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Iran ऑपरेशन से 30 साल पहले दुश्मन क्षेत्र में 6 दिन कैसे जिंदा रहा अमेरिकी पायलट? दिल दहला देगी ये कहानी

Published: Mon, 06 Apr 2026 04:52 PM (IST)

अमेरिका के ईरान से दो पायलटों को बचाने के अभियान के बीच, 30 साल पहले कैप्टन स्कॉट ओ'ग्रेडी की कहानी ...और पढ़ें

(F-16 फाइटर जेट और कैप्टन स्कॉट ओ'ग्रेडी , फोटो - सोशल मीडिया)

(F-16 फाइटर जेट और कैप्टन स्कॉट ओ'ग्रेडी , फोटो - सोशल मीडिया)

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डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। अमेरिका का ईरान से अपने दो पायलटों को बचा लेने से जुड़ा सैन्य अभियान इस समय पूरी दुनिया में चर्चा का विषय बना हुआ है। 48 घंटे तक ईरान की सबसे मुश्किल पहाड़ियों में सर्वाइवल की यह कहानी 30 साल पहले कैप्टन स्कॉट ओ'ग्रेडी की याद दिलाती है, जो 6 दिनों तक दुश्मन क्षेत्र में जिंदा रह पाए थे।

बॉस्निया युद्ध हुआ था हादसा 

साल 1995 में बॉस्निया युद्ध के दौरान अमेरिकी वायुसेना के कैप्टन स्कॉट ओ'ग्रेडी ने मौत से लड़ाई लड़ी थी। NATO के नो-फ्लाई जोन की गश्त के दौरान उनके F-16 फाइटर जेट को सर्बियाई मिसाइल ने मार गिराया था। इस दौरान पायलट ने समय रहते इजेक्ट कर लिया, लेकिन वह पैराशूट से दुश्मन क्षेत्र में गिर पड़े, जहां बोस्नियाई सर्ब सैनिक उन्हें ढूंढ रहे थे।

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कहानी कैप्टन स्कॉट ओ'ग्रेडी की 

इस दौरान ओ'ग्रेडी ने सर्वाइवल ट्रेनिंग का पूरा इस्तेमाल किया। वे दिन में बिल्कुल हिलते नहीं, सिर्फ रात में चलते थे। CNN की खबर के अनुसार, दो दिन तक दुश्मन हेलीकॉप्टर उनके इतने करीब से गुजरा कि उन्हें पायलटों के चेहरे दिख रहे थे। जमीन पर सर्ब सैनिक हर हिलती चीज पर फायरिंग कर रहे थे।

पहले चार दिन उन्होंने इमरजेंसी पैक का पानी पिया, फिर पत्तों से बरसात का पानी और जंगली पौधे-कीड़े खाकर अपनी जान बचाई। उन्होंने इस दौरान रेडियो का इस्तेमाल भी नहीं किया, क्योंकि सिग्नल से लोकेशन पता चल सकता था। छठे दिन आखिरकार उन्होंने वीक सिग्नल भेजा, जो NATO के विमान ने पकड़ लिया।

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कैसे हुआ रेस्क्यू?

इसके तुरंत बाद रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू हुआ। अमेरिकी नेवी के जहाज USS केयर्सार्ज से मरीन हेलीकॉप्टर निकले। फाइटर जेट्स और अटैक हेलीकॉप्टरों की सुरक्षा में लो-अल्टीट्यूड पर उड़ान भरते हुए वे लोकेशन पर पहुंचे।

पहाड़ी पर से ओ'ग्रेडी का रेस्क्यू किया गया, लेकिन दुश्मन की गोलियां उस दौरान भी चल रही थीं। 8 जून 1995 की सुबह ओ'ग्रेडी को सुरक्षित निकाल लिया गया। अमेरिका लौटकर वे हीरो बन गए। तत्कालीन राष्ट्रपति बिल क्लिंटन ने उन्हें व्हाइट हाउस में 'अमेरिकन हीरो' तक कह दिया।

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