यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 20, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
बंगाल टेट परीक्षा: शाखा पोला खुलवाने के खिलाफ हाई कोर्ट में महिला परीक्षार्थी की याचिका, अगले हफ्ते सुनवाई
बंगाल में टेट परीक्षा में शाखा पोला खोलने के खिलाफ कलकत्ता हाई कोर्ट में याचिका दायर की गई है। दरअसल ...और पढ़ें

कोलकाता, राज्य ब्यूरो: बंगाल में टेट परीक्षा में शाखा पोला खोलने के खिलाफ कलकत्ता हाई कोर्ट में याचिका दायर की गई है। दरअसल, गत 11 दिसंबर को पांच सालों बाद कड़ी सुरक्षा के बीच शिक्षक पात्रता परीक्षा (टेट) हुई थी। इसमें परीक्षा देने पहुंची बंगाली हिंदू महिलाओं को शाखा पोला उतारने को मजबूर किया गया था। अब इसके खिलाफ मौमिता चक्रवर्ती नाम की एक महिला परीक्षार्थी ने कलकत्ता हाई कोर्ट में याचिका लगाई है।
एसएससी के चेयरमैन के खिलाफ लिखित शिकायत
मुख्य न्यायाधीश प्रकाश श्रीवास्तव और राजर्षि भारद्वाज की खंडपीठ में याचिका दाखिल हुई है जिस पर अगले हफ्ते सुनवाई होगी। याचिकाकर्ता ने यह आरोप लगाया है कि स्कूल सेवा आयोग (एसएससी) के इस फैसले की वजह से वह परीक्षा नहीं दे पाई हैं। उन्होंने एसएससी के चेयरमैन गौतम पाल के खिलाफ बिधाननगर दक्षिण थाने में लिखित शिकायत भी दर्ज कराई है। राष्ट्रवादी अधिवक्ता काउंसिल की महासचिव पारोमिता दे ने मौमिता की ओर से याचिका दाखिल की है।
राष्ट्रवादी अधिवक्ता काउंसिल की महासचिव पारोमिता की याचिका
महासचिव पारोमिता ने मामले की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि 'शाखा पोला एक तरह की चूड़ी है जिससे किसी भी तरह का खतरा नहीं होता, ना ही उसमें परीक्षा में नकल की कोई गुंजाइश है। मौमिता की तरह कई बंगाली हिंदू महिलाओं के सुहाग की निशानी उतरवाई गई है। यह ना केवल धार्मिक भावनाओं का अपमान है बल्कि असंवैधानिक भी है'। उन्होंने न्यायाधीश से इस मामले में उचित कार्रवाई की अपील की है।
