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श्रीनगर में 3000 से अधिक घुसपैठिए, कबाड़ का करते हैं काम; झारखंड में पकड़े गए बांग्लादेशी का खुलासा

Published: Mon, 12 Oct 2026 09:06 AM (IST)Updated: Mon, 12 Oct 2026 09:40 AM (IST)

साहिबगंज में लंबी पूछताछ के बाद बांग्लादेशी युवक सुमोन मियां को जेल भेज दिया गया। एटीएस उससे भारत में घुसपैठ और श्रीनगर में साथियों के बारे में पूछताछ करेगी।

गिरफ्तार आरोपी। फाइल फोटो

गिरफ्तार आरोपी। फाइल फोटो

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संवाद सहयोगी, साहिबगंज। लंबी पूछताछ के बाद रविवार को बांग्लादेशी युवक सुमोन मियां को साहिबगंज मंडल कारा भेज दिया गया। रविवार दोपहर जीआरपी पुलिस ने उसे कोर्ट में पेश किया जहां से उसे जेल भेज दिया गया।

उधर, रांची से एटीएस के पदाधिकारी भी सुमोन मियां से पूछताछ के लिए पहुंचे, लेकिन उससे पहले ही उसे जेल भेज दिया गया था।

अब पदाधिकारी दोबारा आएंगे और कोर्ट से अनुमति लेने के बाद पूछताछ करेंगे। एटीएस के पदाधिकारी ने जीआरपी थाना पहुंच कर थाना प्रभारी सत्यदेव राम से जानकारी ली और मामले से संबंधित दस्तावेज प्राप्त किए।

एटीएस के वरीय पदाधिकारी उन दस्तावेजों की जांच पड़ताल करेंगे, जिसके बाद सुमोन मियां से पूछताछ के लिए एटीएस के यहां आने की उम्मीद है।

एटीएस यह जानने की कोशिश कर रही है कि वह भारत कैसे आया, किस एजेंट ने भेजा, आने का उद्देश्य क्या था और श्रीनगर में उसके कितने साथी हैं। उससे पाकिस्तान और नेपाल की मुद्रा के स्रोत के बारे में भी पूछा जाएगा।

ब्रह्मपुत्र मेल में पकड़ा गया था आरोपी

गौरतलब है कि आठ अगस्त को सुमोन मियां ब्रह्मपुत्र मेल से अपने चार अन्य साथियों के साथ दिल्ली से असम जा रहा था। वह जनरल बोगी में सामान रखने वाले स्टैंड पर सोया हुआ था।

नींद में उसका हाथ चेन पर चला गया। चेन खिंचने से ट्रेन रुक गई। इसके बाद आरपीएफ ने उक्त बोगी में आकर छानबीन शुरू की। इस क्रम में उसके चार साथी भाग गए जबकि सुमोन मियां पकड़ा गया।

उसके पास से बांग्लादेश का आइकार्ड, पाकिस्तान, नेपाल और भारत के रुपये बरामद किए गए। इसके बाद केंद्रीय एजेंसी के पदाधिकारियों ने उससे पूछताछ की थी।

तीन हजार से अधिक घुसपैठियों का दावा

सुमोन मियां के अनुसारश्रीनगर में तीन हजार से अधिक बांग्लादेशी नागरिक हैं। उसके अनुसार, कुछ लोग कबाड़ की दुकान चलाते हैं और कुछ कबाड़ चुनने सहित अन्य काम करते हैं।

उसने एजेंटों के जरिए रोजगार की व्यवस्था होने और सीमा पार करने के बाद ट्रेन से आसानी से गंतव्य तक पहुंचने की बात भी कही।

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