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'मौत से नहीं डरता', फ्लाईदुबई जेट को क्रैश करने की कोशिश के बाद आरोपी को-पायलट का चौंकाने वाला कबूलनामा

Published: Sun, 04 Oct 2026 01:36 PM (IST)

फ्लाईदुबई के को-पायलट हम्माम अल-हम्मामी ने तेल अवीव जा रहे पैसेंजर जेट को जानबूझकर क्रैश करने की कोशिश की बात ...और पढ़ें

फ्लाईदुबई घटना का आरोपी हम्मामी।

फ्लाईदुबई घटना का आरोपी हम्मामी।

HighLights

  1. हम्मामी ने तेल अवीव जेट क्रैश करने की कोशिश कबूली।

  2. पहले भी चरमपंथी गतिविधियों के कारण ओमान एयर ने रोका था।

  3. सीरिया में बिताए समय और सोशल मीडिया पोस्ट की जांच जारी।

डिजिटल डेस्क, तेल अवीव। इजरायल के तेल अवीव जा रहे एक पैसेंजर जेट को क्रैश करने की कोशिश के आरोपी फ्लाईदुबई के को-पायलट हमम अल-हम्मामी का चौंकाने वाला कबूलनामा सामने आई है।

वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट के अनुसार, हम्मामी ने सऊदी अरब में प्लेन के उतरने के बाद जांचकर्ताओं को बताया कि वह जानबूझकर इसे नीचे गिराना चाहता था और उसे मौत से डर नहीं लगता।

किस बात की हो रही जांच?

29 साल के ओमान के नागरिक के कट्टरपंथी बनने के तरीके और अधिकारियों की नजर में पहले से ही चरमपंथी गतिविधियों में शामिल होने के बावजूद उसे कॉकपिट में वापस जाने की इजाजत कैसे मिली, इस बात की अब जांच हो रही है।

उड़ने के शौक से कट्टरपंथ की ओर

वॉल स्ट्रीट जर्नल के अनुसार, हम्मामी के पहले एविएशन एम्प्लॉयर सरकारी ओमान एयर ने उसे उस वक्त उड़ान भरने से रोक दिया था, जब अधिकारियों को पता चला कि वह चरमपंथी वेबसाइटें देख रहा था। उसके बैकग्राउंड के बारे में जानकारी रखने वाले लोगों ने अखबार को बताया कि इसके बाद उन्हें डी-रेडिकलाइजेशन प्रोग्राम (कट्टरपंथ से दूर करने वाले कार्यक्रम) से गुजरना पड़ा और उन्हें डेस्क जॉब दे दी गई।

ओमान एयर छोड़ने के बाद, हम्मामी को यूएई में नौकरी मिल गई और फ्लाईदुबई ने फरवरी 2026 में उसे नौकरी पर रख लिया। यह साफ नहीं है कि एयरलाइन के पास उसके पिछले इतिहास के बारे में क्या जानकारी थी या क्या ओमान से कभी यह जानकारी मांगी गई थी।

सीरिया में भी रहा हम्मामी

रिपोर्ट के मुताबिक, ओमान को नौकरी के लिए उसकी जांच-पड़ताल करने के मकसद से जानकारी के लिए दूसरे देशों से कोई अनुरोध नहीं मिला। जांच करने वाले हम्मामी के सीरिया में बिताए समय की भी जांच कर रहे हैं। ओमानी पिता और सीरियाई मां के घर जन्मे हम्मामी ने अपनी जवानी का कुछ हिस्सा सीरिया में गृहयुद्ध के दौरान बिताया था।

जांच से जुड़े लोगों का कहना है कि अधिकारी इस बात की जांच कर रहे हैं कि क्या वहां रहते हुए ही वह कट्टरपंथी विचारधारा की ओर झुका था, जब इस्लामी विद्रोही बशर अल-असद की सरकार के खिलाफ लड़ रहे थे।

हम्मामी के पोस्ट्स में महिलाओं के प्रति नफरत

हमामी के सोशल मीडिया पर ऐसे कई ऑनलाइन रिकॉर्ड मौजूद हैं जो फ्लाईदुबई हमले से पहले के हैं। हमामी के डिलीट किए गए एक्स अकाउंट के 3,000 से ज्यादा स्क्रीनशॉट इंटरनेट आर्काइव पर अभी भी उपलब्ध हैं।

इन पोस्ट्स में बहुत ज्यादा रूढ़िवादी और महिलाओं के प्रति नफरत भरी सोच जाहिर की गई है। इनमें महिलाओं के काम करने का विरोध करने और नकाब पहनने वाली धार्मिक महिलाओं को प्राथमिकता देने जैसी बातें शामिल हैं।

एक पोस्ट में बताया गया है कि हम्मामी ने सऊदी महिलाओं से संपर्क करने के लिए एक फेक अकाउंट बनाया था। एक और पोस्ट में उसने लिखा था कि उसकी पत्नी को नौकरी नहीं करनी चाहिए। सिर्फ इन पोस्ट से यह साबित नहीं होता कि वह कब हिंसक हुआ या क्या उसके विचारों की वजह से ही फ्लाईदुबई पर हमला हुआ।

लेकिन जांच करने वाले इन पोस्ट की तुलना उसकी पहले की चरमपंथी वेब गतिविधियों और सीरिया में बिताए समय से कर रहे हैं, ताकि यह पता लगाया जा सके कि क्या ये कट्टरपंथ की ओर बढ़ने की किसी बड़ी प्रक्रिया का हिस्सा हैं।

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