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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 19, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Kolkata News: कलकत्ता हाईकोर्ट आदेश, विश्वभारती विवि के 50 मीटर दायरे के अंदर नहीं होगा धरना-प्रदर्शन

By Jagran NewsEdited By: Piyush Kumar
Published: Mon, 19 Dec 2022 08:06 PM (IST)

कलकत्ता हाईकोर्ट ने सोमवार को आदेश दिया कि विश्व भारती विश्वविद्यालय के 50 मीटर के दायरे में धरना-प्रदर्शन नहीं होगा। ...और पढ़ें

कलकत्ता हाईकोर्ट आदेश, विश्वभारती विवि के 50 मीटर दायरे के अंदर नहीं होगा धरना-प्रदर्शन
कलकत्ता हाईकोर्ट आदेश, विश्वभारती विवि के 50 मीटर दायरे के अंदर नहीं होगा धरना-प्रदर्शन

कोलकाता, राज्य ब्यूरो: कलकत्ता हाईकोर्ट ने सोमवार को आदेश दिया कि विश्व भारती विश्वविद्यालय के 50 मीटर के दायरे में धरना-प्रदर्शन नहीं होगा। कलकत्ता हाई कोर्ट ने अपने पिछले आदेश को बहाल करने को कहा है, जिसमें कहा गया था कि विश्वभारती विश्वविद्यालय (विवि) के 50 मीटर के दायरे में धरना-प्रदर्शन नहीं किया जा सकेगा। अदालत ने पुलिस को विवि के पदाधिकारियों को सुरक्षा मुहैया करने को भी कहा है।

कुलपति विद्युत चक्रवर्ती की याचिका पर सुनवाई

विश्वभारती के कुलपति विद्युत चक्रवर्ती द्वारा दायर किए गए मामले में न्यायाधीश जय सेनगुप्ता ने पिछले आदेश को बहाल करने को कहा। गौरतलब है कि विवि परिसर में छात्र आंदोलन को लेकर हंगामा मचा हुआ है। कुलपति के इस्तीफे की मांग को लेकर छात्र आंदोलन कर रहे है। बता दें कि ठीक ऐसा ही आदेश हाई कोर्ट ने गत सितंबर में भी दिया था। उस वक्त न्यायाधीश राजशेखर मंथा ने कहा था कि कुलपति विद्युत चक्रवर्ती के घर के बाहर और विश्वभारती के 50 मीटर के दायरे में धरना नहीं दिया जा सकेगा। वहां पुलिस को सुरक्षा होगी।

पिछले आदेश को कोर्ट ने किया बहाल

कोर्ट में याचिका की सुनवाई के दौरान न्यायाधीश जय सेनगुप्ता ने पिछले आदेश को फिर से बहाल करने का आदेश दिया है। उन्होंने कहा कि अदालत ने यह आदेश एक बार दिया है, फिर भी इसे अनदेखा क्यों किया जा रहा है? उन्होंने इस संबंध में राज्य सरकार के रवैये पर नाराजगी जताई। गौरतलब है कि पिछले शनिवार को विवि परिसर से छात्रों ने धरना हटा लिया था लेकिन आंदोलन जारी है।

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हाई कोर्ट के आदेश के मुताबिक यह आंदोलन विवि के 50 मीटर के दायरे में नहीं किया जा सकेगा। बता दें कि लगभग एक सप्ताह पहले करीब 12 घंटे कुलपति का छात्रों ने घेराव कर रखा था। आरोप है कि जब सुरक्षाकर्मी कुलपति को बाहर निकालकर ले जा रहे थे, उस वक्त आंदोलनरत छात्रों ने उनपर कुर्सियां फेंकी थीं, हालांकि किसी को चोट नहीं लगी थी।

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