विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

'हमें आजमाने की भूल न करे ईरान', चुनाव में खलल डालने की कोशिश पर नेतन्याहू ने दी चेतावनी

Published: Mon, 26 Oct 2026 09:51 AM (IST)

इजरायली पीएम बेंजामिन नेतन्याहू ने ईरान को आगामी चुनावों में हस्तक्षेप न करने की कड़ी चेतावनी दी है, खुफिया जानकारी ...और पढ़ें

News Article Hero Image
timer icon

समय कम है?

जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में

संक्षेप में पढ़ें

डिजिटल डेस्क, यरुशलम। इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने दावा किया है कि ईरान और उसके सहयोगी संगठन मंगलवार को होने वाले इजरायली आम चुनावों को बाधित करने की कोशिश कर सकते हैं।

रविवार को अपने कार्यालय द्वारा जारी एक वीडियो संदेश में नेतन्याहू ने तेहरान को किसी भी शत्रुतापूर्ण कार्रवाई के खिलाफ कड़ा अल्टीमेटम दिया।

उन्होंने कहा कि उनके पास ऐसे खुफिया संकेत हैं कि चुनाव प्रक्रिया में खलल डालने के इरादे से दुश्मन हमले की साजिश रच सकते हैं। ईरान को आगाह करते हुए नेतन्याहू ने कहा कि हमें मत आजमाना।

तुम्हें उम्मीद से कई गुना भारी नुकसान उठाना पड़ेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि इजरायली सेना रक्षात्मक और आक्रामक दोनों तरह के अभियानों के लिए पूरी तरह मुस्तैद है।

सुरक्षा के मुद्दे पर चुनावी अभियान

चुनावी अभियान के आखिरी दौर में नेतन्याहू ने अपनी पूरी रणनीति राष्ट्रीय सुरक्षा और रक्षात्मक छवि पर केंद्रित कर दी है। वे मतदाताओं के बीच यह संदेश देने की कोशिश कर रहे हैं कि केवल वही ईरान के संकट से देश को पार लगा सकते हैं।

उन्होंने अमेरिका के साथ मिलकर फरवरी में ईरान के खिलाफ छेड़े गए सैन्य अभियान का हवाला देते हुए खुद को सबसे सक्षम नेता के रूप में पेश किया है। हाल ही में उन्होंने घोषणा की थी कि उन्होंने इजरायल के सुरक्षा बलों को ईरान के धार्मिक शासन को उखाड़ फेंकने का निर्देश जारी किया है।

इससे पहले एक लड़ाकू विमान के सामने खड़े होकर उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप से फोन पर बात करते हुए एक वीडियो साझा किया था, जिसमें उन्होंने साथ मिलकर काम पूरा करने की बात कही थी।

आक्रामक बयानों से गरमाया चुनावी माहौल

रविवार को ही नेतन्याहू ने सोशल मीडिया पर एआई से तैयार एक तस्वीर भी पोस्ट की थी, जिसमें तेल अवीव शहर के ऊपर परमाणु धमाके का एक विशाल मशरूम क्लाउड उठता दिख रहा था।

इस तस्वीर के साथ उन्होंने एक दक्षिणपंथी टिप्पणीकार के बयान का हवाला दिया, जिसमें ईरान को इजरायल के अस्तित्व के लिए सीधा खतरा बताया गया था और यह तर्क दिया गया था कि चुनावी मौसम के बाकी सभी मुद्दे इस संकट के आगे बेमानी हैं।

मतदान से ठीक पहले नेतन्याहू के इन आक्रामक बयानों और परमाणु खतरे की चेतावनी ने इजरायल के राजनीतिक पारे को बेहद गरमा दिया है।

यह भी पढ़ें- इजरायल चुनाव से पहले वेस्ट बैंक में सेना की बड़ी कार्रवाई, ढहाए गए सैकड़ों मकान; 40 फलस्तीनी गिरफ्तार

यह भी पढ़ें- इजरायल चुनाव: क्या नेतन्याहू सुरक्षा मोर्चे पर मिली सफलताओं को राजनीतिक जीत में बदल पाएंगे?