वाशिंगटन, आइएएनएस। गर्भावस्था के दौरान कोरोना संक्रमण मां व बच्चे की प्रतिरक्षा प्रणाली पर अलग-अलग प्रभाव छोड़ता है। एक हालिया अध्ययन में शोधकर्ताओं को पता चला कि कोविड संक्रमण गर्भवतियों की प्रतिरक्षा प्रणाली को कमजोर कर देता है। बिना लक्षण वाली व गंभीर रूप से संक्रमित महिलाओं की प्रतिरक्षा प्रणाली भी अलग प्रतिक्रियाएं देती हैं।

क्लीवलैंड क्लीनिकल ग्लोबल सेंटर फार पैथोजन एंड ह्यूमन हेल्थ रिसर्च के निदेशक जे. जंग ने कहा, 'हम जानते हैं कि गर्भावस्था के दौरान कोविड संक्रमण से महिलाओं के लिए खतरा बढ़ जाता है। लेकिन, गर्भस्थ शिशुओं से जुड़ी जोखिम के दीर्घकालिक परिणामों के बारे में अपेक्षाकृत कम जानते हैं।'

जंग ने कहा, 'अध्ययन में इस बात पर गौर किया गया है कि गर्भाधान के बाद समय-समय पर जांच से किस प्रकार गर्भस्थ शिशु में अनपेक्षित संक्रमण के खतरे का पता लगाकर उसे रोका जा सकता है।'

शोधकर्ताओं ने इस तरह किया अध्ययन 

सेल रिपो‌र्ट्स मेडिसिन नामक पत्रिका में प्रकाशित इस अध्ययन में शोधकर्ताओं ने 93 माताओं व उनमें से 45 के बच्चों को शामिल किया जो कोरोना संक्रमण की चपेट में आ चुके थे। टीम ने रक्त से लिए गए साइटोकिन व अन्य इंफ्लैमेट्री प्रोटीन की 1,400 से अधिक इम्यून प्रोफाइल का अध्ययन किया।

शोधकर्ताओं ने माताओं के कोरोना संक्रमित होने के शुरुआती दौर के रक्त नमूनों और गर्भावस्था के दौरान अन्य समय के नमूनों की तुलना की। इससे पता चला कि किस प्रकार मां से गर्भस्थ शिशुओं में संक्रमण का प्रसार होता है।

यूरोप क्षेत्र में पिछले हफ्ते कोरोना के मामलों में 11 फीसद की वृद्धि

बता दें कि विश्व के कई देशों में अभी भी कोरोना के नए मामले सामने आ रहे हैं। हाल ही में डब्ल्यूएचओ ने बताया कि यूरोप क्षेत्र में पिछले हफ्ते कोरोना के मामलों में 11 फीसद की वृद्धि हुई है। यह एक मात्र ऐसा क्षेत्र है, जहां अक्टूबर मध्य से मामलों में वृद्धि का अभी भी सिलसिला जारी है।

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