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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 18, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

WHO ने चीन को लगाई फटकार, कहा- कोरोना वायरस से संबंधित डेटा जारी करने के बाद क्यों हटाया?

By AgencyEdited By: Achyut Kumar
Published: Sat, 18 Mar 2023 08:41 AM (IST)Updated: Sat, 18 Mar 2023 09:52 AM (IST)

डब्ल्यूएचओ ने चीन पर कोरोना वायरस की उत्पत्ति पर डेटा छिपाने का आरोप लगाया है। दरअसल चीन के वुहान बाजार ...और पढ़ें

WHO ने चीन पर कोरोना वायरस की उत्पत्ति का डेटा छिपाने का लगाया आरोप
WHO ने चीन पर कोरोना वायरस की उत्पत्ति का डेटा छिपाने का लगाया आरोप

वाशिंगटन, एएनआई। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने वैज्ञानिक अनुसंधान को रोकने के लिए चीनी अधिकारियों को फटकार लगाई है, जिससे कोरोना वायरस की उत्पत्ति का पता चल सकता था। डब्ल्यूएचओ ने शुक्रवार को चीनी अधिकारी से तीन साल पहले डेटा का खुलासा नहीं करने के कारणों के बारे में भी पूछा। द न्यूयॉर्क टाइम्स ने यह जानकारी दी।

रैकून कुत्ते से फैला कोरोना वायरस

इंटरनेट स्पेस में डेटा गायब होने से पहले, वायरस विशेषज्ञों की एक अंतरराष्ट्रीय टीम ने इसे डाउनलोड किया और शोध का विश्लेषण करना शुरू किया। टीम ने खुलासा किया कि डेटा इस विचार का समर्थन करता है कि महामारी अवैध रूप से कारोबार करने वाले रैकून कुत्तों से शुरू हो सकती है, जो चीन के वुहान हुआनान सीफूड होलसेल मार्केट में मनुष्यों को संक्रमित करते हैं।

वैज्ञानिक डेटाबेस से जीन अनुक्रम हटाए

द न्यूयॉर्क टाइम्स के अनुसार, जब विशेषज्ञों ने अपने चीनी समकक्षों के साथ विश्लेषण पर सहयोग करने की पेशकश की, तो टीम अंतिम परिणाम तक नहीं पहुंच सकी, क्योंकि वैज्ञानिक डेटाबेस से जीन अनुक्रम हटा दिए गए थे। 

डेटा को तुरंत साझा करना जरूरी

डब्लूएचओ के महानिदेशक डॉ टेड्रोस अदनोम घेब्रेयसस ने कहा, "ये डेटा तीन साल पहले साझा किया जा सकता था।" उन्होंने कहा कि लापता साक्ष्य को अब अंतरराष्ट्रीय समुदाय के साथ तुरंत साझा करने की आवश्यकता है।डेटा की समीक्षा कर रही विशेषज्ञ टीम के अनुसार, शोध इस बात का सबूत देता है कि रेकून कुत्ते, लोमड़ी जैसे जानवर से जानवर से कोरोना वायरस फैस सकता है।

फ्रांसीसी जीवविज्ञानी ने शुरू किया रिसर्च

इस बीच, एक फ्रांसीसी जीवविज्ञानी ने पिछले हफ्ते डेटाबेस में अनुवांशिक अनुक्रमों की खोज की और उनकी टीम ने महामारी की उत्पत्ति के बारे में सुराग के लिए रिसर्च शुरू किया। उस टीम ने अभी तक निष्कर्षों को रेखांकित करने वाला एक पेपर जारी नहीं किया है, लेकिन शोधकर्ताओं ने इस सप्ताह एक बैठक में कोविड की उत्पत्ति का अध्ययन करने वाले डब्ल्यूएचओ सलाहकार समूह को सामग्री का विश्लेषण दिया, जिसमें उसी डेटा के बारे में चीनी शोधकर्ताओं द्वारा एक प्रस्तुति भी शामिल थी।

शिकागो विश्वविद्यालय में एक महामारीविद और विकासवादी जीवविज्ञानी सारा कोबे के अनुसार, चीन ने जो प्रस्तुत किया है, उससे यह विश्लेषण अलग प्रतीत होता है। कोबे, जो नए विश्लेषण में शामिल नहीं थे, ने कहा कि विश्लेषण चीनी वैज्ञानिकों द्वारा पहले के विवादों से टकराता हुआ प्रतीत होता है कि बाजार में लिए गए नमूने जो कोरोना वायरस के लिए सकारात्मक थे, अकेले बीमार लोगों द्वारा लाए गए थे। नमूने कैसे एकत्र किए गए थे, उनमें वास्तव में क्या था और सबूत क्यों गायब हो गए थे, इस बारे में प्रश्न बने हुए हैं। 

डॉ. कोबे उन 18 वैज्ञानिकों में से एक थे, जिन्होंने मई 2021 में जर्नल साइंस में एक प्रभावशाली पत्र पर हस्ताक्षर किए थे जिसमें उस परिदृश्य पर गंभीरता से विचार करने का आग्रह किया गया था, जिसमें वायरस वुहान की एक प्रयोगशाला से बाहर फैल सकता था।

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