यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 20, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Kolkata News: कंचनजंगा एक्सप्रेस के जरिए हिमालयन साही की तस्करी, कोच अटेंडेंट समेत तीन को RPF ने किया गिरफ्तार
रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) के सीआइबी की टीम ने एक खुफिया सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए तस्करी को ...और पढ़ें

कोलकाता, राज्य ब्यूरो: रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) के सीआइबी की टीम ने एक खुफिया सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए तस्करी को विफल कर डाउन कंचनजंगा एक्सप्रेस से हिमालयन प्रजाति के दो दुर्लभ साही को तस्करी से बचाया है। इस मामले में कोच अटेंडेंट समेत तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है। अधिकारियों ने बताया कि आरपीएफ को चकमा देने के लिए सफेद रंग के दोनों साही को कोच अटेंडेंट के बाक्स में छिपाकर रखा गया था। इसे सियालदह में बेचने की योजना थी।
हिमालयन साही को एक लाख रुपये में बेचने की थी योजना
जानकारी के मुताबिक, दोनों हिमालयन साही को ट्रेन के सियालदह पहुंचने के बाद वहां एक लाख रुपये में बेचने की योजना थी। लेकिन उससे पहले ही मुखबिर की सूचना पर आरपीएफ ने कार्रवाई की। बर्द्धमान आरपीएफ के सीआइबी इंस्पेक्टर रजत रंजन के नेतृत्व में टीम ने 13174 डाउन कंचनजंगा एक्सप्रेस के बीरभूम जिले के सैंथिया स्टेशन पर पहुंचने पर आरपीएफ के साथ मिलकर छापेमारी की। सीआइबी ने संदेह के आधार पर इस ट्रेन के बी 5 कोच में यात्रा कर रहे झारखंड के गिरिडीह जिले के गणेश साव एवं पूर्वी दिल्ली के निवासी पिंटू कुमार से पूछताछ की।
दो तस्कर समेत कोच अटेंडेंट गिरफ्तार
पूछताछ में पता चला कि तस्करी के जरिए वे लोग हिमालयन प्रजाती के दो दुर्लभ साही को लेकर घर्मनगर से सियालदह जा रहे हैं। सफेद साही को प्लास्टिक बैग में रखकर कोच अटेंडेंट के बाक्स में छिपाकर रखा गया था। उनकी निशानदेही पर तलाशी लेकर हिमालयन साही को सीआइबी ने अपने कब्जे में लिया। इस सिलसिले में सीआइबी ने दोनों तस्करों समेत कोच अटेंडेंट को भी गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में दोनों तस्करों ने खुलासा किया कि हिमालयन साही को सियालदह ले जाकर मियाद नामक व्यक्ति के हाथों एक लाख रुपये में बेचने की योजना थी। सीआइबी ने मामला दर्ज कर घटना की जांच शुरू कर दी है।
