फर्जी पासपोर्ट, शरण लेने का प्लान... अमेरिका में कैसे पकड़ा गया गैंगस्टर हिमांशु भाऊ
कुख्यात गैंगस्टर हिमांशु भाऊ और नीरज फरीदपुरिया अमेरिका में फर्जी पासपोर्ट पर राजनीतिक शरण लेने की कोशिश में पकड़े गए। ...और पढ़ें

हिमांशु भाऊ और नीरज फरीदपुरिया(फाइल फोटो)

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डिजिटल डेस्क, वाशिंगटन। उत्तर भारत के कुख्यात गैंगस्टर हिमांशु भाऊ की अमेरिका में राजनीतिक शरण लेने की साजिश आखिरकार उसी के लिए मुसीबत बन गई।
नेवादा में हिरासत में लिए जाने के बाद सामने आई जानकारी के अनुसार, हिमांशु भाऊ और उसके मुख्य सहयोगी नीरज फरीदपुरिया ने कानूनी खामियों का फायदा उठाकर शरण पाने के लिए खुद को अधिकारियों के हवाले करने की योजना बनाई थी। हालांकि, उनका यह दांव पूरी तरह उल्टा पड़ गया और उनकी वर्षों पुरानी पहचान बेनकाब हो गई।
- भगोड़े शरण मांगने के लिए तेजी से ICE हिरासत का रास्ता अपना रहे हैं।
- अनमोल बिश्नोई ने भी यही कोशिश की, लेकिन पकड़ा गया।
- हिमांशु फर्जी पासपोर्ट के सहारे सालों तक गिरफ्तारी से बचता रहा।
- ICE के रिकॉर्ड से जांच शुरू हुई, जिसके बाद गिरफ्तारी हुई।
फर्जी पासपोर्ट और बायोमेट्रिक्स से हुआ खुलासा
चार वर्षों से अधिक समय से अंतरराष्ट्रीय कानून प्रवर्तन एजेंसियों को चकमा दे रहा हिमांशु भाऊ 'हिमांशु सिंगरोहा' के नाम से बने फर्जी पासपोर्ट पर यात्रा कर रहा था। वहीं, उसका साथी नीरज फरीदपुरिया 'नीरज कौशिक' के नाम से जाली पासपोर्ट का इस्तेमाल कर रहा था।
जैसे ही दोनों ने शरण की अर्जी लगाने के लिए इमिग्रोशन अधिकारियों के सामने आत्मसमर्पण किया, अमेरिकी आव्रजन और सीमा शुल्क प्रवर्तन (आईसीई) के डेटाबेस में उनके बायोमेट्रिक्स दर्ज होते ही सिस्टम में अलर्ट जारी हो गया।
इसके बाद भारतीय जांच एजेंसियों और अमेरिकी सुरक्षा अधिकारियों के बीच हुए समन्वय और दस्तावेजों के सत्यापन से पुष्टि हो गई कि हिरासत में मौजूद व्यक्ति कोई और नहीं, बल्कि वांछित गैंगस्टर हिमांशु भाऊ ही है।
मोस्ट-वांटेड गैंगस्टर
- रोहतक में जन्मा हिमांशु भाऊ एक बाल अपराधी से दिल्ली-NCR के कुख्यात गैंग का सरगना बन गया।
- वह फर्जी पासपोर्ट का इस्तेमाल करके भारत से भाग गया
- अब विदेश से रंगदारी का बड़ा सिंडिकेट चला रहा है।
- इंटरपोल के रेड नोटिस में वांटेड इस गैंगस्टर पर हत्या और मकोका जैसे गंभीर आरोप हैं।
इन बड़े क्राइम में रही हैं संलिप्तता
- राजौरी गार्डन फायरिंग (जून 2024): इसके गुर्गों ने बर्गर किंग के अंदर 40 राउंड फायरिंग की, जिसमें विरोधी गुट के अमन जून की मौत हो गई।
- पीतमपुरा रंगदारी (अगस्त 2024): एक स्थानीय व्यापारी से भारी-भरकम रंगदारी मांगी गई और उसे सीधे धमकियां दी गईं।
- नरेला हत्याकांड (जून 2025): 2022 की दुश्मनी का बदला लेने के लिए, भाऊ के आदेश पर गैंग के सदस्यों ने एक विरोधी के चाचा की हत्या कर दी।
- रोहिणी फायरिंग (जनवरी 2026): 3 करोड़ रुपये की रंगदारी न देने पर, बाइक सवार शूटरों ने एक व्यापारी के घर पर दो दर्जन से ज्यादा गोलियां चलाईं।
- रणहौला रंगदारी साजिश (अगस्त 2026): पुलिस ने एक अस्पताल मालिक को निशाना बनाने की साजिश को नाकाम किया। मुठभेड़ के बाद भाऊ के दो शूटरों को ग्लॉक पिस्तौल के साथ गिरफ्तार किया गया।
कई संगीन अपराधों में वांछित हैं दोनों आरोपी
हिमांशु भाऊ और नीरज फरीदपुरिया के खिलाफ दिल्ली, हरियाणा और पंजाब में हत्या, जबरन वसूली और जानलेवा हमले सहित 25 से अधिक गंभीर आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं।
दोनों 2024 में दक्षिण दिल्ली के अया नगर में हुई अंधाधुंध गोलीबारी, 2019 में फरीदाबाद में कांग्रेस नेता विकास चौधरी की हत्या और यूट्यूबर एल्विश यादव के घर के बाहर हुई फायरिंग जैसी प्रमुख वारदातों में शामिल रहे हैं।
जांच में यह भी सामने आया कि फरीदपुरिया पहले पुर्तगाल में छिपा हुआ था और वहां से ठिकाना बदलकर अमेरिका में भाऊ से जा मिला था।
नेवादा में गिरफ्तारी के बाद प्रत्यर्पण की प्रक्रिया शुरू
वर्तमान में हिमांशु भाऊ नेवादा के हेंडरसन डिटेंशन सेंटर में ICE की हिरासत में बंद है। अमेरिकी अधिकारियों द्वारा औपचारिक गिरफ्तारी की पुष्टि के बाद अब भारतीय कानून प्रवर्तन एजेंसियां दोनों के डिपोर्टेशन के लिए सक्रिय हो गई हैं।
दोनों अपराधियों को जल्द भारत वापस लाने की कानूनी प्रक्रियाओं को गति देने के लिए एक विशेष जांच टीम को अमेरिका भेजने की तैयारी की जा रही है।
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