विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

ईरान ने अमेरिका के 48 घंटे के युद्धविराम प्रस्ताव को नकारा, कहा- अपनी शर्तों पर ही थमेगी जंग

Published: Sat, 04 Apr 2026 07:51 AM (IST)Updated: Sat, 04 Apr 2026 07:55 AM (IST)

ईरान ने अमेरिका के 48 घंटे के युद्धविराम प्रस्ताव को औपचारिक रूप से ठुकरा दिया है, जिससे सैन्य टकराव बढ़ ...और पढ़ें

मध्य पूर्व में चल रहे युद्ध की फोटो। (सोर्स - रॉयटर्स)

मध्य पूर्व में चल रहे युद्ध की फोटो। (सोर्स - रॉयटर्स)

HighLights

  1. ईरान ने अमेरिका का 48 घंटे का युद्धविराम प्रस्ताव ठुकराया।

  2. ईरान पर गिराए गए अमेरिकी F-15E लड़ाकू विमान का एक चालक बचा।

  3. इजराइल ने बेरूत में हिजबुल्लाह के ठिकानों पर हमले किए।

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। ईरान ने अमेरिका के 48 घंटे के सीजफायर के प्रस्ताव को औपचारिक रूप से ठुकरा दिया है। न्यूज एजेंसी अल जजीरा ने यह जानकारी अर्ध-सरकारी फार्स न्यूज एजेंसी की रिपोर्टों के हवाले से दी है। जानकारी के अनुसार यह कूटनीतिक प्रस्ताव बुधवार को मध्यस्थता देश के जरिए भेजा गया था। हालांकि न्यूज एजेंसी ने उस खास देश का नाम नहीं बताया है।

कूटनीतिक कोशिश नाकाम होते ही सैन्य टकराव शुरू

इन कूटनीतिक कोशिशों की नाकामी के साथ ही, सैन्य टकराव में भी तेजी से बढ़ोतरी हुई है। CNN की एक रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिकी सेना ने ईरान के ऊपर गिराए गए एक अमेरिकी लड़ाकू विमान के चालक दल के एक सदस्य को सफलतापूर्वक बचा लिया है। बचाया गया व्यक्ति कथित तौर पर जीवित है और उसका इलाज चल रहा है।

ईरान ने मार गिराया अमेरिका का F-15 लड़ाकू विमान

एक अमेरिकी सूत्र द्वारा दी गई तकनीकी जानकारी से पुष्टि हुई कि गिराया गया विमान "F-15E स्ट्राइक ईगल लड़ाकू विमान" था। यह खास मॉडल एक दोहरी भूमिका वाला विमान है, जिसे "हवा से हवा और हवा से ज़मीन पर मार करने वाले, दोनों तरह के मिशन" पूरे करने के लिए डिज़ाइन किया गया है।

जैसा कि CNN ने बताया है, इन विमानों को आम तौर पर दो लोगों की टीम चलाती है, जिसमें एक पायलट और एक हथियार सिस्टम अधिकारी शामिल होता है। बता दे कि सेना के अधिकारी स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं, जबकि बाकी बचे कर्मियों की खोज जारी है।

WAR INSIDE PIC

IRIB ने X पर नक्शा किया साझा

इन दावों को और पुख्ता करते हुए, IRIB ने X पर एक नक्शा साझा किया। इस नक्शे में उस खास इलाके को घेरे से दिखाया गया था, जहां सुबह से ही दोनों अमेरिकी पायलटों की खोज की जा रही थी। हालांकि, विमान के दुर्घटनाग्रस्त होने की सही जगह की अभी तक पुष्टि नहीं हो पाई है, लेकिन CNN ने खुजेस्तान प्रांत में करुण नदी पर बने एक पुल से मिले फुटेज की जियोलोकेशन के ज़रिए पहचान की है।

यह जगह तेहरान से लगभग 470 किलोमीटर दक्षिण में स्थित है। इस फुटेज में कम ऊंचाई पर उड़ते हुए विमान और हेलीकॉप्टर एक ऐसी बनावट (फॉर्मेशन) में दिखाई दे रहे हैं, जो आमतौर पर हवा में ही ईंधन भरने (एयर-टू-एयर रिफ्यूलिंग) के अभियानों के दौरान देखने को मिलती है। यह घटना मौजूदा संघर्ष के दौरान पहली बार हुई है, जब ईरान के ऊपर किसी अमेरिकी विमान को मार गिराया गया है।

वहीं, मलबे के सबूत प्रकाशित होने और खोज जारी होने के बावजूद, अमेरिकी सेना और व्हाइट हाउस ने अभी तक पायलटों की स्थिति या दुर्घटना के कारणों के बारे में आधिकारिक तौर पर कोई टिप्पणी नहीं की है। IRIB लगातार यही कह रहा है कि जैसे-जैसे स्थिति स्पष्ट होगी, "पायलटों के अंजाम के बारे में भी पता चल पाएगा।"

इजराइल ने बेरूत पर शुरु किए हमले

इधर इजरायली सेना का कहना है कि उसने लेबनान की राजधानी में हिजबुल्लाह के बुनियादी ढांचे के ठिकानों पर हमले शुरू कर दिए हैं। यह घटना हिजबुल्लाह की ओर से दक्षिणी लेबनान में तीन अलग-अलग स्थानों पर इजरायली सैनिकों पर हमले की जिम्मेदारी लेने के कुछ ही समय बाद घटी है।

अपनी रक्षा करने के लिए ईरान तैयार : पेजेश्कियन

ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने कहा है कि उनका देश अपनी सभी क्षमताओं का उपयोग कर रहा है। अमेरिकी और इजरायली हमलों के खिलाफ अपनी रक्षा करने के लिए ईरान हमेशा तैयार है। ईरानी राष्ट्रपति ने अपने अजरबैजानी समकक्ष इल्हाम अलीयेव के साथ टेलीफोन पर हुई बातचीत के दौरान यह बात कही। पेजेश्कियन ने इस बात पर जोर दिया कि जिस समय अमेरिका ने हमला किया, उस समय ईरान अमेरिका के साथ बातचीत कर रहा था।

अराघची ने अमेरिका पर कसा तंज

ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने शुक्रवार को सवाल किया कि क्या अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप वाकई ईरान को पाषाण युग में वापस ले जाना चाहते हैं, क्योंकि उस समय पश्चिम एशिया में तेल का उत्पादन नहीं हो रहा था। उन्होंने एक्स पर एक पोस्ट में कहा, वर्तमान समय और पाषाण युग में एक बड़ा अंतर है। उस समय पश्चिम एशिया में तेल या गैस का उत्पादन नहीं हो रहा था।

यह भी पढ़ें- 'ईरान वो जगह है जहां हमलावर दफन होते हैं', जमीनी युद्ध की चर्चा के बीच तेहरान की अमेरिका को सीधी चेतावनी