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नेतन्याहू ने शेयर की AI तस्वीर, तेल अवीव में परमाणु हमले की दी धमकी

Published: Mon, 26 Oct 2026 07:59 AM (IST)

इजरायल में आम चुनाव से ठीक पहले प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने तेल अवीव पर परमाणु विस्फोट की AI जनरेटेड तस्वीर साझा कर विवाद खड़ा कर दिया है।

नेतन्याहू ने शेयर की AI तस्वीर

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डिजिटल डेस्क, यरुशलम। इजरायल में आम चुनाव से ठीक दो दिन पहले प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने सोशल मीडिया पर एक एआई जनरेटेड तस्वीर शेयर कर नया विवाद खड़ा कर दिया है।

इस तस्वीर में एक घनी आबादी वाले शहर तेल अवीव के ऊपर परमाणु विस्फोट के बाद एक विशाल मशरूम क्लाउड उठता दिखाई दे रहा है और नीचे की इमारतें आग की लपटों में घिरी नजर आ रही हैं।

नेतन्याहू ने तस्वीर के साथ यह चेतावनी दी कि इजरायल को ईरान से पैदा हो रहे गंभीर अस्तित्वगत खतरे से निपटने के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप के बचे हुए दो साल के कार्यकाल का पूरा इस्तेमाल करना होगा।

ईरान के परमाणु खतरे को बताया सबसे बड़ा संकट

तस्वीर साझा करते हुए नेतन्याहू ने इजरायली लेखक और राजनीतिक विश्लेषक युवल ब्लमबर्ग ने कहा कि इजरायल इस समय वास्तविक और ठोस खतरे का सामना कर रहा है। यदि ईरान परमाणु हथियार हासिल करने में सफल हो जाता है, तो इसके बाद हालात कभी सामान्य नहीं रहेंगे।

यह तर्क भी दिया गया कि समय-समय पर सामने आने वाले घरेलू विवाद और मुद्दे केवल लोगों का ध्यान भटकाने के लिए गढ़े जाते हैं, जबकि देश का मुख्य लक्ष्य ईरान के परमाणु खतरे को पूरी तरह समाप्त करना होना चाहिए, क्योंकि यह इजरायल के हर नागरिक के जीवन और सुरक्षा से जुड़ा मामला है।

ट्रंप प्रशासन के साथ काम पूरा करने की अपील

नेतन्याहू ने आगे लिखा कि ईरान से जुड़े इस मिशन को पूरा करने के लिए इजरायल के पास ट्रंप के कार्यकाल के अब केवल दो साल बचे हैं। उन्होंने कहा कि ट्रंप के बाद सत्ता में कौन आएगा। चाहे कमला हैरिस हों या कोई अन्य नेतृत्व इस बारे में कुछ भी निश्चित नहीं कहा जा सकता।

नेतन्याहू के अनुसार, आने वाले वर्षों में इजरायल के अस्तित्व को सुरक्षित रखने के लिए यह सीमित समय ही एकमात्र मौका है, इसलिए देश के सभी जरूरी संसाधनों को इसी एक बड़े मिशन में लगाया जाना चाहिए।

विपक्षी दलों ने बताया चुनावी डर फैलाने की चाल

नेतन्याहू की इस पोस्ट पर विपक्षी दलों और नेताओं की ओर से तीखी प्रतिक्रिया सामने आई है। डेमोक्रेट्स पार्टी के अध्यक्ष याइर गोलन ने नेतन्याहू पर चुनाव नजदीक आते ही अपना मानसिक संतुलन खोने और दबाव में आने का आरोप लगाया।

गोलन ने मांग की कि प्रधानमंत्री को सोशल मीडिया से दूर रखा जाना चाहिए क्योंकि वे और उनके सहयोगी मतदाताओं को डराने की कोशिश कर रहे हैं।

वहीं, याशर पार्टी के प्रमुख और पूर्व सैन्य अधिकारी गादी ईसेनकोट ने भी इसे डर फैलाने का पुराना पैंतरा करार दिया और कहा कि हर चुनावी अभियान की तरह इस बार भी झूठ और घबराहट का माहौल बनाकर वोट हासिल करने की कोशिश की जा रही है।

क्या है इजरायल की चुनावी प्रणाली?

इजरायल में मंगलवार को नई संसद के चुनाव के लिए मतदान होगा। देश में प्रोपोर्शनल रिप्रेजेंटेशन सिस्टम के आधार पर राष्ट्रव्यापी मतदान कराया जाता है, जिसमें मतदाता किसी एक उम्मीदवार के बजाय राजनीतिक दल की सूची के लिए वोट करते हैं।

इजरायल की 120 सीटों वाली संसद यानी नेसेट में सरकार बनाने या स्पष्ट बहुमत हासिल करने के लिए किसी भी दल या गठबंधन को कम से कम 61 सीटों का आंकड़ा जुटाना अनिवार्य होता है।

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