'हमारे संकल्प की परीक्षा न लें', तेहरान में अमेरिकी सेना की तैनाती पर ईरान की ट्रंप को वॉर्निंग
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप के दावों के बावजूद ईरान ने अमेरिका के साथ बातचीत से इनकार किया है। ईरानी संसद ...और पढ़ें

मोहम्मद बाघर गलीबाफ ने डोनल़्ड ट्रंप को दी वॉर्निंग (फोटो-रॉयटर्स)

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डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप लगातार दावा कर रहे हैं कि अमेरिका युद्ध को लेकर ईरान के साथ बातचीत कर रहा है। लेकिन ईरान की तरफ से हर बार यूएस राष्ट्रपति की इन बातों का खंडन किया गया है।
ईरानी संसद के स्पीकर मोहम्मद बाघर गलीबाफ ने आज बुधवार को बताया कि अमेरिकी सेना मध्य पूर्व में कम से कम 1,000 सैनिक तैनात करने की तैयारी कर रही है।
ईरान की अमेरिका की हर हरकत पर नजर
अमेरिकी सेना को कड़ी चेतावनी देते हुए मोहम्मद बाघर गलीबाफ ने कहा कि इस क्षेत्र में सैनिक भेजने से उन समस्याओं का हल नहीं निकलेगा, जिन्हें अमेरिका और इजरायल के नेताओं ने बिगाड़ दिया है।
गलीबाफ ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, 'हम इस क्षेत्र में अमेरिका की सभी गतिविधियों पर, खासकर सैनिकों की तैनाती पर करीब से नजर रख रहे हैं।'
ईरानी संसद के स्पीकर ने आगे लिखा, 'जो काम जनरलों ने बिगाड़ा है, उसे सैनिक ठीक नहीं कर सकते। इसके बजाय, वे नेतन्याहू के भ्रमों का शिकार बन जाएंगे। हमारी जमीन की रक्षा करने के हमारे संकल्प की परीक्षा मत लो।'
ईरान नहीं करेगा कोई समझौता
ईरानी सेना के खातम अल-अंबिया सेंट्रल हेडक्वार्टर के प्रवक्ता लेफ्टिनेंट कर्नल इब्राहिम जोल्फागारी ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रम्प की 15-सूत्रीय युद्धविराम योजना का मजाक उड़ाया और कहा कि तेहरान कभी भी वाशिंगटन के साथ समझौता नहीं करेगा।
लेफ्टिनेंट कर्नल इब्राहिम जोल्फागारी ने कहा, 'हमारा पहला और आखिरी शब्द पहले दिन से ही एक जैसा रहा है और वैसा ही रहेगा। हमारे जैसा कोई भी व्यक्ति आपके जैसे किसी व्यक्ति के साथ कभी समझौता नहीं करेगा। न अभी, न कभी।'
बता दें कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने सोमवार को दावा किया था कि अमेरिका और ईरान के बीच सहमति के 15 बिंदु हैं। इब्राहिम जोल्फागारी ने अपनी बात से ट्रंप के इस प्रस्ताव का भी खंडन कर दिया है।
