यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 21, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
बीजीबी स्थापना दिवस: भारत-बांग्लादेश सीमा पर संयुक्त रिट्रीट समारोह का आयोजन, मिठाइयों का हुआ आदान-प्रदान
भारत-बांग्लादेश के सीमा सुरक्षा बलों के बीच सौहार्दपूर्ण संबंध और समन्वय चलता आ रहा है। त्योहारों और राष्ट्रीय महत्व के ...और पढ़ें

कोलकाता,राज्य ब्यूरो: भारत-बांग्लादेश के सीमा सुरक्षा बलों के बीच सौहार्दपूर्ण संबंध और समन्वय चलता आ रहा है। त्योहारों और राष्ट्रीय महत्व के विशेष अवसरों पर दोनों देशों के सीमा रक्षक बल मिठाइयों और शुभकामनाओं का आदान-प्रदान करते हैं। इसी कड़ी में भारत-बांग्लादेश अंतरराष्ट्रीय सीमा पर मंगलवार को एक अलग ही नजारा देखने को मिला। मौका था बॉर्डर गार्ड्स बांग्लादेश (BGB) के स्थापना दिवस का। इस खास मौके पर आईसीपी पेट्रापोल में दोनों देशों के सीमा रक्षक बलों ने एक संयुक्त रिट्रीट समारोह का आयोजन किया।
बार्डर गार्ड्स बांग्लादेश का स्थापना दिवस
जानकारी के मुताबिक, बार्डर गार्ड्स बांग्लादेश के स्थापना दिवस के अवसर पर मंगलवार को बंगाल में अंतरराष्ट्रीय सीमा पर स्थित आइसीपी पेट्रापोल, महादीपुर और अन्य सीमा चौकियों पर बीजीबी के साथ मिठाइयों और शुभकामनाओं का आदान-प्रदान किया। उत्तर 24 परगना जिले में स्थित आइसीपी पेट्रापोल में दोनों देशों के सीमा रक्षक बलों ने एक संयुक्त रिट्रीट समारोह का भी आयोजन किया।
बीएसएफ आइजी बने मुख्य अतिथि
इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में बीएसएफ की तरफ से दक्षिण बंगाल सीमांत, कोलकाता के महानिरीक्षक (आइजी) डा अतुल फुलझेले, आइपीएस समेत एच एस तोमर, कमांडेंट, 158वीं वाहिनी, आलोक कुमार, द्वितीय कमान अधिकारी, (कार्यवाहक कमांडेंट), 145 वीं वाहिनी सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। वहीं, बीजीबी की तरफ से ब्रिगेडियर जनरल के एम आजाद, रीजन कमांडर, जशोर, कर्नल नजमुल, डिप्टी रीजन कमांडर जशोर, लेफ्टिनेंट कर्नल मजहर, नोडल अधिकारी जशोर के साथ बीजीबी के स्थानीय कमांडरों ने समारोह में भाग लिया।
सीमा पर भव्य रिट्रीट समारोह का आयोजन
इस भव्य रिट्रीट समारोह का आनंद दोनों देशों के सीमावर्ती क्षेत्र में रहने वाले लोगों ने भी लिया। इस मौके पर बीएसएफ आइजी ने बीजीबी अधिकारियों का स्वागत करते हुए उन्हें स्थापना दिवस की शुभकामनाएं दी। बता दें कि दोनों बलों ने सीमा पार अपराधों के खिलाफ संयुक्त प्रयासों और अवैध आवाजाही की रोकथाम पर चर्चा करते आ रहे हैं। इसके साथ ही संवेदनशील क्षेत्रों की पहचान करने और दोनों देशों के सीमावर्ती निवासियों के बीच विश्वास निर्माण के लिए समन्वित सीमा प्रबंधन योजना से संबंधित मामलों पर भी चर्चा करते आ रहे हैं।
