नंदीग्राम से कांग्रेस उम्मीदवार मिलन प्रधान पर 5वां केस दर्ज, पार्टी करेगी कलकत्ता HC का रुख
नंदीग्राम उपचुनाव में कांग्रेस उम्मीदवार मिलन प्रधान पर पांचवां मामला दर्ज किया गया है, जिसके बाद कांग्रेस ने उनकी जमानत के लिए कलकत्ता हाईकोर्ट जाने का फैसला किया है।

नंदीग्राम से कांग्रेस उम्मीदवार मिलन प्रधान पर 5वां केस दर्ज(फोटो: सोशल मीडिया)

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डिजिटल डेस्क, कोलकाता। कांग्रेस के नंदीग्राम उपचुनाव उम्मीदवार मिलन प्रधान पर रविवार को एक और मामला दर्ज किया गया है, जिससे उनके खिलाफ मामलों की कुल संख्या बढ़कर पांच हो गई है। इसके बाद कांग्रेस ने कहा है कि वह प्रधान की जमानत के लिए कलकत्ता हाईकोर्ट का रुख करेगी।
मिलन प्रधान पहले से ही 3 अक्टूबर तक न्यायिक हिरासत में हैं। उन पर भूमि अधिग्रहण आंदोलन के दौरान 2007 में नंदीग्राम पुलिस स्टेशन में हत्या सहित अन्य धाराओं में तीन मामले दर्ज किए गए थे।
शनिवार को खेजुरी पुलिस ने उनके खिलाफ एक चौथे मामले में गिरफ्तारी वारंट पेश किया और रविवार को नंदीग्राम पुलिस ने पांचवां मामला दर्ज कर लिया। प्रधान को सोमवार को कांथी और हल्दिया की अनुमंडल अदालतों में पेश किया जाना है।
कांग्रेस ने लगाया जानबूझकर फंसाने का आरोप
इस स्थिति पर प्रतिक्रिया देते हुए, पश्चिम बंगाल प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता अजितेश पांडे ने कहा कि मिलन प्रधान को जानबूझकर एक के बाद एक कानूनी पचड़ों में फंसाया जा रहा है।
नंदीग्राम उपचुनाव से ठीक पहले उन्हें 19 साल पुराने एक मामले में गिरफ्तार किया गया और पुलिस लगातार नए वारंट ला रही है। हम उनकी जमानत के लिए सोमवार या मंगलवार को कलकत्ता हाईकोर्ट जाएंगे।
पांडे ने आशंका जताते हुए कहा कि जिस तरह से नए मामले दर्ज किए जा रहे हैं, उसे देखते हुए चुनाव से पहले उनका जेल से बाहर आना मुश्किल लग रहा है। उन्होंने सवाल उठाया कि लगभग हर मामले में करीब 40 लोगों को नामजद किया गया था।
पुलिस का दावा है कि वह उनमें से 20 का पता नहीं लगा सकी। बाकी बचे 20 लोगों में से पुलिस को केवल मिलन प्रधान ही कैसे मिल गए?
टीएमसी ने शुभेंदु को घेरने के लिए खोले थे मामले
पांडे ने आगे दावा किया कि मूल शिकायतकर्ताओं ने खुद इन मामलों को वापस लेने की इच्छा जताई थी। 2025 में तृणमूल कांग्रेस ने तत्कालीन नेता प्रतिपक्ष शुभेंदु अधिकारी और उनके करीबियों को निशाना बनाने के लिए इन फाइलों को फिर से खोला था। आज उसी हथियार का इस्तेमाल मिलन के खिलाफ किया जा रहा है।
हाईकोर्ट में क्या होगी कांग्रेस की दलील?
कलकत्ता हाईकोर्ट में पार्टी की संभावित कानूनी रणनीति के बारे में बताते हुए कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता ने कहा कि हम अदालत में पूछेंगे कि घटना के 19 साल बाद प्रधान को गिरफ्तार करने की क्या जरूरत थी?
विशेष रूप से तब, जब उन्होंने हल्दिया एसडीओ कार्यालय में व्यक्तिगत रूप से अपना नामांकन दाखिल किया था और वे नंदीग्राम में सक्रिय रूप से प्रचार कर रहे थे।
नेता ने यह भी कहा कि जांच के लिए बुलाए जाने पर प्रधान कभी भी पुलिस स्टेशन में उपस्थित हो सकते थे, फिर भी पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार करने का विकल्प चुना।
चुनाव प्रचार पर पड़ रहा है असर
कांग्रेस के चुनाव प्रचार पर पड़े इसके प्रभाव के बारे में पांडे ने कहा कि कांग्रेस ने अभी तक नंदीग्राम में अपना प्रचार अभियान शुरू नहीं किया है, क्योंकि कार्यकर्ता फिलहाल कानूनी परेशानियों से निपटने में व्यस्त हैं।
हालांकि, मिलन के चुनाव एजेंट और कार्यकर्ता जल्द ही बूथ-स्तर पर प्रचार के लिए मैदान में उतरेंगे। कांग्रेस इस चुनावी लड़ाई में अपनी पूरी ताकत झोंकेगी।
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