ी क्षेत्र के सात देशों भारत, बांग्लादेश, भूटान, म्यांमार, नेपाल, श्रीलंका और थाईलैंड का एक क्षेत्रीय संगठन है, जिसकी अध्यक्षता अप्रैल 2025 से बांग्लादेश के पास है।

इस बैठक का प्रमुख उद्देश्य दक्षिण और दक्षिण-पूर्व एशिया में कानून प्रवर्तन, खुफिया जानकारी साझा करने, आतंकवाद और सीमा पार संगठित अपराधों से निपटने के लिए क्षेत्रीय सुरक्षा ढांचे को मजबूत करना है। मंगलवार के सत्र में भूटान, म्यांमार, नेपाल और श्रीलंका के संबंधित मंत्रियों के शामिल होने की संभावना है।

क्या है दोनों देशों के बीच दूरी बनाने की वजह?

हालांकि बैठक में गृह मंत्री के न आने का कोई आधिकारिक कारण नहीं बताया गया है, लेकिन इसे दोनों देशों के बिगड़ते संबंधों के संदर्भ में देखा जा रहा है।

अगस्त 2024 में शेख हसीना सरकार के पतन और उनके भारत आने के बाद से रिश्ते सहज नहीं रहे हैं। ढाका लगातार हसीना के प्रत्यर्पण की मांग कर रहा है, जबकि भारत का कहना है कि यह मामला स्थापित कानूनी प्रक्रियाओं के तहत विचाराधीन है।

हाल के महीनों में यह दूसरा बड़ा मौका है जब बांग्लादेशी नेतृत्व ने भारत में होने वाले बहुपक्षीय मंच से दूरी बनाई है। इससे पहले प्रधानमंत्री तारिक रहमान ने नई दिल्ली में आयोजित ब्रिक्स आउटरीच सत्र में हिस्सा नहीं लिया था।

हालांकि भारत ने उन्हें बिम्सटेक अध्यक्ष के नाते आमंत्रित किया था। उस समय ढाका ने नई दिल्ली में हसीना के आभासी मीडिया संवाद पर आपत्ति जताई थी, जबकि भारत ने साफ कर दिया था कि उस निजी आयोजन से उसका कोई संबंध नहीं था।

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