अमेरिका (प्रेट्र)। वैज्ञानिकों ने पैंक्रियाटिक (अग्नाशय) कैंसर से जुड़े चार प्रमुख जीन की पहचान की है। इन चारों जीन से यह अनुमान लगाया जा सकता है कि इस रोग से पीड़ित व्यक्ति का जीवनकाल कितना लंबा हो सकता है। शोधकर्ताओं के अनुसार, यह शोध 356 रोगियों पर किया गया। ये सभी पैंक्रियाटिक एडनोकार्सनोम से पीड़ित थे। इसे सर्जरी के जरिये निकाला जा सकता है।

इन सभी मामलों में ट्यूमर को निकाल दिया गया था। अमेरिका की रोचेस्टर यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं ने कैंसर प्रभावित टिश्यू से डीएनए एकत्र किया और केआरएएस, सीडीकेएन2ए, एसएमएडी4 और टीपी53 जीन का विश्लेषण किया। उन्होंने पाया कि जिन रोगियों में तीन या चार परिवर्तित जीन पाए गए उनमें यह रोग गंभीर अवस्था में पाया गया। पैंक्रियाटिक कैंसर घातक रोग माना जाता है। आमतौर पर इसमें बचने की संभावना कम पाई जाती है।

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Posted By: Srishti Verma

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