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तेहरान का अभेद्य किला... इसलिए होर्मुज जलडमरूमध्य में चलती है ईरान की बादशाहत

Published: Sun, 29 Mar 2026 07:08 AM (IST)

विशेषज्ञों के अनुसार उत्तरी, ईरानी हिस्से में कोई समतल मैदान नहीं है। वहां पहाड़ियां, पर्वत, घाटियां और अपतटीय द्वीप हैं। ...और पढ़ें

होर्मुज जलडमरूमध्य में चलती है ईरान की बादशाहत (फोटो- रॉयटर)

होर्मुज जलडमरूमध्य में चलती है ईरान की बादशाहत (फोटो- रॉयटर)

HighLights

  1. होर्मुज अपने सबसे संकरे बिंदु पर लगभग 24 मील चौड़ा है 

  2. होर्मुज अपने सबसे संकरे बिंदु पर लगभग 24 मील चौड़ा है 


डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। लगभग चार सप्ताह से बंद होर्मुज जलडमरूमध्य को खोलने के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पूरा जोर लगा रहे हैं। राजनयिक बातचीत से लेकर हजारों सैनिकों को तैनात करने के साथ साथ अमेरिकी नौसेना के एस्कॉर्ट तक वह सभी संभावनाओं पर विचार कर रहे हैं।

हालांकि अमेरिका के लिए यह आसान नहीं होने वाला क्योंकि ऐसी कुछ ठोस वजहें हैं, जो यहां पर ईरान की पकड़ को मजबूत बनाती हैं। आइये जानते हैं इन वजहों के बारे में।

भौगोलिक स्थिति

शिपिंग एनालिसिस फर्म वोर्टेक्सा के अनुसार, होर्मुज अपने सबसे संकरे बिंदु पर लगभग 24 मील चौड़ा है और लगभग सारा यातायात दो मुख्य शिपिंग लेन से होकर गुजरता है, जो और भी संकरी हैं। इसे दुनिया का सबसे अनूठा और चुनौतीपूर्ण चोकपाइंट कहना गलत नहीं होगा, क्योंकि इसका कोई विकल्प नहीं है।

जहाजों और संभावित एस्कॉर्ट अभियानों के लिए एक बड़ी चुनौती यह है कि पैंतरेबाजी के लिए पर्याप्त जगह नहीं है। खुले समुद्र में मार्ग बदलने का विकल्प हमेशा मौजूद रहता है लेकिन संकरे समुद्री मार्ग में यह संभव नहीं। इसका मतलब यह है कि ईरान को अपने लक्ष्यों को खोजने की आवश्यकता नहीं है। इससे यह एक किल जोन बन जाता है।

हजार मील लंबी तटरेखा

ईरान के पास लगभग हजार मील लंबी तटरेखा है, जहां से वह जहाज-रोधी मिसाइलें दाग सकता है। ये मिसाइल गतिशील हैं, जिससे इन्हें नष्ट करना कठिन हो जाता है और लंबी तटरेखा का मतलब है कि ईरान जलडमरूमध्य में काफी दूर से हमला कर सकता है।

विशेषज्ञों के अनुसार उत्तरी, ईरानी हिस्से में कोई समतल मैदान नहीं है। वहां पहाड़ियां, पर्वत, घाटियां और अपतटीय द्वीप हैं। ये सभी आने वाले खतरे का पता लगाना और भी मुश्किल बना देते हैं और ईरान के लिए गतिशील हथियारों को छिपाना आसान हो जाता है।

जहाजों को खतरा

अमेरिका ने ईरान की नौसैनिक क्षमताओं को कमजोर किया है लेकिन सबसे बड़ा खतरा अभी भी ईरान के गैर-पारंपरिक हथियारों से है, जैसे ड्रोन, छोटे जहाज और विस्फोटको से भरी मानवरहित नौकाएं। ईरान किसी साधारण सी दिखने वाली नाव से भी बारूदी सुरंगें बिछा सकता है।

अमेरिका के सुरक्षा उपाय: गश्ती विमान, युद्धपोत

जलडमरूमध्य से जहाजों को सुरक्षित रूप से गुजरने में मदद करने के लिए किसी भी नौसैनिक अभियान के लिए कई स्तरों की सुरक्षा की आवश्यकता होगी, जिसमें उपग्रह निगरानी और युद्धपोतों द्वारा सुरक्षा के साथ-साथ आगे उड़ान भरने वाले गश्ती विमान भी शामिल हैं।

होर्मुज जलडमरूमध्य पर ऐसे नियंत्रण बनाए हुए है ईरान

भूमि आधारित मिसाइलेंः ईरान की लंबी तटरेखा का मतलब है कि उसकी मिसाइलों की मारक क्षमता व्यापक है और इन्हें नष्ट करना मुश्किल है क्योंकि इन्हें एक स्थान से दूसरे स्थान पर ले जाया जा सकता है।

हमलावर ड्रोनः ईरान द्वारा डिजाइन किए गए शाहेद हमलावर ड्रोन का बड़े पैमाने पर उत्त्पादन सस्ता है। वहीं, इन्हें मार गिराने के लिए आवश्यक मिसाइलों की कीमत लाखों डालर है।

पनडुब्बियां: अमेरिका ने ईरान के कई नौसैनिक जहाजों और बड़ी पनडुब्बियों को नष्ट कर दिया है, लेकिन विश्लेषकों के अनुसार छोटी पनडुब्बियां अभी भी खतरा बनी हुई है।
छोटी नौकाएं: छोटे चालक दल वाली और मानवरहित विस्फोटकों से भरी ड्रोन नौकाएं टैंकरों पर हमला कर सकती हैं

समुद्री में बिछाई गई बारूदी सुरंगेः ईरान के पास छोटी नावों से व्यापक रूप से समुद्र में बारूदी सुरंगे बिछाने की क्षमता है, जिससे उनकी गतिविधियों की निगरानी करना और उनका मुकाबला करना अधिक कठिन हो जाता है।

(जागरण रिसर्च)