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'घटिया देश है नॉर्वे, वहां के लोगों को अमेरिका नहीं आने देना चाहिए', नोबेल शांति पुरस्कार नहीं मिलने पर फिर भड़के ट्रंप

Published: Mon, 26 Oct 2026 09:10 PM (IST)

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने नोबेल शांति पुरस्कार न मिलने पर नॉर्वे को 'घटिया देश' बताया और कहा कि वे नॉर्वे के लोगों को अमेरिका में नहीं आने देंगे।

ट्रंप ने नॉर्वे को 'घटिया देश' बताया

ट्रंप ने नॉर्वे को 'घटिया देश' बताया

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डिजिटल डेस्क, वाशिंगटन। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने नोबेल शांति पुरस्कार नहीं मिलने पर नार्वे के प्रति अपना गुस्सा फिर जाहिर किया है। उन्होंने नार्वे को घटिया देश करार दिया और कहा कि वह इस देश के लोगों को अमेरिका में आने नहीं देना चाहते हैं, क्योंकि वहां की राजधानी ओस्लो स्थित नोबेल समिति ने उन्हें शांति पुरस्कार नहीं दिया।

ट्रंप ने रविवार को मिशिगन के पोर्ट ह्यूरन में एक रैली के दौरान यह बात कही। वह देश में अगले सप्ताह होने वाले मध्यावधि चुनाव के प्रचार में जुटे हुए हैं। उन्होंने कहा कि वह कुछ देशों के लोगों का स्वागत करेंगे, लेकिन नार्वे के लोगों का नहीं।

ट्रंप ने नॉर्वे को 'घटिया देश' बताया

ट्रंप ने कहा, 'क्योंकि मुझे नोबेल पुरस्कार नहीं मिला। इसलिए मैं नार्वे के किसी के व्यक्ति को नहीं चाहता।' उन्होंने कहा, 'वास्तव में नार्वे घटिया देश बन गया है।' ट्रंप इससे पहले हैती, लीबिया, सोमालिया और यमन के लिए इस शब्द का इस्तेमाल कर चुके हैं।

ट्रंप के इस बयान पर नार्वे के विदेश मंत्री एस्पेन बार्थ इडे ने सोमवार को कहा, 'वह अच्छी तरह जानते हैं कि नोबेल समिति स्वतंत्र है। अगर किसी को संदेह हो तो हमने उन्हें इसकी याद दिलाई है और यह अब भी सच है।' नोबेल समिति की ओर से अभी तक कोई बयान नहीं आया है।

किसे मिला इस साल शांति का नोबेल?

बता दें कि इस महीने की शुरुआत में नोबेल शांति पुरस्कार के लिए भारतीय तमिल मूल की दक्षिण अफ्रीकी न्यायविद नवनीतम नवी पिल्लै को चुना गया था। इसकी घोषणा होने पर भी ट्रंप भड़के थे।

उस समय उन्होंने दावा किया था कि उन्हें आठ युद्ध खत्म कराने के लिए इतनी ही बार ये पुरस्कार मिलना चाहिए था। ट्रंप ने यह भी कहा था, 'मुझे पुरस्कार न दिया जाना नार्वे और उन लोगों पर एक ऐसा दाग है जो कभी नहीं मिटेगा, जिन्होंने शर्मनाक और अपमानजनक फैसला लिया।'

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