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'हम दुश्मन नहीं, दोस्त हैं', मिडिल ईस्ट तनाव के बीच चीन ने भारत को लेकर क्या-क्या कहा?

Published: Sun, 08 Mar 2026 03:01 PM (IST)Updated: Sun, 08 Mar 2026 03:18 PM (IST)

मध्य पूर्व में तनाव के बीच चीनी विदेश मंत्री वांग यी ने भारत-चीन संबंधों पर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने ...और पढ़ें

HighLights

  1. भारत-चीन को प्रतिद्वंद्वी नहीं, साझेदार के रूप में देखें- वांग यी

  2. सीमावर्ती क्षेत्रों में शांति और स्थिरता बनाए रखना आवश्यक

  3. ब्रिक्स अध्यक्षता में एक-दूसरे का समर्थन कर जिम्मेदारी निभाएं

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के कारण वैश्विक समीकरणों में आ रहे बदलाव के बीच चीन ने भारत की ओर दोस्ती का हाथ बढ़ाया है। दरअसल, बीजिंग में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान चीनी विदेश मंत्री वांग यी ने भारत और चीन के बीच सुधरते संबंधों पर बड़ा बयान दिया है।

चीनी विदेश मंत्री वांग यी ने कहा कि भारत-चीन को एक-दूसरे को प्रतिद्वंद्वी के बजाय साझेदार और खतरे के बजाय अवसर के रूप में देखना चाहिए। चीन और भारत महत्वपूर्ण पड़ोसी हैं और दोनों ग्लोबल साउथ के सदस्य होने के नाते गहरे सांस्कृतिक संबंध तथा व्यापक साझा हित रखते हैं।

भारत महत्वपूर्ण पड़ोसी...

शिन्हुआ न्यूज एजेंसी के अनुसार, वांग यी ने राष्ट्रीय और अंतराष्ट्रीय पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए चीन की विदेश नीति और बाहरी संबंधों पर विस्तार से बात की। इसी दौरान जब भारतीय पत्रकार के एक सवाल का जवाब में कहा, 'चीन और भारत महत्वपूर्ण पड़ोसी हैं और दोनों ही वैश्विक दक्षिण के हिस्से हैं, जिनके बीच गहरे सांस्कृतिक संबंध और व्यापक साझा हित हैं।'

भारत चीन संबंधों के सुधार को लेकर वांग यी ने चार प्वाइंट साझा किए-

  • दोनों देशों को एक-दूसरे को प्रतिद्वंद्वी के बजाय साझेदार और खतरे के बजाय अवसर के रूप में देखना चाहिए।
  • वांग यी ने सीमावर्ती क्षेत्रों में शांति और स्थिरता बनाए रखने के साथ-साथ अच्छे पड़ोसी के धर्म को निभाने पर जोर दिया।
  • वांग यी ने कहा वांग यी ने भारत और चीन को इस साल और अगले साल ब्रिक्स की बारी-बारी से अध्यक्षता करने में एक-दूसरे का समर्थन करना चाहिए।
  • दोनों देशों को एक-दूसरे की ओर कदम बढ़ाते हुए बाधाओं को दूर करना चाहिए, ताकि अंतरराष्ट्रीय मंच पर जिम्मेदारी का प्रदर्शन किया जा सके।

आपसी सहयोग बहुत फायदेमंद

चीन और भारत के बीच आपसी विश्वास और सहयोग साझा विकास के लिए बहुत फायदेमंद है, जबकि विभाजन और टकराव एशिया के पुनरुत्थान में सही नहीं हैं। भारत को दुश्मन नहीं दोस्त बनाना चाहिए। चीनी विदेश मंत्री ने यह स्पष्ट किया कि दोनों देशों के बीच रिश्ते अब सामान्य हो गए हैं। इसलिए अब भारत-चीन आपसी सहयोग को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

पत्रकारों का सवाल देने के दौरान वांग यी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति शी चिनपिंग की तियानजिन में हुई मुलाकात का भी जिक्र किया।

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