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'260 विमान मार गिराए, नई ताकत दुश्मनों को कर देगी हैरान', ईरान की अमेरिका को चेतावनी

Published: Sat, 07 Nov 2026 05:18 PM (IST)Updated: Sat, 07 Nov 2026 05:20 PM (IST)

ईरान ने दावा किया है कि उसने अमेरिका के 260 लड़ाकू विमान और ड्रोन मार गिराए हैं, जिनमें F-35 और F-16 जैसे विमान शामिल हैं।

ईरान ने अमेरिका के एयरक्राफ्ट किए तबाह (प्रतीकात्नक फोटो/रॉयटर्स)

ईरान ने अमेरिका के एयरक्राफ्ट किए तबाह (प्रतीकात्नक फोटो/रॉयटर्स)

HighLights

  1. ईरान ने अमेरिका के 260 लड़ाकू विमान गिराने का दावा किया।

  2. IRGC ने उन्नत मिसाइल उत्पादन क्षमताएं विकसित करने की चेतावनी दी।

  3. ट्रंप ने अमेरिका-ईरान टकराव को 'युद्ध' मानने से इनकार किया।

डिजिटल डेस्क, तेहरान। अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध लगातार जारी है। ईरान ने दावा किया है कि उसने अमेरिका के सैकड़ों एयरक्राफ्ट मार गिराए हैं, जिनमें F-35, F-16, F-5 और F-18 लड़ाकू विमानों के साथ-साथ MQ-1, RQ-4, ऑर्बिटर और लुकास ड्रोन शामिल हैं।

मेहर समाचार एजेंसी की रिपोर्ट के मुताबिक, इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल होसैन मोहेब्बी ने दावा किया कि अमेरिका-ईरान संघर्ष के दौरान देश ने दुश्मन के 260 विमानों को मार गिराया।

IRGC की अमेरिका को वॉर्निंग

IRGC के अधिकारी ने बताया कि पिछले दो हफ्तों में तेहरान ने सात टोही विमानों को रोका है। ईरान ने यह भी दावा किया है कि मिसाइल उत्पादन शहरों के जरिए उसने अपनी घरेलू रक्षा निर्माण क्षमताओं को मजबूत किया है।

IRGC के अधिकारी मोहेब्बी ने कहा, 'हमने सात MQM-170 टोही ड्रोन को बिना किसी नुकसान के नीचे उतार लिया है। यह दुश्मन पर हमारी तकनीकी श्रेष्ठता का ही प्रदर्शन है।'

मोहेब्बी ने दावा किया कि ईरान के रक्षा बलों ने अपनी मिसाइल और ड्रोन उत्पादन लाइनों को तेजी से जमीन के ऊपर से हटाकर भूमिगत सुविधाओं में स्थानांतरित कर दिया है। उन्होंने केवल मिसाइल भंडारण परिसरों तक ही सीमित न रहकर, अपनी घरेलू तकनीकी क्षमताओं और भौगोलिक फायदों का उपयोग करते हुए जमीन के काफी नीचे मिसाइल उत्पादन शहर स्थापित किए हैं।

IRGC ने विकसित की उन्नत क्षमताएं

स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमेरिका और उसके खाड़ी सहयोगियों के साथ महीनों तक चले भीषण सैन्य तनाव के बाद, ईरान ने अपने राष्ट्रीय रक्षा नेटवर्क को तेजी से विकसित किया है और अब उसके पास उन्नत क्षमताएं मौजूद हैं।

मोहेब्बी ने दावा किया, 'अगर कोई और युद्ध छिड़ता है, तो दुनिया IRGC एयरोस्पेस फोर्स की नई क्षमताओं को देखेगी और हमारे दुश्मन इसकी ताकत और शक्ति को देखकर हैरान रह जाएंगे।'

IRGC के अधिकारी ने दावा किया, 'आज हम न केवल अपनी घरेलू जरूरतों को पूरा कर रहे हैं, बल्कि रक्षा उपकरणों और उत्पादों के निर्यातक भी बन गए हैं, जो देश के लिए एक बड़ी उपलब्धि है।'

'यह कोई युद्ध नहीं है'

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने इस टकराव को कम करके आंका है और जोर देकर कहा है कि इसे 'युद्ध' नहीं कहा जाना चाहिए।

ट्रम्प ने कहा, 'हमने ईरान के साथ काफी प्रगति की है। हम अब युद्ध से पहले की तुलना में अधिक तेल निकाल रहे हैं। यह कोई युद्ध नहीं है। इसे युद्ध कैसे कहा जा सकता है, जब पिछले पांच महीनों में कोई घायल नहीं हुआ, किसी की जान नहीं गई या कोई अन्य नुकसान नहीं हुआ? यह युद्ध नहीं है।'

अमेरिकी राष्ट्रपति का ये बयान ऐसे समय में सामने आया है, जब अमेरिकी मध्यावधि चुनावों में रिपब्लिकन पार्टी को हार का सामना करना पड़ा है, जिसके चलते अमेरिकी राष्ट्रपति के रुख में कुछ नरमी देखने को मिली है।

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