ईरान को मनाने में जुटे तुर्किए और पाकिस्तान: डील पर ट्रंप का बड़ा दांव; भेजा शांति संदेश
अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच चार हफ्तों से चल रहे संघर्ष को रोकने का प्रयास कर रहा है। पाकिस्तान ...और पढ़ें

अमेरिका ने पाकिस्तान-तुर्किए को बनाया गुप्तचर (जागरण)

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डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच चल रहे युद्ध को चार हफ्ते पूरे हो रहे हैं और इन चार हफ्तों में इस युद्ध का असर केवल मिडिल ईस्ट पर नहीं, बल्कि पूरी दुनिया पर देखने को मिला है।
अमेरिका की तरफ से अब इस युद्ध को रोकने का प्रयास जारी है और उसने पाकिस्तान और तुर्किए को अपना गुप्तचर बनाया है, जो कि ईरान और अमेरिका के बीच बातचीत की कड़ी बने हुए हैं।
तुर्किए-पाकिस्तान बने गुप्तचर
रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, वरिष्ठ ईरानी अधिकारी ने बताया कि पाकिस्तान ने अमेरिका की तरफ से ईरान को एक प्रस्ताव सौंपा है। इस प्रस्ताव में खाड़ी में चल रहे युद्ध का तनाव कम करने के उद्देश्य से होने वाली बातचीत के लिए पाकिस्तान या तुर्किए में से किसी एक को जगह को चुनने का सुझाव दिया गया है।
वरिष्ठ ईरानी अधिकारी ने नाम न बताने की शर्त पर बताया कि तेहरान शायद कूटनीतिक प्रस्तावों पर विचार कर सकता है, भले ही वह सार्वजनिक तौर पर यह जोर देकर कहता रहा है कि कोई बातचीत नहीं चल रही है और वह राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप के प्रशासन के साथ कोई समझौता नहीं करेगा।
सूत्र ने बताया कि तुर्किए ने भी युद्ध खत्म करने में मदद की है और ऐसी बातचीत के लिए जगह के तौर पर तुर्किए या पाकिस्तान में से किसी एक पर विचार करने के लिए ईरान के सामने प्रस्ताव रखा है।
अमेरिका का 15-सूत्रीय प्रस्ताव
डोनल्ड ट्रंप ने सोमवार को दावा किया था कि अमेरिका ने ईरान को 15-सूत्रीय प्रस्ताव भेजा है और दोनों देशों के बीच युद्ध रोकने को लेकर बातचीत जारी है।
हालांकि ईरान ने ट्रंप के सभी दावों को खारिज करते हुए बताया था कि ईरान और अमेरिका के बीच कोई सीधी बातचीत नहीं है। लेकिन अब समाचार एजेंसी रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक दोनों देशों के बीच बात पाकिस्तान और तुर्किए के जरिए हो रही है।
ईरान ने पाकिस्तान जा रहे जहाज को होर्मुज से लौटाया
अमेरिका और ईरान के बीच वार्ता में मध्यस्थता करने के पाकिस्तान के प्रस्ताव से तेहरान बिल्कुल प्रभावित नहीं है। उसने खाद्य सामग्री लेकर कराची जा रहे एक जहाज 'सेलेन' को यह कहते हुए होर्मुज से वापस लौटा दिया कि उसने जलडमरूमध्य से गुजरने के लिए ईरानी नौसेना से अनुमति नहीं ली थी।
ईरानी नौसेना के कमांडर रियर एडमिरल अलीरेजा तंगसिरी ने कहा, 'कानूनी प्रोटोकाल का पालन नहीं करने और होर्मुज से गुजरने की अनुमति नहीं होने के कारण नौसेना ने मालवाहक जहाज को वापस भेज दिया। इस जलमार्ग से किसी भी जहाज को गुजरने के लिए ईरान के समुद्री प्राधिकरण के साथ पूर्ण समन्वय आवश्यक है।'
