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कोलकाता: चोरबागान भगदड़ का वीडियो आया सामने, हादसे में 19 लोगों की हुई थी मौत

Published: Sun, 18 Oct 2026 03:56 PM (IST)

कोलकाता के चोरबागान दुर्गा पूजा पंडाल में मची भगदड़ का भयावह वीडियो सामने आया है, जिसमें 19 लोगों की जान चली गई और 25 घायल हुए।

HighLights

  1. चोरबागान दुर्गा पूजा भगदड़ का भयावह वीडियो सामने आया।

  2. हादसे में 19 लोगों की मौत, 25 अन्य घायल हुए।

  3. आयोजकों सहित सात लोग गिरफ्तार, सुरक्षा पर उठे सवाल।

डिजिटल डेस्क, कोलकाता। कोलकाता के चोरबागान सार्वजनिन दुर्गापूजा के पंडाल में शनिवार शाम मची भगदड़ का एक भयावह वीडियो सामने आया है, जिसमें 19 लोगों की जान चली गई।

भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति द्वारा मोबाइल से रिकॉर्ड किए गए वीडियो में दर्जनों लोग एक संकरे, कम ऊंचाई वाली छत और बैरिकेड वाले रास्ते में फंसे दिखाई दे रहे हैं। इस दौरान महिलाएं और बच्चे मदद के लिए चीखते-पुकारते नजर आ रहे हैं।

वीडियो में देखा जा सकता है कि लोग एक-दूसरे से पूरी तरह सटे हुए थे और वहां हिलने-डुलने तक की जगह नहीं बची थी। गिरने से बचने के लिए कई लोग दीवारों का सहारा लेते दिखाई दिए। सामने आए एक अन्य वीडियो में भारी बारिश के बीच बड़ी संख्या में लोग छाते लेकर पंडाल की तरफ भागते नजर आ रहे हैं।

बारिश के बीच सप्तमी की शाम हुआ हादसा

यह दर्दनाक हादसा शनिवार शाम करीब 7:40 बजे चोरबागान दुर्गा पूजा पंडाल में हुआ, जहां हमेशा भारी भीड़ जुटती है। उस दिन 10 दिवसीय दुर्गा पूजा उत्सव का सातवां दिन यानी सप्तमी थी।

भारी भीड़ के दबाव के चलते पंडाल का एग्जिट गेट गिर गया, जिसके बाद भगदड़ मच गई। घटना के बाद पंडाल के बाहर हर तरफ जूते-चप्पल बिखरे दिखाई दिए।

इस हादसे में जान गंवाने वालों में 13 महिलाएं और दो नाबालिग शामिल हैं। इसके अलावा 25 अन्य लोग घायल हुए हैं, जिनमें से तीन को आईसीयू में भर्ती कराया गया है और एक की हालत बेहद नाजुक बनी हुई है।

आयोजकों समेत 7 लोग गिरफ्तार

हादसे के बाद पुलिस ने गैर-इरादतन हत्या का स्वतः संज्ञान लेते हुए मामला दर्ज किया और आयोजकों समेत सात लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तार किए गए लोगों में चोरबागान दुर्गा पूजा समिति के सचिव राज कुमार सेवड़ा और उपाध्यक्ष शांतनु दुबे शामिल हैं।

इसके अलावा बांस का ढांचा तैयार करने वाले बिप्लब मुखर्जी, भीड़ नियंत्रण के जिम्मेदार कौशिक साहा और पिंटू डे, तथा निजी सुरक्षा प्रभारी सुमन चक्रवर्ती और राजेश पाल को भी पकड़ा गया है।

लाउडस्पीकर की वजह से मची अफरा-तफरी

पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने कहा कि आयोजकों की एक घोषणा के कारण दर्शनार्थियों में अफरा-तफरी मच गई।

कोलकाता मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में घायलों से मिलने के बाद उन्होंने बताया कि मौके पर मौजूद अधिकारियों की शुरुआती रिपोर्ट के अनुसार, आयोजकों द्वारा लाउडस्पीकर पर की गई घोषणा के चलते यह घटना हुई। हालांकि, लाउडस्पीकर पर क्या बोला गया था, यह तुरंत स्पष्ट नहीं हो सका है।

मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि दो पीड़ितों के परिजनों ने दावा किया है कि पंडाल परिसर में निजी सुरक्षा गार्डों द्वारा सीटी बजाए जाने के कारण कतार में खड़े लोगों में हड़बड़ी फैल गई और वे अंदर की ओर भागने लगे।

थीम से ज्यादा कीमती है लोगों की जान

मुख्यमंत्री ने सभी थीम-आधारित दुर्गा पूजा आयोजकों से अपील की कि वे पंडालों में पर्याप्त रोशनी और आने-जाने के लिए खुले व सुरक्षित प्रवेश-निकास द्वारों की व्यवस्था सुनिश्चित करें।

उन्होंने कहा कि थीम के नाम पर कई पंडालों में बहुत कम रोशनी रखी जाती है। आयोजकों को प्रशासन के नियमों का सख्ती से पालन करना चाहिए, क्योंकि लोगों की जिंदगी किसी भी थीम से कहीं अधिक कीमती है।

कोलकाता के कई बड़े पंडाल अस्थायी रूप से बंद

इस हादसे के बाद प्रशासन ने एहतियात के तौर पर शहर के कई प्रमुख दुर्गा पूजा पंडालों को अस्थायी रूप से बंद करने के निर्देश दिए हैं।

भारी भीड़ खींचने वाले पंडालों जैसे टाला प्रत्यय, अलीपुर सार्वजनीन, चेतला अग्रणी और बालीगंज सार्वजनीन को फिलहाल श्रद्धालुओं का प्रवेश रोकने को कहा गया है। कोलकाता में इस साल करीब 3500 दुर्गा पूजा पंडाल लगाए गए हैं।

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