सीजफायर के लिए ईरान की नई मांग, क्या होर्मुज स्ट्रेट से जाने वाले जहाजों को देना होगा 'टैक्स'?
ईरान ने इजरायल-अमेरिका युद्धविराम के लिए होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले जहाजों पर टोल वसूलने की शर्त रखी है। अंतरराष्ट्रीय ...और पढ़ें
HighLights
ईरान ने युद्धविराम के लिए होर्मुज स्ट्रेट टोल की शर्त रखी।
यह जलमार्ग विश्व के 20% कच्चे तेल का मार्ग है।
जी-7 देशों ने ईरान की मांग को अवैध बताया।
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। इजरायलय-अमेरिका और ईरान के बीच जारी युद्ध अब एक नया और खतरनाक मोड़ ले लिया है। ईरान ने सीजफायर के लिए एक ऐसी शर्त रख दी है, जो वैश्विक ऊर्जा बाजार को चिंता में डाल दिया है।
दरअसल, अमेरिका और इजरायल द्वारा शुरू किए गए युद्ध को समाप्त करने के लिए ईरानी अधिकारियों ने मांगों की एक सूची पेश की, जिसमें उन्होंने होर्मुज स्ट्रेट पर ईरान की संप्रुभता और वहां से गुजरने वाले जहाजों पर 'टैक्स' वसूलने के अधिकार की बात रखी।
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गौरतलब है कि होर्मुज स्ट्रेट से विश्व का 20 प्रतिशत कच्चा तेल होकर गुजरता है। ईरान दुनिया के सामने इस मांग को रखकर इसे अपनी नई रणनीतिक जीत के रूप में देख रहा है। ऐसे में सवाल यह है कि क्या इस अंतरराष्ट्रीय जलमार्ग को निजी संपत्ति में बदलना संभव है, या ईरान की यह मांग एक नए वैश्विक आर्थिक युद्ध की शुरुआत है?
ईरान लंबे समय से दे रहा था धमकी
ईरान लंबे समय से हमले की स्थिति में होर्मुज स्ट्रेट को बंद करने की धमकी देता रहा है, लेकिन किसी को भी यह उम्मीद नहीं थी कि वह ऐसा करेगा या वैश्विक व्यापार प्रवाह को बाधित करने में इतना प्रभावी साबित होगा। इस घटना से दुनिया के अर्थव्यवस्था पर पड़े प्रभाव के बाद ईरान की महत्वाकांक्षाएं और बढ़ गई हैं, और उसकी नई मांगें संकेत देती हैं कि वह इस प्रभाव को और अधिक स्थायी रूप देने की कोशिश कर रहा है।

G-7 देशों ने बताया अवैध
अमेरिका और G7 देश ईरान के इस कदम को 'अवैध और खतरनाक' बता रहे हैं। फ्रांस में जी-7 की बैठक के बाद रुबियो ने कहा, "यह न केवल गैरकानूनी है, बल्कि अस्वीकार्य भी है, दुनिया के लिए खतरनाक है, और यह महत्वपूर्ण है कि दुनिया के पास इससे निपटने की योजना हो।" जी-7 की बैठक में शामिल विदेश मंत्रियों ने होर्मुज में सुरक्षित और टोल-मुक्त नौवहन की स्वतंत्रता बहाल करने पर जोर दिया।
होर्मुज में टोल वसूलने की क्या है ईरान की प्लान
सीएनएन की रिपोर्ट के अनुसार, ईरानी संसद अब एक ऐसे विधेयक पर चर्चा कर रहे हैं, जिसके तहत ईंधन और माल परिवहन के लिए होर्मुज जलमार्ग का उपयोग करने वाले देशों को टोल देना अनिवार्य होगा।
सुप्रीम लीडर के सलाहकार ने होर्मुज स्ट्रेट में एक नई व्यवस्था की बात कही है। यह नई व्यवस्था तेहरान को विरोधियों पर समुद्री प्रतिबंध लगाने और दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री परिवहन मार्गों में से एक तक पहुंच को अपने भू-राजनीतिक विवादों से प्रभावी रूप से जोड़ने की अनुमति देगी।
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क्या कहता है नियम?
अमेरिकी नौसेना युद्ध महाविद्यालय में अंतरराष्ट्रीय समुद्री कानून के प्रोफेसर जेम्स क्रास्का ने कहा, होर्मुज स्ट्रेट में टोल लगाना पारगमन नियमों का उल्लंघन है। अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत किसी तटीय राज्य के लिए होर्मुज जैसी अंतरराष्ट्रीय जलडमरूमध्य में शुल्क वसूलने का कोई कानूनी आधार नहीं है।
ये नियम संयुक्त राष्ट्र समुद्री कानून सम्मेलन (UNCLOS) में निर्धारित हैं। हालांकि ईरान और संयुक्त राज्य अमेरिका दोनों ही इस सम्मेलन के पक्षकार नहीं हैं, फिर भी इसके कई मूल सिद्धांत लागू होते हैं क्योंकि इन्हें व्यापक रूप से प्रथागत अंतरराष्ट्रीय कानून के रूप में स्वीकार किया जाता है। लेकिन ईरान अपनी सदस्यता न होने का फायदा उठाकर अपने पक्ष को मजबूत करने की कोशिश कर सकता है।
