राज्य ब्यूरो, कोलकाता। बंगाल कांग्रेस अध्यक्ष अधीर रंजन चौधरी मेट्रो डेयरी मामले में कलकत्ता हाई कोर्ट के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट जाएंगे। गौरतलब है कि हाई कोर्ट ने पिछले दिनों मेट्रो डेयरी के शेयरों के हस्तांतरण मामले की सीबीआइ जांच के लिए दायर की गई जनहित याचिका खारिज कर दी थी।

हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश प्रकाश श्रीवास्तव व न्यायाधीश राजर्षि भारद्वाज की खंडपीठ ने कहा कि अदालत राज्य सरकार के नीतिगत फैसलों में हस्तक्षेप नहीं करेगी। अधीर ने मेट्रो डेयरी के शेयरों के हस्तांतरण में भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए दिसंबर, 2018 में हाई कोर्ट में जनहित याचिका दायर की थी। उन्होंने कहा था कि मेट्रो डेयरी राज्य सरकार के नियंत्रण वाली संस्था थी।

इसके बावजूद इसके 43 प्रतिशत शेयरों को केवेंटर एग्रो लिमिटेड को महज साढ़े 85 करोड़ रुपये में बेच दिया गया। सस्ते में खरीदे गए शेयरों के एक हिस्से को उस कंपनी ने दूसरी कंपनी को ऊंचे दाम पर बेच दिया। अधीर ने इस दिन दावा किया कि धान की खरीद को लेकर भी बड़ा भ्रष्टाचार हुआ है। वे सुबूतों के साथ सच्चाई पेश करेंगे।

मुख्यमंत्री के आवास परिसर में एक व्यक्ति के घुस आने की घटना पर अधीर ने कहा कि ममता बनर्जी के घर कोई उनकी हत्या करने नहीं जाएगा। वे यह लिखकर दे सकते हैं इसलिए इसे लेकर इतना हल्ला मचाने की जरुरत नहीं है। अधीर ने बताया कि भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने राजग की तरफ से राष्ट्रपति पद की उम्मीदवार द्रौपदी मुर्मू का समर्थन करने के लिए उन्हें फोन किया था। द्रौपदी मुर्मू को प्रत्याशी बनाकर भाजपा ऐसा दिखा रही है कि अनुसूचित जनजाति के लोग दया के पात्र हैं। भाजपा की इस मानसिकता को कांग्रेस का समर्थन नहीं है।

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Edited By: Babita Kashyap