श्रीनगर में छिपे हैं 3 हजार बांग्लादेशी! साहिबगंज में पकड़े गए बांग्लादेशी घुसपैठिये का सनसनीखेज दावा
साहिबगंज में पकड़े गए एक बांग्लादेशी घुसपैठिये ने श्रीनगर में 3000 से अधिक बांग्लादेशियों के छिपे होने का दावा किया ...और पढ़ें
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साहिबगंज में पकड़े गए बांग्लादेशी के खुलासे से ATS अलर्ट।
HighLights
श्रीनगर में 3000 बांग्लादेशियों के छिपे होने का दावा
एटीएस अब घुसपैठिये से नेटवर्क की जानकारी जुटाएगी
जम्मू-कश्मीर पुलिस ने 310 बांग्लादेशियों को डिपोर्ट किया
जागरण संवाददाता, साहिबगंज। जम्मू-कश्मीर के श्रीनगर में तीन हजार से अधिक बांग्लादेशी नागरिकों के मौजूद होने के दावे ने सुरक्षा एजेंसियों का ध्यान खींचा है। झारखंड के साहिबगंज में पकड़े गए बांग्लादेशी युवक सुमोन मियां ने पूछताछ के दौरान यह दावा किया है।
उसके अनुसार, श्रीनगर में कुछ लोग कबाड़ की दुकान चलाते हैं, जबकि अन्य कबाड़ चुनने सहित विभिन्न कामों में लगे हैं। हालांकि, उसके दावे की पुष्टि नहीं हुई है। अब एटीएस उससे पूछताछ कर नेटवर्क, भारत में प्रवेश के रास्तों और रोजगार दिलाने वाले एजेंटों की जानकारी जुटाएगी।
मालूम हो कि आठ अगस्त को सुमोन ब्रह्मपुत्र मेल से चार अन्य साथियों के साथ दिल्ली से असम जा रहा था। जनरल बोगी में सोने के दौरान उसका हाथ चेन पर चला गया, जिससे ट्रेन रुक गई।
आरपीएफ ने की सुमोन से पूछताछ
आरपीएफ की जांच के दौरान उसके चार साथी भाग निकले, जबकि सुमोन पकड़ा गया। उसके पास से बांग्लादेश का पहचान पत्र और पाकिस्तान, नेपाल तथा भारत की मुद्रा बरामद हुई थी।
रविवार को लंबी पूछताछ के बाद जीआरपी ने सुमोन को न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे साहिबगंज मंडल कारा भेज दिया गया। रांची से एटीएस के पदाधिकारी भी उससे पूछताछ करने पहुंचे थे, लेकिन तब तक उसे जेल भेजा जा चुका था।
अब एटीएस न्यायालय से अनुमति लेकर उससे पूछताछ करेगी। यह पता लगाने की कोशिश की जा रही कि सुमोन भारत में कैसे दाखिल हुआ, किस एजेंट ने उसे भेजा। श्रीनगर में उसके कितने संपर्क हैं तथा पाकिस्तान और नेपाल की मुद्रा उसके पास कहां से आई।
श्रीनगर में बनाया गया है डिटेंशन सेंटर
जम्मू-कश्मीर पुलिस ने श्रीनगर में डिटेंशन सेंटर बनाया गया है। यह पकड़े जा रहा बांग्लादेशी घुसपैठियों को रखा जा रहा है। श्रीनगर पुलिस ने अन्य राज्यों से आए श्रमिकों की पहचान और पंजीकरण के लिए अभियान चलाया था ताकि उनका पूरा डाटा उनके पास उपलब्ध हो सके।
इस अभियान के दौरान बहुत से श्रमिकों के डेटा में गड़बड़ी मिली। बाद में जांच के दौरान कई श्रमिकों के दस्तावेज में गड़बड़ी मिलीं और उनका आधार भी मैच नहीं हो पाया। इस तरह पूछताछ में छह सौ से अधिक बांग्लादेशियों की पहचान हुई।
अब तक 310 को किया गया डिपोर्ट
310 को किया गया डिपोर्ट जम्मू-कश्मीर पुलिस ने हाल ही में चलाए अपने विशेष अभियान में छह सौ से अधिक बांग्लादेशी घुसपैठियों की पहचान की है। इनमें से 310 को दो फ्लाइट से बंगाल व असम भेजा गया और वहां से बीएसएफ उन्हें डिपोर्ट करने की प्रक्रिया को आगे बढ़ा रही है।
पांच अक्टूबर को वायुसेना के विशेष विमान से 150 बांग्लादेशियों को बंगाल के बागडोगरा भेजा गया। सात अक्टूबर को अन्य फ्लाइट से असम में 160 बांग्लादेशी भेजे गए।
जम्मू-कश्मीर में 15 हजार से अधिक रोहिंग्या भी जम्मू-कश्मीर में करीब 15 हजार से अधिक रोहिंग्या भी डेरा जमाए हैं और यह दावा करते हैं कि यूएन कार्ड के आधार पर उन्हें रहने का अधिकार है।
खास बात यह है कि ज्यादातर को जम्मू में ही बसाया गया है। हाल में प्रशासन ने उनकी दो कालोनियों को अवैध बताते हुए कार्रवाई की थी। पर वह जगह से दूसरी जगह शिफ्ट हो गए।
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