H-1B वीजा धोखाधड़ी पर अमेरिका सख्त: जुर्माना बढ़कर 2.4 करोड़, 10 साल तक का लग सकता है बैन
अमेरिकी संसद में एच-1बी वीजा धोखाधड़ी पर लगाम लगाने के लिए एक विधेयक पेश किया गया है, जिसमें गंभीर उल्लंघनों ...और पढ़ें

अमेरिकी संसद में एच-1बी वीजा धोखाधड़ी पर विधेयक पेश (जागरण ग्राफिक्स)

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डिजिटल डेस्क, वाशिंगटन। अमेरिकी संसद के निचले सदन प्रतिनिधि सभा में एच-1बी वीजा धोखाधड़ी पर अंकुश लगाने के लिए जुर्माना राशि में भारी-भरकम बढ़ोतरी करने को लेकर एक विधेयक पेश किया गया है।
इसमें वीजा उल्लंघनों के गंभीर मामले में जुर्माना राशि को बढ़ाकर ढाई लाख डॉलर (करीब 2.4 करोड़ रुपये) तक करने का प्रस्ताव है।
अमेरिकी संसद में एच-1बी वीजा धोखाधड़ी पर विधेयक पेश
इस तरह के मामले में लिप्त पाए जाने वाले नियोक्ता पर प्रतिबंध को दस वर्ष तक बढ़ाने की बात भी है। एच-1बी वीजा भारतीय पेशेवरों में काफी लोकप्रिय है। अमेरिकी कंपनियां इस वीजा के माध्यम से अपने यहां विदेशियों को रोजगार देती हैं।
रिपब्लिकन सांसद बेथ वैन ड्यून ने सोमवार को एच-1बी वीजा धोखाधड़ी पर सख्ती बरतने वाला यह विधेयक सदन में पेश किया। उन्होंने कहा कि मौजूदा जुर्माना राशियां इतनी कम हैं कि वे नियोक्ताओं को वीजा प्रोग्राम का गलत इस्तेमाल करने से रोक नहीं पातीं।
गंभीर उल्लंघनों पर 2.4 करोड़ रुपये तक का जुर्माना प्रस्तावित
रिपब्लिकन सांसदों ब्रायन बेबीन, पैट फालन, ब्रैंडल गिल, कीथ सेल्फ और पीट सेशंस ने प्रस्ताव को सह-प्रायोजित किया है। ये सभी टेक्सास के प्रतिनिधि हैं। विधेयक में एच-1बी वीजा नियमों का जानबूझकर उल्लंघन करने पर अधिकतम जुर्माना को पांच हजार डालर से बढ़ाकर एक लाख डालर करने का प्रस्ताव है।
जबकि अमेरिकी कामगारों को जानबूझकर हटाने से जुड़े उल्लंघन पर जुर्माना को 35 हजार डॉलर से बढ़ाकर ढाई लाख करने की बात है। बता दें कि ट्रंप प्रशासन वीजा नियमों को लगातार सख्त कर रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने नए एच-1बी वीजा के लिए शुल्क एक लाख डालर कर दिया है।
