नई दिल्ली, पीटीआइ। बेशक चंद्रमा पर पहुंचने के आखिरी वक्त पर लैंडर व्रिकम का संपर्क इसरो से टूट गया है लेकिन वैज्ञानिकों के अथक प्रयासों की तारीफ देश से लेकर विदेशों में हो रही है। इस क्रम में अमेरिकी स्पेस एजेंसी नासा का नाम भी जुड़ गया है। नासा के पूर्व अंतरिक्ष यात्री जेरी लिनेगर ने कहा कि भारत की तरफ से चांद तक पहुंचने के मजबूत प्रयास भविष्य के लिए कारगार सिद्ध हो सकते हैं। बता दें कि भारत की तरफ से शनिवार को विक्रम लैंडर के चांद के करीब पहुंचने ही वाला था, लेकिन अंतिम वक्त में इसरो का संपर्क टूट गया। 

भारत को नहीं होना चाहिए हतोत्साहित
जेरी लिनेगर ने कहा कि भारत को हतोत्साहित नहीं होना चाहिए, क्योंकि भारत ने बहुत मुश्किल काम करने की कोशिश की है। उन्होंने कहा कि जब भारत चांद के करीब पहुंचने के केवल 2.1 किलोमीटर दूर तक रह सकता है, तो आगे के मिशन के लिए उनका ये कदम मददगार हो सकता है। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि पूरी तरह से यह मिशन काफी सफल रहा। उन्होंने उम्मीद जताते हुए कहा कि ऑर्बिटर अगले साल तक जानकरियां जुटाता रहेगा। 

PM नरेंद्र मोदी ने के सिवान को लगाया गले
शनिवार को सुबह पीएम नरेंद्र मोदी ने देश को संबोधित किया है। इस दौरान उन्होंने इसरो के अध्यक्ष, के सिवान को लगे भी लगाया और उनकी हिम्मत बढ़ाई। अपने संबोधन में उन्होंने इसरो के वैज्ञानिकों की हिम्मत बढ़ाते हुए कहा कि हमारा हौसला कमजोर नहीं हुआ है। 

आर्बिटर लगातार लगा रहा है चक्कर
लैंडर व्रिकम से इसरो का संपर्क टूटने के बाद से पूरी टीम यही इसका विश्लेषण कर रही है। इसरो की तरफ से आए बयान में कहा गया है कि चंद्रयान 2 का आर्बिटर सुरक्षित है, और लगातार चंद्रमा के आस-पास चक्कर लगा रहा है।  

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Posted By: Pooja Singh

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