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रोहतक में दो पक्के दोस्त अचानक बने दुश्मन, पांच दिन में 3 हत्याओं से दहला हरियाणा; फिर बना हिमांशु भाऊ का खौफनाक गैंग

By Ratan PanwarEdited By: Prince Sharma
Published: Sat, 24 Oct 2026 02:03 PM (IST)

अमेरिका में गैंगस्टर हिमांशु भाऊ की गिरफ्तारी के बाद उसे भारत लाने की तैयारी है। रोहतक में एक कार विवाद ...और पढ़ें

अमेरिका में एफबीआइ की हिरासत में हिमांशु भाऊ। सौ.इंटरनेट मीडिया

अमेरिका में एफबीआइ की हिरासत में हिमांशु भाऊ। सौ.इंटरनेट मीडिया

HighLights

  1. हिमांशु भाऊ की अमेरिका में गिरफ्तारी

  2. कार विवाद ने बचपन के दोस्तों को खूनी दुश्मन बनाया

  3. रोहतक में गैंगवार से कई हत्याएं

रत्न पंवार, रोहतक। अमेरिका में गैंगस्टर हिमांशु भाऊ की गिरफ्तारी के बाद उसे भारत लाने की तैयारी है। जल्द ही उसे भारत डिपोर्ट किए जाने की संभावना के बीच उसके अपराध जगत में कदम रखने और गैंगस्टर बनने की कहानी फिर चर्चा में है।

रोहतक के रिटौली गांव में कभी साथ पढ़ने वाले हिमांशु और अंकित उर्फ बाबा के बीच वर्ष 2019 में कार को लेकर विवाद हुआ था। यही विवाद आगे चलकर खूनी दुश्मनी में बदल गया।

दोनों ने अपने-अपने गिरोह बनाए और एक-दूसरे के करीबियों को निशाना बनाना शुरू कर दिया। मार्च 2022 में पांच दिन के भीतर तीन लोगों की हत्या कर दी गई थी।

अब अंकित के चाचा अनिल की हत्या ने पुरानी रंजिश को फिर चर्चा में ला दिया है। हिमांशु नाबालिग उम्र में गोलीबारी के मामले में पकड़ा गया था। हिसार के बाल सुधार गृह से फरार होने के बाद वह विदेश भाग गया और धीरे-धीरे हरियाणा के कुख्यात गैंगस्टरों में शामिल हो गया।

बस की सुरक्षा के लिए खरीदी गई कार बनी दुश्मनी की वजह

ग्रामीणों के अनुसार, वर्ष 2019 में रिटौली गांव निवासी हंसराज उर्फ हंसे ने निजी बस खरीदी थी। बस को मार्ग पर चलाने के दौरान विवाद होने के कारण उसने हिमांशु से सुरक्षा मांगी थी।

हिमांशु ने बस के साथ चलने के लिए कार की जरूरत बताई। इसके बाद हंसे ने कर्ज लेकर कार खरीदी। कार खरीदने में अंकित के परिवार के दस्तावेज लगाए गए थे, जबकि गाड़ी हिमांशु के साथियों के पास रही। कुछ समय बाद हंसे ने कार की किश्तें भरनी बंद कर दी थीं।

बैंक कर्मचारी जब कर्ज की वसूली के लिए अंकित के घर पहुंचे तो उसके परिजनों ने हिमांशु पक्ष से कार वापस मांगी। कार नहीं मिलने पर दोनों पक्षों के बीच विवाद बढ़ता गया और दोस्ती दुश्मनी में बदल गई थी।

स्टेडियम में गोलीबारी के बाद दोनों गिरोहों के बीच बढ़ा टकराव

कार विवाद के बाद हिमांशु और अंकित के भाई सन्नी के बीच कहासुनी हुई थी। ग्रामीणों के अनुसार, दोनों पक्षों ने एक-दूसरे को देख लेने की धमकी दी थी और स्टेडियम में मिलने की चुनौती दी थी। तय समय पर हिमांशु पिस्तौल लेकर पहुंचा और सन्नी पर गोली चला दी थी। इस मामले में पुलिस ने हिमांशु को गिरफ्तार कर लिया था।

नाबालिग होने के कारण उसे हिसार के बाल सुधार गृह भेजा गया था, जहां से वह फरार हो गया था। हिमांशु के जेल जाने के बाद अंकित ने उन लोगों को निशाना बनाना शुरू कर दिया था, जिन्हें हिमांशु का संरक्षण हासिल था।

हिमांशु के फरार होने के बाद दोनों पक्षों ने अपने-अपने गिरोह मजबूत किए थे। इसके बाद रंगदारी, लूट और अवैध शराब के कारोबार जैसी गतिविधियों में दोनों गिरोहों के शामिल होने के आरोप सामने आए थे।

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पांच दिन में तीन हत्याओं से रिटौली गांव में फैली दहशत

दोनों गिरोहों के बीच बढ़ती रंजिश में दो मार्च 2022 को हिमांशु के चाचा अशोक उर्फ शोकी के बेटे रोहित उर्फ बजरंग की हत्या कर दी गई थी। वारदात के बाद आरोपितों को पकड़ने की कोशिश करने वाले गांव के राजेंद्र उर्फ माडू को भी गोली मारकर मौत के घाट उतार दिया गया था।

इस दोहरे हत्याकांड के पांच दिन बाद, सात मार्च को हिमांशु गिरोह ने गांव के बस अड्डे पर बस में घुसकर हंसराज उर्फ हंसे की हत्या कर दी थी। इस तरह दोनों गिरोहों की दुश्मनी में पांच दिन के भीतर तीन जानें चली गई थीं।

इन वारदातों के बाद गांव में दहशत फैल गई थी। अब अंकित के चाचा अनिल की हत्या के बाद दोनों गिरोहों की रंजिश फिर सुर्खियों में है। अनिल की हत्या में हिमांशु गिरोह की भूमिका होने का संदेह जताया जा रहा है, हालांकि इसकी पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।

नाबालिग उम्र में गिरफ्तारी के बाद विदेश भागा हिमांशु

हिमांशु वर्ष 2019 में 17 साल की उम्र में रोहतक में गोलीबारी के मामले में पकड़ा गया था। हिसार के बाल सुधार गृह से फरार होने के बाद वह पुलिस की पकड़ में नहीं आया था।

इसके बाद रोहतक, झज्जर और दिल्ली में उसके खिलाफ हत्या, लूट, रंगदारी और धोखाधड़ी समेत कई मामले दर्ज होते चले गए। वर्ष 2022 में वह जाली पासपोर्ट के जरिए भारत से फरार हो गया था। पहले पुर्तगाल पहुंचा और फिर अमेरिका चला गया था। वर्ष 2023 में इंटरपोल ने उसके खिलाफ रेड कार्नर नोटिस जारी किया था।

पुलिस के अनुसार, हरियाणा पुलिस ने हिमांशु पर डेढ़ लाख रुपये और दिल्ली पुलिस ने एक लाख रुपये का इनाम घोषित कर रखा है। अब अमेरिका में उसकी गिरफ्तारी के बाद उसे भारत लाने की प्रक्रिया आगे बढ़ने की उम्मीद है। वहीं, अंकित उर्फ बाबा को वर्ष 2023 में गिरफ्तार किया गया था और वह तब से जेल में बंद है।

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