विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

शुभेंदु अधिकारी ने IPS समेत पांच अधिकारियों को किया सस्पेंड, ममता बनर्जी के कार्यकाल में हुई घटनाओं पर एक्शन

Published: Sat, 25 Jul 2026 06:55 PM (IST)

पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने विधानसभा में पूर्ववर्ती तृणमूल सरकार के दौरान हुई घटनाओं को लेकर एक आईपीएस समेत पांच पुलिस अधिकारियों को सस्पेंड करने की घोषणा की।

पुराने मामलों में बंगाल सरकार का एक्शन (फोटो-पीटीआई)

पुराने मामलों में बंगाल सरकार का एक्शन (फोटो-पीटीआई)

HighLights

  1. मुख्यमंत्री ने एक आईपीएस समेत पांच पुलिस अधिकारियों को निलंबित किया।

  2. निलंबन पूर्ववर्ती तृणमूल सरकार के कार्यकाल की घटनाओं से संबंधित है।

  3. कालियागंज, काकद्वीप, कृष्णनगर की घटनाओं पर कार्रवाई की गई।

राज्य ब्यूरो, कोलकाता। बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने शनिवार को विधानसभा में पूर्ववर्ती तृणमूल कांग्रेस शासनकाल के दौरान हुई कई विवादित घटनाओं का जिक्र करते हुए एक आइपीएस अधिकारी कोटेश्वर राव समेत पांच पुलिस अधिकारियों को निलंबित करने की घोषणा की।

इनमें उत्तर दिनाजपुर जिले के कालियागंज में छात्रा से दुष्कर्म व नृशंस हत्या के बाद विरोध प्रदर्शन में शामिल मृत्युंजय बर्मन की गोली मारकर हुई हत्या, सेवानिवृत्त आइपीएस अधिकारी दिवंगत पंकज दत्त से कथित पुलिस उत्पीड़न, नदिया जिले के कृष्णनगर में जगद्धात्री पूजा विसर्जन के दौरान लाठीचार्ज और दक्षिण 24 परगना जिले के काकद्वीप के सूर्यनगर में मां काली की प्रतिमा को प्रिजन वैन में ले जाने की घटना शामिल है।

CM ने पांच अधिकारी किए सस्पेंड

मुख्यमंत्री ने कहा कि पूर्ववर्ती तृणमूल सरकार के कार्यकाल में कई जगह पुलिस का दुरुपयोग किया गया। उन्होंने कहा कि काकद्वीप में मां काली की प्रतिमा को प्रिजन वैन में ले जाने की घटना सनातन धर्म की आस्था के प्रति आघात थी।

काकद्वीप के सूर्यनगर की घटना का जिक्र करते हुए शुभेंदु ने कहा कि मां काली की प्रतिमा तोड़े जाने के विरोध में स्थानीय लोगों के प्रदर्शन के दौरान सुंदरबन पुलिस जिले के तत्कालीन एसपी आइपीएस कोटेश्वर राव के नेतृत्व में भारी पुलिसबल ने लोगों पर लाठीचार्ज किया था। इसके बाद मां काली की प्रतिमा को प्रिजन वैन में रखकर थाने ले जाया गया।

मुख्यमंत्री ने इस मामले में आइपीएस कोटेश्वर राव को निलंबित करने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि इन मामलों में कार्रवाई की जा रही है और आगे भी अन्याय के खिलाफ कदम उठाए जाएंगे।

कालियागंज की घटना का जिक्र करते हुए शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि एक छात्रा की हत्या के बाद स्थानीय लोगों ने आरोपित को कड़ी सजा देने की मांग को लेकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन किया था। उन्होंने आरोप लगाया कि आंदोलन में शामिल होने के कारण पुलिस की टीम रात करीब दो बजे मृत्युंजय बर्मन के घर पहुंची और दरवाजा खोलने पर उन्हें गोली मार दी गई।

मुख्यमंत्री ने बताया कि इस मामले में कालियागंज थाने के एएसआइ मोयाज्जेम हुसैन को निलंबित कर उनके खिलाफ विभागीय जांच के आदेश दिए गए हैं।

वहीं, पूर्व आइपीएस अधिकारी पंकज दत्त की मौत का मामला उठाते हुए मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि उन्हें कोलकाता के बड़तला थाने में कई बार बुलाकर मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया था। उन्होंने इस मामले में आइओ (जांच अधिकारी) साधन दास और बड़तला थाने के तत्कालीन थानेदार इंस्पेक्टर सुबर्ण दत्त चौधरी को निलंबित करने की घोषणा की। चौधरी फिलहाल कोलकाता पुलिस के स्पेशल ब्रांच में तैनात हैं।

नदिया जिले के कृष्णनगर में पिछले वर्ष जगद्धात्री पूजा विसर्जन के दौरान हुए विवाद का भी मुख्यमंत्री ने उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि इस दौरान पुलिस पर स्थानीय लोगों पर लाठीचार्ज करने और आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल करने के आरोप लगे थे।

मामले में ड्यूटी पर तैनात इंस्पेक्टर अमलेन्दु विश्वास को निलंबित करने का आदेश दिया गया है। साथ ही घटना की न्यायिक जांच के निर्देश दिए गए हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इन पुलिस अधिकारियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई भी होगी और अन्याय का भी प्रतिकार होगा। मुझ पर भरोसा रखें।

यह भी पढ़ें- अभिषेक बनर्जी की और बढ़ीं मुश्किलें, 'सेवाश्रय' शिविर घोटाला मामले में FIR दर्ज