मिडिल ईस्ट में सेना भेजने की तैयारी में अमेरिका, बनाया बड़ा एयर ब्रिज
ईरान के साथ संभावित परमाणु समझौते को लेकर अनिश्चितता के बीच अमेरिका ने मिडिल ईस्ट में अपनी सैन्य उपस्थिति बढ़ा ...और पढ़ें

मिडिल ईस्ट की ओर बढ़ी अमेरिकी गतिविधियां।

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डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। ईरान के साथ संभावित न्यूक्लियर डील को लेकर स्थिति अभी भी नाजुक बनी हुई है, ऐसे में अमेरिका ने मिडिल ईस्ट की ओर मिलिट्री एयरक्राफ्ट की मूवमेंट बढ़ा दी है। इस इलाके की ओर हथियारों और इक्विपमेंट को ले जाने वाले एयरक्राफ्ट की लगातार आवाजाही हो रही है।
फ्लाइट ट्रैकिंग डेटा से पता चलता है कि फाइटर जेट, रिफ्यूलिंग टैंकर और यूएस बेस से निकलने वाले ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट की गतिविधियां हो रही हैं। इसके अलावा, फ्लाइटरडार के एक वीडियो ग्लोबल मैप दिखता है, जिसमें फाइटर जेट, रिफ्यूलिंग टैंकर और US बेस से निकलने वाले ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट के आइकॉन दिखते हैं।
तैनात किए गए कई तरह के फाइटर जेट
साथ ही फ्लाइट के रास्ते एक लगातार स्ट्रीम की तरह दिखते हैं और अटलांटिक के पार एक डिजिटल ‘एयर ब्रिज’ बनाते हैं, जो यूरोप और मेडिटेरेनियन के ऊपर से गुजरता है। कई तरह के फाइटर जेट तैनात किए गए हैं।
एयर एंड स्पेस फोर्सेज की एक रिपोर्ट के मुताबिक, जर्मनी के स्पैंगडाहलेम एयर बेस, इटली के एवियानो एयर बेस और साउथ कैरोलिना के मैकएंटायर जॉइंट नेशनल गार्ड बेस से F-16 फाइटिंग फाल्कन मिडिल ईस्ट की ओर बढ़ गए हैं।
कौन-कौन से विमान किए गए तैनात
ब्रिटेन के आरएएफ लैकेनहीथ से F-15E स्ट्राइक ईगल्स और वर्जीनिया के जॉइंट बेस लैंग्ली-यूस्टिस से F-22 रैप्टर्स को भी तैनात किया गया है। ये वही विमान हैं जिन्होंने पहले भी ईरानी न्यूक्लियर साइट्स पर हमलों और स्पेशल ऑपरेशन्स में हिस्सा लिया है, जिसमें पिछले साल का ऑपरेशन मिडनाइट हैमर भी शामिल है।
अमेरिका ने RC-135 रिवेट जॉइंट इंटेलिजेंस प्लेन और P-8 पोसाइडन मैरीटाइम पेट्रोल एयरक्राफ्ट जैसे सपोर्ट एयरक्राफ्ट भेजे हैं। कुछ RC-135s सिक्योरिटी के लिए ग्रीक आइलैंड क्रीट में शिफ्ट हो गए हैं, जबकि दूसरे फ्लोरिडा से रास्ते में हैं। कई रिफ्यूलिंग एयरक्राफ्ट, एयरबोर्न कमांड और कंट्रोल प्लेन और इलेक्ट्रॉनिक कम्युनिकेशन एयरक्राफ्ट भी डिप्लॉयमेंट में शामिल हो रहे हैं।
यूएस नेवी ने भी बढ़ाई मौजूदगी
अमेरिकी नेवी ने भी अपनी मौजूदगी बढ़ा दी है। USS अब्राहम लिंकन कैरियर स्ट्राइक ग्रुप अरब सागर में है, जिसके साथ F-35C और EA-18 फाइटर जेट हैं। USS गेराल्ड आर फोर्ड अपने स्ट्राइक एयरक्राफ्ट के साथ पूर्वी भूमध्य सागर की ओर बढ़ रहा है।
The massive USAF airbridge to support future strikes on Iran continued overnight, with dozens of airlifters moving additional air defense assets and munitions into the Middle East. pic.twitter.com/qIqgc1YjFh
— OSINTtechnical (@Osinttechnical) February 22, 2026
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