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US मिडटर्म चुनाव रिजल्ट: ट्रंप की नीतियों पर जनता की मुहर या नाराजगी? आज नतीजों में सब होगा क्लियर

Published: Wed, 04 Nov 2026 12:00 AM (IST)

अमेरिकी मध्यावधि चुनाव के लिए मतदान शुरू हो गया है, जिसे राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की नीतियों पर जनमत संग्रह के तौर पर देखा जा रहा है।

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जागरण न्यूज नेटवर्क, नई दिल्ली। ईरान के खिलाफ युद्ध, मनमाने टैरिफ और बढ़ती महंगाई को लेकर अमेरिकी जनता में असंतोष के बीच मंगलवार को मध्यावधि चुनाव के लिए मतदान शुरू हो गया।

न चुनावों को राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की नीतियों पर जनमत संग्रह के रूप में देखा जा रहा है। अल जजीरा के अनुसार, सबसे पहले वेरमोंट में सुबह पांच बजे मतदान शुरू हुआ। इसके बाद न्यू जर्सी, वर्जीनिया, कनेक्टिकट, केंटकी और इंडियाना के कुछ हिस्सों में भी मतदान शुरू हो गया।

शांतिपूर्ण चुनाव कराने के लिए अमेरिकी न्याय विभाग ने सभी 50 राज्यों में करीब 1,000 चुनाव पर्यवेक्षक तैनात किए हैं। भारतीय समयानुसार मतदान बुधवार तड़के 4:30 बजे तक चलेगा। नतीजे बुधवार को आएंगे।

प्रेट्र के अनुसार, ट्रंप को आशंका है कि इन चुनावों में उनकी रिपब्लिकन पार्टी की सीटें घट सकती हैं। उन्होंने मतदाताओं से इसे अपने पक्ष में जनमत संग्रह मानकर मतदान करने की अपील की है।

ट्रंप ने कहा कि यदि डेमोक्रेटिक पार्टी की सीटें बढ़ती हैं तो वह 'मिस्टर वीटो' बन जाएंगे। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि वह अपने कामकाज में कांग्रेस को बाधा नहीं बनने देंगे।

कांग्रेस पर कब्जे की लड़ाई

चुनाव में प्रतिनिधि सभा की सभी 435 सीटों और सीनेट की 35 सीटों पर मतदान हो रहा है। इसके अलावा 36 राज्यों में गवर्नर पद के लिए भी चुनाव हैं। फिलहाल कांग्रेस के दोनों सदनों में रिपब्लिकन पार्टी का बहुमत है।

प्रतिनिधि सभा में उसके 218 और सीनेट में 51 सदस्य हैं। वहीं, डेमोक्रेटिक पार्टी के प्रतिनिधि सभा में 214 और सीनेट में निर्दलीय सदस्यों समेत कुल 47 सदस्य हैं।

एपी के अनुसार, इन चुनावों से तय होगा कि ट्रंप की पार्टी कांग्रेस के दोनों सदनों पर अपना नियंत्रण बनाए रख पाती है या डेमोक्रेटिक पार्टी प्रतिनिधि सभा में बहुमत हासिल कर लेती है।

ओपिनियन पोल भी डेमोक्रेट्स की वापसी के संकेत दे रहे हैं। यदि ऐसा हुआ तो ट्रंप के दूसरे कार्यकाल के शेष दो वर्षों में उनके लिए फैसले लागू कराना चुनौतीपूर्ण हो सकता है।

भारतीय-अमेरिकी उम्मीदवारों पर भी नजर

इन चुनावों में कई भारतीय-अमेरिकी उम्मीदवार भी अपनी किस्मत आजमा रहे हैं। ओहायो में रिपब्लिकन उम्मीदवार विवेक रामास्वामी और डेमोक्रेट एमी एक्टन के बीच गवर्नर पद के लिए कड़ा मुकाबला है।

वहीं, भारतीय मूल की नित्या रमन लॉस एंजिलिस के मेयर पद की दौड़ में अपनी पूर्व अधिकारी और मौजूदा मेयर करेन बास को चुनौती दे रही हैं।

भारतीय-अमेरिकी सांसद रो खन्ना, अमी बेरा, प्रमिला जयपाल और सुहास सुब्रमण्यम भी प्रतिनिधि सभा में दोबारा चुने जाने के लिए मैदान में हैं। वहीं, पिया डंडिया और अमिश शाह पहली बार कांग्रेस पहुंचने की कोशिश में जुटे हैं।

खराब मौसम और तकनीकी दिक्कतें

कुछ राज्यों में भारी बारिश और अचानक आई बाढ़ के कारण मतदान प्रभावित हुआ है। फ्लोरिडा, कोलोराडो, एरिजोना, यूटा और न्यू मैक्सिको में कई मतदान केंद्रों को बदलना पड़ा है। मतदाताओं को इसकी जानकारी इंटरनेट मीडिया के जरिये दी गई।

न्यूयार्क के वेस्टचेस्टर काउंटी में भी मतदान के दौरान तकनीकी दिक्कतें सामने आईं। यहां कुछ वोटिंग मशीनें कागज के मोटे मतपत्रों को स्वीकार नहीं कर पा रही थीं। वोट स्कैनरों में भी परेशानी की खबरें आईं।

आखिरी दौर में ट्रंप का प्रचार

मतदान से एक दिन पहले सोमवार को रिपब्लिकन और डेमोक्रेटिक नेताओं ने मतदाताओं को अपने पक्ष में करने के लिए आखिरी कोशिश की। ट्रंप ने इस बार लिंकन मेमोरियल रिफ्लेक्टिंग पूल को अपने संबोधन के लिए चुना।

उन्होंने टैक्स में कटौती, टैरिफ और सीमा सुरक्षा जैसे मुद्दों के बजाय राजधानी में कराए गए नवीनीकरण कार्यों पर ज्यादा जोर दिया। व्हाइट हाउस के अनुसार, पिछले 32 दिनों में ट्रंप ने 20 राज्यों का दौरा किया और 30 चुनावी रैलियों को संबोधित किया। इनमें ज्यादातर राज्य रिपब्लिकन पार्टी के मजबूत गढ़ माने जाते हैं।

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