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ईरान पर मंडराया युद्ध का खतरा, ट्रंप के अल्टीमेटम के बीच आज या कल से हमला संभव

Published: Mon, 23 Feb 2026 06:00 AM (IST)

अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर उसके समर्पण न करने से हैरान हैं। उनके विशेष दूत ने कहा ...और पढ़ें

ट्रंप के अल्टीमेटम के बीच हमले की आशंका

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डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप इस बात से हैरान हैं कि मध्य एशिया में भारी सैन्य जमावड़े और राजनीतिक दबाव के बावजूद ईरान अब तक समर्पण की मुद्रा में नहीं आया है, न तो वह अपने परमाणु कार्यक्रम को ही रोकने को तैयार है।

ट्रंप के विशेष दूत स्टीव विटकाफ ने कहा कि राष्ट्रपति निराश नहीं हैं, क्योंकि उनके पास तमाम विकल्प मौजूद हैं। वहीं, पूर्व सीआईए अधिकारी जान किरियाकोऊ ने दावा किया है कि ईरान पर सोमवार या मंगलवार से हमला शुरू हो सकता है।

राष्ट्रपति हताश नहीं हैं, लेकिन...

फाक्स न्यूज के एक कार्यक्रम में विटकाफ ने कहा कि राष्ट्रपति हताश नहीं हैं, लेकिन यह समझना चाहते हैं कि भारी नौसैनिक और सैन्य दबाव के बावजूद तेहरान वार्ता की दिशा में ठोस पहल क्यों नहीं कर रहा। उन्होंने संकेत दिया कि अमेरिका के पास कई विकल्प खुले हैं।

वहीं, एक पाडकास्ट में पूर्व सीआइए अधिकारी किरियाकोऊ ने दावा किया कि ट्रंप ने भले ही ईरान को 10 दिन की समयसीमा दी हो, लेकिन वह इसका पालन शायद ही करें। उन्होंने कहा कि व्हाइट हाउस में उनके एक साथी ने बताया कि हमले की पूरी तैयारी हो चुकी है।

ट्रंप अमूमन ऐसा करते हैं ताकि...

ट्रंप की इस रणनीति पर किरियाकोऊ ने कहा कि ट्रंप अमूमन ऐसा करते हैं ताकि दुश्मन को संभलने का मौका न मिले। वह कहेंगे कि मैं आपको 10 दिन देता हूं या दो हफ्ते देता हूं, सोच लीजिए। लेकिन वह अचानक हमला कर देंगे।


विटकाफ का दावा है कि ईरान संभवत: एक सप्ताह के भीतर की बम बनाने योग्य यूरेनियम संवर्धन की स्थिति में पहुंच सकता है। हालांकि, तेहरान लगातार कहता आया है कि उसका परमाणु कार्यक्रम पूरी तरह शांतिपूर्ण उद्देश्यों के लिए है और वह परमाणु हथियार विकसित नहीं कर रहा।

यूरेनियम मुद्दे पर झुकने को तैयार ईरान, दिए संकेत

ईरानी अधिकारी ने संकेत दिया कि तेहरान अपने उच्च समृद्ध यूरेनियम के एक हिस्से को निर्यात करने, शुद्धता कम करने या क्षेत्रीय संवर्धन कंसोर्टियम बनाने जैसे विकल्पों पर गंभीरता से विचार कर सकता है, बशर्ते उसके शांतिपूर्ण परमाणु संवर्धन के अधिकार को मान्यता मिले और प्रतिबंधों में ठोस राहत दी जाए।

वहीं, ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अरघची ने उम्मीद जताई है कि इस गुरुवार को स्विटजरलैंड के जिनेवा में अमेरिकी विशेष दूत विटकाफ के साथ बैठक में कूटनीतिक समाधान निकल सकता है।

ईरान में छात्रों ने शुरू किए नए प्रदर्शन ईरान में नए सिरे से सरकार विरोधी आंदोलन शुरू हो गए हैं। पांच विश्वविद्यालय के छात्रों ने तेहरान और अन्य शहरों में ये प्रदर्शन किए। उनका आरोप है कि सरकार ने इस साल जनवरी में देशव्यापी आंदोलनों को कुचलने के लिए हजारों निर्दोष लोगों की हत्या करा दी है। (समाचार एजेंसी रॉयटर्स के इनपुट के साथ)

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