नंदीग्राम उपचुनाव: कांग्रेस प्रत्याशी मिलन प्रधान को 5 और मामलों में गिरफ्तारी का डर, सुरक्षा के लिए पहुंचे हाई कोर्ट
नंदीग्राम विधानसभा उपचुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी मिलन प्रधान ने पांच और मामलों में गिरफ्तारी की आशंका जताते हुए कलकत्ता हाई कोर्ट का रुख किया है।

नंदीग्राम विधानसभा उपचुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी मिलन प्रधान(फाइल फोटो)

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राज्य ब्यूरो, कोलकाता। बंगाल के नंदीग्राम विधानसभा उपचुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी मिलन प्रधान ने पांच और मामलों में गिरफ्तारी की आशंका जताते हुए कलकत्ता हाई कोर्ट का रुख किया है।
उनके वकील अयन भट्टाचार्य ने सोमवार को न्यायमूर्ति सौगत भट्टाचार्य की अदालत में मामले का उल्लेख किया। अदालत ने याचिका दायर करने की अनुमति देते हुए मंगलवार, 22 सितंबर को सुनवाई तय की है।
मिलन प्रधान को शुक्रवार को पूर्व मेदिनीपुर के चंडीपुर से 2007 के एक पुराने मामले में गिरफ्तार किया गया था। पुलिस के अनुसार, नंदीग्राम आंदोलन के दौरान उनके खिलाफ हत्या समेत कई मामले दर्ज हुए थे। इनमें हत्या, हत्या के प्रयास, हत्या के उद्देश्य से अपहरण, साक्ष्य मिटाने, अनधिकृत प्रवेश और हथियार कानून से जुड़े आरोप शामिल हैं।
पुलिस के अनुसार, तीन प्राथमिकी नंदीग्राम थाने और एक खेजुरी थाने में दर्ज हुई थी। इन मामलों में लंबे समय से गैर-जमानती गिरफ्तारी वारंट लंबित थे। चुनाव आयोग के निर्देश के तहत पुराने वारंटों को लागू करते हुए उनकी गिरफ्तारी की गई।
शनिवार को हल्दिया अनुमंडल अदालत ने उन्हें तीन अक्टूबर तक 14 दिन की जेल हिरासत में भेज दिया था। रविवार को एक और मामला सामने आने के बाद उनके खिलाफ मामलों की संख्या पांच हो गई है।
पांच मामलों में गिरफ्तारी से सुरक्षा की मांग
मिलन के वकील ने हाई कोर्ट में कहा कि एक मामले में गिरफ्तारी हो चुकी है और अब पांच अन्य मामलों में भी उन्हें गिरफ्तार किया जा सकता है। उन्होंने इन मामलों में रक्षाकवच देने की मांग की।
शुक्रवार को ममता तृणमूल की प्रत्याशी संचिता प्रधान दे ने मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी से मुलाकात के बाद चुनाव से हटने की घोषणा की थी। इसके बाद ममता बनर्जी ने नंदीग्राम में कांग्रेस को समर्थन देने की घोषणा की थी। इसके कुछ ही घंटों बाद मिलन की गिरफ्तारी हुई।
