बंगाल में UCC लागू करने की तैयारी तेज, शुभेंदु बोले- रात 12 बजे भी विधानसभा बुलाना पड़े तो बुला लेंगे
मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने बंगाल में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) लागू करने की प्रतिबद्धता जताई है, जिसके लिए वे आधी रात को भी विधानसभा बुलाने को तैयार हैं।

बंगाल के सीएम शुभेंदु अधिकारी। (फाइल फोटो।)
HighLights
शुभेंदु अधिकारी UCC लागू करने को प्रतिबद्ध, आधी रात विधानसभा।
अगले 2-3 माह में समिति रिपोर्ट, फिर विधेयक।
विपक्ष पर केंद्र सरकार अस्थिर करने का आरोप लगाया।
राज्य ब्यूरो, कोलकाता। बंगाल में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) लागू करने को लेकर मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने बड़ा बयान दिया है। शुभेंदु ने सोमवार शाम एक संवाददाता सम्मेलन के दौरान यूसीसी को लेकर पूछे गए सवाल पर कहा कि इसके लिए अगर रात 12 बजे भी विधानसभा बुलानी पड़े तो बुला लेंगे।
मुख्यमंत्री ने उम्मीद जताई कि अगले दो से तीन महीने में समिति की रिपोर्ट आने के बाद विधानसभा का विशेष सत्र बुलाकर यूसीसी विधेयक पेश किया जाएगा। राज्य की नई भाजपा सरकार ने प्रस्तावित कानून के मसौदे की समीक्षा के लिए पहले ही नौ सदस्यीय उच्चस्तरीय समिति गठित की है। इसके साथ ही राज्य में धार्मिक मतांतरण पर अंकुश लगाने के लिए भी अलग विधेयक लाने की तैयारी है।
यूसीसी लागू होने पर विवाह, तलाक, उत्तराधिकार और गोद लेने जैसे नागरिक मामलों में विभिन्न समुदायों के लिए अलग-अलग व्यक्तिगत कानूनों के स्थान पर समान कानूनी प्रावधान लागू करने का रास्ता खुल सकता है।
विपक्ष पर दिमागी नक्सलियों के साथ मिलकर केंद्र सरकार को अस्थिर करने की साजिश का आरोप
मुख्यमंत्री ने इस दौरान विपक्षी दलों पर भी निशाना साधा। एसआईआर के खिलाफ मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर चल रहे विरोध प्रदर्शनों का उल्लेख करते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्षी दलों के नेता चुनाव में भाजपा को पराजित करने में असमर्थ रहने के कारण केंद्र की निर्वाचित सरकार को निशाना बनाने के लिए कथित तौर पर 'दिमागी नक्सलियों' और राष्ट्रविरोधी ताकतों के साथ मिलकर काम कर रहे हैं।
उन्होंने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआइआर) के विरोध के पीछे 'डीप स्टेट' का हाथ होने का भी आरोप लगाया।
शुभेंदु ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और भाजपा को सत्ता से हटाने के लिए विपक्ष को चुनाव में मुकाबला करना होगा। उन्होंने दावा किया कि भाजपा नेतृत्व ने अपने कार्यकर्ताओं को सड़कों पर उतरने का निर्देश नहीं दिया है और दिल्ली में कानून-व्यवस्था बनाए रखने की जिम्मेदारी पुलिस तथा अर्द्धसैनिक बलों की है।
तृणमूल पर भी साधा निशाना
मुख्यमंत्री ने तृणमूल कांग्रेस पर भी निशाना साधते हुए कहा कि वाममोर्चा शासन के दौरान माकपा के कथित अत्याचारों का विरोध करने के लिए बनी पार्टी अब माकपा महासचिव एमए बेबी के साथ खड़ी दिखाई दे रही है।
उनके अनुसार, इससे तृणमूल कांग्रेस की राजनीतिक पहचान पर सवाल खड़े होते हैं। उन्होंने यह भी दावा किया कि तृणमूल कांग्रेस अपने सांसदों को एकजुट रखने के लिए संघर्ष कर रही है।
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