बारुईपुर मुठभेड़: भाजपा प्रदेश अध्यक्ष शमिक भट्टाचार्य ने किया राज्य सरकार का बचाव, TMC पर दुष्प्रचार का लगाया आरोप
बारुईपुर मुठभेड़ मामले में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष शमिक भट्टाचार्य ने राज्य सरकार और पुलिस की कार्रवाई का बचाव किया है।

शमिक भट्टाचार्य ने TMC के आरोपों को किया खारिज
HighLights
शमिक भट्टाचार्य ने बारुईपुर मुठभेड़ पर राज्य सरकार का बचाव किया।
तृणमूल कांग्रेस के दुष्प्रचार के आरोपों को सिरे से खारिज किया।
मुख्यमंत्री से कामदुनी सामूहिक दुष्कर्म मामले को फिर खोलने की अपील।
राज्य ब्यूरो, कोलकाता। दक्षिण 24 परगना जिले के बारुईपुर में नाबालिग लड़की से कथित सामूहिक दुष्कर्म और हत्या के मामले के प्रमुख आरोपितों में शामिल प्रभास मंडल की पुलिस मुठभेड़ में मौत के बाद बंगाल में राजनीतिक आरोप- प्रत्यारोप का दौर जारी है।
इस बीच भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष व राज्यसभा सदस्य शमिक भट्टाचार्य ने पुलिस व राज्य सरकार की कार्रवाई का बचाव करते हुए विपक्ष के आरोपों को खारिज किया है।
शमिक भट्टाचार्य ने TMC के आरोपों को किया खारिज
तृणमूल कांग्रेस पर दुष्प्रचार करने का आरोप लगाते हुए शमिक ने विपक्ष से इस घटना पर गलत जानकारी न फैलाने का आग्रह किया।
शमिक ने पत्रकारों से कहा कि राज्य सरकार जनता से किए गए वादों और पार्टी के संकल्प पत्र में महिलाओं के विरुद्ध अपराधों पर कड़ी कार्रवाई के वचन को पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि अब यह केवल किसी दल की नहीं, बल्कि पूरे बंगाल की सरकार है और उसे कानून के अनुसार अपने दायित्व निभाने हैं।
तृणमूल कांग्रेस द्वारा यह आरोप लगाए जाने पर कि मुठभेड़ का उद्देश्य मुख्य आरोपित को बचाना और जांच को प्रभावित करना था, शमिक ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि जनता तृणमूल के दावों पर विश्वास नहीं करती।
शमिक ने कहा कि लोग कामदुनी व आरजी कर जैसी घटना और पूर्ववर्ती तृणमूल सरकार के 15 वर्षों के शासन को देख चुके हैं, इसलिए ऐसे आरोपों की कोई विश्वसनीयता नहीं है।
कामदुनी सामूहिक दुष्कर्म की दोबारा फाइल खोलने की अपील
प्रदेश भाजपा अध्यक्ष ने मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी से वर्ष 2013 के बहुचर्चित कामदुनी सामूहिक दुष्कर्म और हत्या मामले की फाइल दोबारा खोलने की भी अपील की।
शमिक ने आरोप लगाया कि पूर्ववर्ती तृणमूल सरकार के कार्यकाल में उचित जांच नहीं होने के कारण कामदुनी की पीड़िता को आजतक वास्तविक न्याय नहीं मिल सका।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि पूर्ववर्ती सरकार के दौरान हुई जांच की समीक्षा होनी चाहिए, क्योंकि जांच में कथित कमियों के कारण कई आरोपित बाद में बरी हो गए। उन्होंने मांग की कि इस मामले की फिर से जांच कराकर दोषियों को न्याय के कटघरे में लाया जाना चाहिए।
वहीं, हवरिष्ठ वामपंथी नेता विकास रंजन भट्टाचार्य द्वारा बारुईपुर मामले में साक्ष्य से छेड़छाड़ और साजिश की आशंका जताने पर शमिक ने कहा कि वह उनका सम्मान करते हैं, लेकिन इस विषय पर जितना कम बोलेंगे, उतना ही उनके और उनकी पार्टी के लिए बेहतर होगा। भाजपा नेता ने जोर दिया कि राज्य सरकार कानून के अनुसार कार्य कर रही है।
