यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 21, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Coronavirus Update: बंगाल में कोरोना की नई लहर से निपटने की तैयारी, राज्य स्वास्थ्य विभाग ने दिया ताजा अपडेट
बंगाल के स्वास्थ्य विभाग ने बुधवार को कहा कि वह कोरोना महामारी की किसी भी संभावित लहर से निपटने के ...और पढ़ें

कोलकाता, राज्य ब्यूरो: बंगाल के स्वास्थ्य विभाग ने बुधवार को कहा कि वह कोरोना महामारी की किसी भी संभावित लहर से निपटने के लिए तैयार है। विभाग का यह बयान कई देशों में कोविड-19 के मामलों में वृद्धि के मद्देनजर केंद्र द्वारा राज्यों को सभी संक्रमित नमूनों को जीनोम अनुक्रमण के लिए भेजने का निर्देश दिए जाने के एक दिन बाद आया है।
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने राज्यों को लिखा पत्र
बंगाल के स्वास्थ्य विभाग के निदेशक डा सिद्धार्थ नियोगी ने कहा कि राज्य में कोविड-19 का प्रसार नहीं होने देने के लिए नियमित रूप से जांच और निगरानी की जा रही है। हम राज्य में किसी भी संभावित स्थिति से निपटने के लिए तैयार हैं। चीजें नियंत्रण में हैं, लेकिन हम एहतियात बरतना जारी रख रहे हैं। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने मंगलवार को सभी राज्यों और केंद्र-शासित प्रदेशों की सरकारों को एक पत्र भेजा था, जिसमें उन्हें भविष्य में कोविड-19 के प्रकोप में किसी भी संभावित वृद्धि के लिए तैयार रहने को कहा है।
सभी पाजिटिव मामलों के जीनोम की होगी जांच
इसके साथ ही केंद्र सरकार ने चिट्ठी के जरिए आइएनएसएसीओजी (भारतीय सार्स-कोवि-2 जीनोमिक्स कंसोर्टियम) नेटवर्क के माध्यम से वायरस के स्वरूप को ट्रैक करने के लिए सभी पाजिटिव मामलों के नमूनों को जीनोम अनुक्रमण के लिए भेजने का निर्देश दिया है। बता दें कि बंगाल में कोरोना से अब तक 21,532 लोगों की मौत हुई है। स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक, राज्य में 20 दिसंबर 2022 तक 20,96,981 लोग संक्रमण से उबर चुके हैं।
बंगाल में रोजाना 4 हजार नमूनों की हो रही जांच
अभी बंगाल में कोविड-19 के 43 मरीज इलाजरत हैं। इनमें से 36 मरीज घर पर क्वारंटाइन में हैं, जबकि सात मरीजों का अस्पतालों में इलाज चल रहा है। डा सिद्धार्थ नियोगी ने कहा कि हम नियमित रूप से कोविड-19 की जांच कर रहे हैं। कोविड-19 के मामलों में वृद्धि के बीच स्थिति से निपटने के लिए हमारे पास बड़ी संख्या में डाक्टर, सहायक चिकित्सा कर्मी, पर्याप्त मास्क, ऑक्सीजन आपूर्ति और अलग-अलग अस्पतालों व मेडिकल कालेज में पर्याप्त संख्या में बिस्तर उपलब्ध हैं। उन्होंने बताया कि बंगाल में रोजाना औसतन 4,000 नमूनों की जांच की जा रही है और कोविड-19 से ठीक होने की दर 98.98 प्रतिशत है।
